
लंदन: इंग्लैंड क्रिकेट टीम के स्टार खिलाड़ी जोस बटलर ने भारत की अंडर-19 टीम और IPL में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलने वाले युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की है। बटलर ने कहा कि सिर्फ 14 साल का वैभव, अब तक का सबसे बेहतरीन युवा खिलाड़ी है जिसे उन्होंने देखा है। 'फॉर द लव ऑफ क्रिकेट' नाम के एक पॉडकास्ट में बात करते हुए उन्होंने कहा कि अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ वैभव ने जिस तरह से खेला, वह वाकई हैरान करने वाला था।
6 फरवरी को हरारे में हुए अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल मैच में बिहार के 14 साल के वैभव ने इंग्लैंड के खिलाफ सिर्फ 80 गेंदों में 175 रन ठोक दिए थे। उनकी इस तूफानी पारी में 15 चौके और 15 छक्के शामिल थे। बटलर ने कहा, "मैं वह मैच टीवी पर देख रहा था। उसका हर एक शॉट अविश्वसनीय था। 14 साल की उम्र में कोई ऐसा खेल सकता है, इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। अगर वह अभी ऐसा है, तो 16 या 20 साल की उम्र में क्या होगा? सचिन तेंदुलकर ने 16 साल की उम्र में डेब्यू किया था। तब इतना सोशल मीडिया नहीं था। लेकिन वैभव ने अभी से ही सबका ध्यान खींच लिया है।"
सिर्फ अंडर-19 वर्ल्ड कप ही नहीं, वैभव ने IPL में भी अपनी काबिलियत साबित की है। 2025 के IPL में राजस्थान रॉयल्स के लिए डेब्यू करते हुए वैभव ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ सिर्फ 35 गेंदों में शतक जड़कर रिकॉर्ड बना दिया। यह IPL इतिहास में किसी भारतीय खिलाड़ी का सबसे तेज शतक था। बटलर ने यह भी कहा कि जिस तरह वैभव ने अश्विन और जडेजा जैसे सीनियर स्पिनरों का एक अनुभवी खिलाड़ी की तरह सामना किया, उसे देखकर वह हैरान रह गए।
जब भारत ने छठी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप जीता, तो वैभव को 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' का अवॉर्ड मिला था। उन्होंने सात पारियों में कुल 439 रन बनाए थे। इसमें फाइनल में बनाए गए 175 रन, वर्ल्ड कप फाइनल के इतिहास में सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है।
* IPL: गुजरात टाइटंस के खिलाफ 38 गेंदों में 101 रन
* अंडर-19 यूथ टेस्ट: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 62 गेंदों में 104 रन
* एशिया कप राइजिंग स्टार्स T20: 42 गेंदों में 144 रन
* अंडर-19 एशिया कप: UAE के खिलाफ 95 गेंदों में 171 रन
* सैयद मुश्ताक अली T20: महाराष्ट्र के खिलाफ 61 गेंदों में 108* रन
* विजय हजारे ट्रॉफी: अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ 84 गेंदों में 190 रन
* अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल: इंग्लैंड के खिलाफ 80 गेंदों में 175 रन
BCCI के नियमों के मुताबिक, जो खिलाड़ी एक बार अंडर-19 वर्ल्ड कप खेल चुका है, वह दोबारा इसमें हिस्सा नहीं ले सकता। यह नियम इसलिए बनाया गया है ताकि नए युवा खिलाड़ियों को मौका मिल सके और युवा खिलाड़ी सिर्फ अंडर-19 लेवल पर ही न रहकर सीनियर लेवल तक पहुंचें। BCCI ने यह नियम 2016 में राहुल द्रविड़ की सलाह पर बनाया था।