दलीप ट्रॉफी 2026: क्या टॉस से तय होगा फाइनलिस्ट? जानिए BCCI का पूरा नियम

Published : Sep 01, 2026, 08:45 AM IST
Duleep Trophy Toss Rule

सार

Duleep Trophy 2026 Rules: दलीप ट्रॉफी 2026 के पहले सेमीफाइनल में ईस्ट जोन और सेंट्रल जोन ने पहली पारी में 266-266 रन बनाए। ऐसे में अगर मुकाबला ड्रॉ रहता है तो फाइनलिस्ट का फैसला टॉस से हो सकता है। जानिए बीसीसीआई का पूरा नियम।

East Zone vs Central Zone: दलीप ट्रॉफी 2026 के पहले सेमीफाइनल में ईस्ट जोन और सेंट्रल जोन के बीच मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया है। दोनों टीमों ने अपनी पहली पारी में 266-266 रन बनाए। यानी किसी भी टीम को पहली पारी में बढ़त नहीं मिली। ऐसे में अगर यह मुकाबला ड्रॉ रहता है, तो फाइनल में पहुंचने वाली टीम का फैसला एक खास नियम के तहत टॉस से किया जा सकता है। आइए जानते हैं इस अनोखे नियम के बारे में।

ड्रॉ होने पर कैसे तय होगा फाइनलिस्ट

आमतौर पर घरेलू रेड-बॉल क्रिकेट के नॉकआउट मुकाबलों में अगर मैच ड्रॉ हो जाता है, तो पहली पारी में बढ़त लेने वाली टीम को विजेता मानकर फाइनल में भेजा जाता है। लेकिन इस मुकाबले में दोनों टीमों का पहली पारी का स्कोर बिल्कुल बराबर रहा। इसलिए पहली पारी में बढ़त वाला नियम यहां लागू नहीं होगा।

क्या है औसत स्कोर का नियम?

बीसीसीआई के नियमों के अनुसार, अगर पहली पारी बराबर रहती है तो औसत स्कोर (Average Score Rule) लागू किया जा सकता है। इसमें टीम के बनाए गए कुल रनों को गिरे हुए विकेटों से भाग देकर औसत निकाला जाता है। हालांकि, इस नियम के लागू होने के लिए दूसरी बल्लेबाजी करने वाली टीम का कम से कम 60 ओवर खेलना जरूरी होता है। लेकिन ईस्ट जोन की टीम 60 ओवर पूरे होने से पहले ही ऑलआउट हो गई। इसलिए इस मैच में औसत स्कोर का नियम भी लागू नहीं होगा।

अब टॉस से हो सकता है फैसला

अगर चौथी पारी खत्म होने तक कोई भी टीम बढ़त हासिल नहीं कर पाती और मुकाबला ड्रॉ रहता है, तो फाइनल में पहुंचने वाली टीम का फैसला टॉस के जरिए किया जाएगा। दोनों टीमों के कप्तानों के बीच सिक्का उछाला जाएगा और जो टीम टॉस जीतेगी, वही दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में जगह बनाएगी। क्रिकेट में ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है, लेकिन बीसीसीआई के घरेलू टूर्नामेंट के नियमों में इसकी व्यवस्था मौजूद है।

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पहले भी हो चुका है ऐसा

यह पहली बार नहीं होगा जब दलीप ट्रॉफी में टॉस के जरिए फाइनलिस्ट चुना जाएगा। इससे पहले 2013-14 सीजन के सेमीफाइनल में भी ऐसा हुआ था। उस समय नॉर्थ जोन और ईस्ट जोन के बीच मुकाबला लगातार बारिश और गीली आउटफील्ड की वजह से पूरा नहीं हो सका था। पहली पारी भी पूरी नहीं हो पाई थी। ऐसे में अंपायरों ने बीसीसीआई के नियमों के तहत टॉस कराया। उस टॉस में हरभजन सिंह की कप्तानी वाली नॉर्थ जोन ने जीत हासिल की और फाइनल में जगह बनाई। अब एक बार फिर दलीप ट्रॉफी में ऐसा रेयर नजारा देखने को मिल सकता है। अगर ईस्ट जोन और सेंट्रल जोन के बीच मुकाबले का नतीजा नहीं निकलता, तो फाइनल का टिकट बल्लेबाजी या गेंदबाजी से नहीं, बल्कि किस्मत के सिक्के से तय होगा।

दलीप ट्रॉफी 2026 को लेकर पूछे जाने वाले सवाल

1. दलीप ट्रॉफी 2026 के सेमीफाइनल में टॉस की नौबत क्यों आ सकती है?

दोनों टीमों ने पहली पारी में 266-266 रन बनाए हैं और अगर मैच ड्रॉ रहता है तो सामान्य नियम लागू नहीं होंगे। ऐसे में टॉस से फाइनलिस्ट तय किया जा सकता है।

2. औसत स्कोर का नियम क्या है?

इस नियम में टीम के कुल रनों को गिरे हुए विकेटों से भाग देकर औसत निकाला जाता है। यह नियम तभी लागू होता है, जब दूसरी बल्लेबाजी करने वाली टीम कम से कम 60 ओवर खेल चुकी हो।

3. क्या पहले भी दलीप ट्रॉफी में टॉस से फाइनलिस्ट चुना गया है?

हां, 2013-14 सीजन के सेमीफाइनल में बारिश के कारण मैच पूरा नहीं हो पाया था। तब बीसीसीआई के नियमों के तहत टॉस कराया गया था और नॉर्थ जोन फाइनल में पहुंचा था।

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