
श्रीलंका के पूर्व कप्तान और महान बल्लेबाज कुमार संगकारा ने T20 वर्ल्ड कप 2026 से अपनी टीम के बाहर होने पर गहरी निराशा जताई है। बुधवार, 25 फरवरी को कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में हुए सुपर 8 मुकाबले में न्यूजीलैंड ने श्रीलंका को 61 रनों से हरा दिया, जिसके बाद दसुन शनाका की कप्तानी वाली टीम का सफर खत्म हो गया। 169 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका की टीम दबाव में बिखर गई और 20 ओवर में 8 विकेट पर सिर्फ 107 रन ही बना सकी। मेजबान टीम की हालत इतनी खराब थी कि 10.3 ओवर में 46 रन पर ही आधी टीम पवेलियन लौट चुकी थी। 15 ओवर तक स्कोर 77/7 हो गया था। इस हार के साथ ही टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई। इससे पहले श्रीलंका को इंग्लैंड से भी हार मिली थी, जिसके बाद ही टीम पर बाहर होने का खतरा मंडराने लगा था।
श्रीलंका के लिए सिर्फ कमिंदु मेंडिस (31) और दुनिथ वेल्लालागे (29) ही थोड़ा संघर्ष कर पाए, लेकिन उनकी कोशिशें न्यूजीलैंड की कसी हुई गेंदबाजी के सामने नाकाफी साबित हुईं।
सुपर 8 में लगातार दो हार के बाद T20 वर्ल्ड कप से बाहर होने पर कुमार संगकारा अपनी निराशा नहीं छिपा सके। उन्होंने टीम के इस अहम पड़ाव पर खराब प्रदर्शन की कड़ी आलोचना की। संगकारा ने X (पहले ट्विटर) पर लिखा कि इस हार से खिलाड़ी और फैंस, दोनों ही बहुत दुखी हैं।
संगकारा ने लिखा, "चारों तरफ बहुत दर्द है। फैंस तबाह, निराश और गुस्से में हैं। खिलाड़ी भी बहुत बुरी तरह आहत हैं। मैं भी ऐसे ड्रेसिंग रूम का हिस्सा रहा हूं। यह आसान नहीं होता। लेकिन यह जिम्मेदारी आपके काम का हिस्सा है। अपने देश का प्रतिनिधित्व करना एक बोझ भी है और एक बड़ा सम्मान भी।"
बता दें कि 2014 में अपना आखिरी T20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद से श्रीलंका की टीम कभी भी सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच पाई है। यह टीम के सुनहरे दौर के बाद आई एक लंबी गिरावट को दिखाता है। कुमार संगकारा श्रीलंका की उस गोल्डन जेनरेशन का हिस्सा थे, जो 2009 से 2014 के बीच लगातार चार बार सेमीफाइनल में पहुंची थी और 2014 में खिताब भी जीता था।
श्रीलंका के निराशाजनक अभियान पर आगे बात करते हुए संगकारा ने जोर देकर कहा कि टीम को मॉडर्न T20 क्रिकेट की जरूरतों के हिसाब से बदलना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर वही गलतियां दोहराई गईं तो पूर्व चैंपियन टीम को कोई पूछेगा भी नहीं।
पूर्व श्रीलंकाई कप्तान ने कहा, "हर स्तर पर सुधार के लिए बहुत काम करने की जरूरत है। हम बार-बार वही चीजें करके अलग नतीजों की उम्मीद नहीं कर सकते, जबकि हमारे चारों ओर क्रिकेट की दुनिया इतनी तेजी से बदल गई है। हमने खुद को नहीं बदला है, और खतरा यह है कि हम अप्रासंगिक हो जाएंगे।"
श्रीलंका का दूसरा T20 वर्ल्ड कप जीतने का सपना तो अब खत्म हो गया है, लेकिन टीम चाहेगी कि वह अपने अभियान का अंत जीत के साथ करे। शनिवार, 28 फरवरी को कैंडी के पल्लेकेले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में उनका आखिरी सुपर 8 मैच पाकिस्तान से होगा। हालांकि, अब पाकिस्तान को सेमीफाइनल की उम्मीद बनाए रखने के लिए श्रीलंका के खिलाफ एक बड़ी जीत दर्ज करनी होगी। साथ ही उन्हें यह भी दुआ करनी होगी कि इंग्लैंड, न्यूजीलैंड को हरा दे, जिसके बाद नेट रन रेट के आधार पर इंग्लैंड के साथ सेमीफाइनल में जाने वाली दूसरी टीम का फैसला होगा।