IND vs NZ: न्यूजीलैंड T20I सीरीज के बाद इरफान पठान ने BCCI के चयन पर सवाल उठाए। उन्होंने भुवनेश्वर कुमार की जगह मयंक यादव और प्रिंस यादव को मौका देने की बात कही।
Irfan Pathan on Bhuvneshwar Kumar: न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की T20I सीरीज के बाद भारतीय टीम का माहौल बहुत खुशी भरा नहीं रहा। श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम ने शुरुआती तीन मुकाबलों में जीत हासिल की, लेकिन आखिरी दो मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा। अब सीरीज में टीम इंडिया की परफॉर्मेंस का एनालिसिस किया जा रहा है। इसी बीच, 2007 T20 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के चयनकर्ताओं के फैसले पर सवाल उठाए हैं।
इरफान पठान ने अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को टीम में शामिल करने पर नाराजगी जताई। भुवनेश्वर करीब 4 साल के लंबे अंतराल के बाद राष्ट्रीय टीम में लौटे थे, लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की T20I सीरीज में वह खास प्रभाव नहीं छोड़ सके। इरफान के मुताबिक, जब T20 वर्ल्ड कप अभी काफी दूर है, तब भुवनेश्वर को टीम में शामिल करना सही फैसला नहीं था।
इरफान पठान ने बताया सिलेक्टर्स से कहां हुई गलती
इरफान पठान ने अपने यूट्यूब चैनल पर जारी वीडियो में कहा कि भुवनेश्वर कुमार अच्छे गेंदबाज और अनुभवी खिलाड़ी हैं। उनकी क्षमता पर कोई संदेह नहीं है, लेकिन उनके चयन का समय सही नहीं था।
इरफान ने कहा, "मेरी राय में चयनकर्ताओं से कहां गलती हुई? उन्होंने इस सीरीज में भुवनेश्वर कुमार को खिलाकर गलती की। इसमें कोई शक नहीं कि भुवनेश्वर एक अच्छे गेंदबाज और सीनियर खिलाड़ी हैं। लेकिन जब T20 वर्ल्ड कप अभी बहुत दूर है, तब उन्हें खिलाना समझदारी नहीं थी।
अगर आप भुवनेश्वर को 50 ओवर वाले वर्ल्ड कप के लिए तैयार कर रहे होते, जो कि ज्यादा करीब है तो यह फैसला समझ में आता।"
मयंक यादव और प्रिंस यादव को मिल सकता था मौका
इरफान पठान का मानना है कि भुवनेश्वर कुमार को टीम में शामिल करने से युवा तेज गेंदबाजों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अनुभव देने का मौका हाथ से निकल गया। उनके अनुसार, मयंक यादव और प्रिंस यादव जैसे खिलाड़ियों को न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में खेलने का अवसर मिल सकता था।
उन्होंने कहा, "इस सीरीज में उन्हें शामिल करके आपने युवा तेज गेंदबाजों को मौका देने का अवसर गंवा दिया। उनकी जगह कोई युवा खिलाड़ी खेल सकता था और उसे कीमती अनुभव मिल सकता था।
मयंक सभी मैच खेल सकते थे और उन्हें अच्छा अनुभव मिलता। साथ ही प्रिंस यादव को भी खेलने का मौका मिल सकता था।"
इरफान ने आगे कहा कि भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड की धरती पर अपने युवा तेज गेंदबाजों को अनुभव दिलाने का बेहतरीन मौका गंवा दिया।
भुवनेश्वर कुमार की काबिलियत पर नहीं उठाया सवाल
इरफान पठान ने स्पष्ट किया कि उनकी आलोचना भुवनेश्वर कुमार की गेंदबाजी क्षमता को लेकर नहीं है। उन्होंने माना कि भुवनेश्वर ने शुरुआती दो ओवरों में अच्छी गेंदबाजी की थी, लेकिन पावरप्ले के आखिरी ओवर में वह रन रोकने में सफल नहीं रहे।
इरफान ने कहा, "मैं ऐसा इसलिए नहीं कह रहा हूं कि भुवनेश्वर ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया। उनकी किस्मत थोड़ी खराब रही। उन्होंने अपने पहले दो ओवरों में अच्छी गेंदबाजी की, लेकिन बाद में पावरप्ले का आखिरी ओवर डालते समय रन लुटा दिए। ऐसा किसी भी खिलाड़ी के साथ हो सकता है। उनकी काबिलियत पर कोई सवाल ही नहीं है।"
युवा तेज गेंदबाजों को तैयार करने पर दिया जोर
इरफान पठान के मुताबिक, अब चयनकर्ताओं को 36 वर्षीय भुवनेश्वर कुमार को वापस बुलाने के बजाय मयंक यादव, प्रिंस यादव और अन्य युवा तेज गेंदबाजों पर भरोसा जताना चाहिए।
उन्होंने कहा कि युवा गेंदबाजों को तैयार करने के लिए उन्हें लगातार मौके देना जरूरी है। ऐसी पिचों पर खेलने का अनुभव भी मिलना चाहिए, जहां गलती की गुंजाइश बहुत कम होती है।
इरफान ने सवाल उठाया कि क्या यह किसी युवा तेज गेंदबाज के लिए बेहतर अवसर नहीं होता? उन्होंने कहा कि बिल्कुल होता। उनके अनुसार, भारतीय टीम के भविष्य के लिए युवा गेंदबाजों को सही समय पर मौका देना बेहद जरूरी है।