
हरारे: जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे टी20 मैच में 15 साल के ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने एक और तूफानी पारी खेली और भारत को शानदार जीत दिलाई। इस प्रदर्शन के लिए उन्हें 'मैन ऑफ द मैच' और 'मैन ऑफ द सीरीज' दोनों अवॉर्ड मिले। इस जीत के साथ ही भारत ने जिम्बाब्वे दौरे का अंत 3-0 की क्लीन स्वीप के साथ किया। तीसरे मैच में इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने सिर्फ 49 गेंदों पर 8 चौकों और 4 छक्कों की मदद से 81 रन बनाए। यह उनके अंतरराष्ट्रीय टी20 करियर का सबसे बड़ा स्कोर है।
इससे पहले, जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे मैच में वैभव ने सिर्फ 19 गेंदों में फिफ्टी जड़ दी थी। इसके साथ ही वह पुरुषों के टी20 क्रिकेट में हाफ सेंचुरी बनाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए थे। यही नहीं, वह 16 साल का होने से पहले पुरुषों के टी20 इतिहास में एक से ज्यादा फिफ्टी लगाने वाले पहले खिलाड़ी भी बन गए हैं। इस 15 साल के लड़के ने तीन मैचों की सीरीज में 50.33 की औसत और 196.10 की स्ट्राइक रेट से कुल 151 रन बनाए।
यह सीरीज वैभव के लिए एक शानदार वापसी की तरह रही, क्योंकि इंग्लैंड दौरे पर उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था। वहां उन्होंने 14 की औसत से सिर्फ 42 रन बनाए थे। इंग्लैंड की निराशा के बाद उन्होंने जिम्बाब्वे में यह कमाल का प्रदर्शन किया। इस साल की शुरुआत में हरारे में हुए अंडर-19 वर्ल्ड कप में भी वैभव चमके थे। फाइनल में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 175 रन बनाकर भारत को खिताब जिताया था और 'टूर्नामेंट के बेस्ट प्लेयर' भी चुने गए थे। हरारे में खेलने का यही पुराना अनुभव और आत्मविश्वास सीनियर टीम के लिए भी उनके काम आया।
मैच के बाद वैभव सूर्यवंशी ने अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा, ''यह एक सपने जैसा है। मुझे अपना पहला 'मैन ऑफ द मैच' और 'मैन ऑफ द सीरीज' अवॉर्ड मिला है, जिससे मैं बहुत खुश हूं। मैंने तीनों मैचों में टीम को अच्छी शुरुआत देने की कोशिश की। मेरा लक्ष्य यही था कि अगर शुरुआत अच्छी मिले तो उसे एक बड़ी पारी में बदलूं।'' वैभव ने यह भी बताया कि उन्हें कप्तान, कोच और टीम के बाकी साथियों का पूरा सपोर्ट मिला और उन्हें हरारे में खेलना बहुत पसंद है।