इंडिया A और श्रीलंका A मैच में विवाद क्यों हुआ? सुपर ओवर से पहले तिलक वर्मा अंपायरों से क्या बात कर रहे थे? तिलक वर्मा ने सुपर ओवर कराने की मांग क्यों की? नो-बॉल के फैसले पर तिलक वर्मा क्यों नाराज हुए? सुपर ओवर के दौरान क्या हुआ था? वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंकाई खिलाड़ियों के बीच क्या हुआ?
Vaibhav Suryavanshi Fight with Sri Lanka Players: डाम्बुला इंटरनेशनल स्टेडियम में इंडिया A और श्रीलंका A के बीच खेले गए ट्राई-सीरीज मुकाबले का अंत काफी विवादित रहा। मैच में रोमांच अपने चरम पर था, लेकिन अंत में यह मुकाबला बहस, लंबी चर्चाओं और खिलाड़ियों के बीच तीखी नोकझोंक के की वजह से चर्चा में आ गया। मैच टाई रहने के बाद श्रीलंका A ने सुपर ओवर में जीत दर्ज की। इस जीत के साथ मेजबान टीम पॉइंट्स टेबल में टॉप पर तो पहुंची ही, साथ ही फाइनल में जगह बनाने के काफी करीब पहुंच गई। हालांकि, मुकाबले की सबसे बड़ी चर्चा सुपर ओवर और उसके आसपास हुए विवाद रहे।

श्रीलंकाई प्लेयर से भिड़े सूर्यवंशी
श्रीलंका-ए ने दांबुला में सोमवार को खेले गए मुकाबले में इंडिया-ए को सुपर ओवर में हराया। श्रीलंका की टीम ने ने सुपर ओवर में 16 रन बनाए, लेकिन जवाब में भारत 10 रन ही बना सका। इससे पहले, इंडिया-ए 49.2 ओवर में 265 रन पर ऑलआउट हो गई। जवाब में श्रीलंका-ए भी 50 ओवर में 265 रन ही बना सकी। मैच के बाद वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंकाई खिलाड़ियों के बीच जमकर बहस हुई। इस दौरान सूर्यवंशी ने एक श्रीलंकाई खिलाड़ी को धक्का भी दे दिया।
सुपर ओवर कराने को लेकर शुरू हुआ विवाद
ड्रामा सुपर ओवर शुरू होने से पहले ही शुरू हो गया था। मैच के दौरान रोशनी कम होने की चिंता थी और अधिकारियों के सामने यह सवाल था कि क्या सुपर ओवर कराया जाना चाहिए या नहीं। श्रीलंका A ने आखिरी गेंद पर रोमांचक अंदाज में इंडिया A के 265 रनों के स्कोर की बराबरी कर ली थी। इसके बाद इंडिया A के कप्तान तिलक वर्मा तुरंत मैदान पर मौजूद अंपायरों के पास पहुंचे। उन्होंने सुपर ओवर कराने की जोरदार पैरवी की। इस मुद्दे पर अंपायरों और खिलाड़ियों के बीच लंबी बातचीत हुई। कुछ समय बाद इंडिया A के अन्य खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ के सदस्य भी चर्चा में शामिल हो गए। आखिरकार अधिकारियों ने सुपर ओवर कराने का फैसला लिया।
नो-बॉल फैसले पर फिर भड़के तिलक वर्मा
सुपर ओवर के दौरान भी विवाद खत्म नहीं हुआ। श्रीलंका A की बल्लेबाजी समाप्त होने के बाद तिलक वर्मा एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गए। दरअसल, अरशद खान ने सुपर ओवर की आखिरी गेंद कमर की ऊंचाई के आसपास फुल टॉस फेंकी थी। उस गेंद पर श्रीलंका A कोई रन नहीं बना सकी थी और खिलाड़ी मैदान से बाहर जाने लगे थे। इसी बीच अंपायरों ने उस गेंद को नो-बॉल घोषित कर दिया। यह फैसला आते ही तिलक वर्मा फिर अधिकारियों के पास पहुंचे और उन्होंने फैसले को लेकर स्पष्टीकरण मांगा। इस मामले पर भी काफी देर तक बातचीत चली, जिससे मैदान का तनाव और बढ़ गया।
वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंकाई खिलाड़ियों के बीच नोकझोंक
मैच खत्म होने के बाद भी विवाद थमा नहीं। सुपर ओवर में इंडिया A की ओर से बल्लेबाजी करने उतरे वैभव सूर्यवंशी केवल दो गेंदों में पांच रन ही बना सके। हार के बाद युवा बल्लेबाज काफी निराश नजर आए। जब वे मैदान से बाहर जा रहे थे, तब जश्न मना रहे श्रीलंकाई खिलाड़ियों के बीच कुछ कहासुनी हो गई। टीवी फुटेज में देखा गया कि वैभव का एक श्रीलंकाई खिलाड़ी से संपर्क हुआ, जिसके बाद कुछ अन्य खिलाड़ी भी वहां पहुंच गए। इस दौरान हल्की धक्का-मुक्की और बहस की स्थिति बन गई। 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी बाद में भी मैदान से बाहर जाते समय कुछ श्रीलंकाई खिलाड़ियों से बातचीत और बहस करते दिखाई दिए।
सुयांश शेडगे और विपराज निगम ने संभाली इंडिया A की पारी
मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए इंडिया A की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। टीम 143 रन पर 7 विकेट गंवाकर मुश्किल स्थिति में पहुंच गई थी। ऐसे समय में सुयांश शेडगे और विपराज निगम ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए आठवें विकेट के लिए 104 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। दोनों बल्लेबाजों की इस साझेदारी ने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया और इंडिया A का स्कोर 265 रन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
विपराज निगम की गलती आखिर में पड़ी भारी
हालांकि शानदार बल्लेबाजी के बावजूद विपराज निगम की एक गलती मैच में अहम साबित हुई। बल्लेबाजी के दौरान उन्होंने पिच के प्रोटेक्टेड एरिया नियम का उल्लंघन किया था। इस वजह से इंडिया A पर कुल 10 रन की पेनल्टी लगी और ये रन श्रीलंका A के खाते में जोड़ दिए गए। बाद में जब मुकाबला टाई हुआ तो यही 10 रन मैच के संदर्भ में बेहद महत्वपूर्ण साबित हुए।
सदीरा समरविक्रमा ने खेली मैच जिताऊ पारी
लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका A की ओर से सदीरा समरविक्रमा ने शानदार बल्लेबाजी की। उन्होंने 93 रन की महत्वपूर्ण पारी खेलकर टीम को मुकाबले में बनाए रखा। वहीं, आखिरी ओवर में अर्शद खान की प्रभावशाली गेंदबाजी ने मैच को सुपर ओवर तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई।


