
मुंबईः एक और सीजन खत्म, और मुंबई इंडियंस के हाथ फिर खाली। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ हार के साथ ही सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई है। लेकिन यह सिर्फ एक हार नहीं है, बल्कि यह मुंबई इंडियंस के इतिहास का सबसे बुरा दौर है। 2008 में IPL शुरू होने के बाद से ऐसा पहली बार हुआ है कि टीम लगातार 6 सीजन तक खिताब नहीं जीत पाई है।
मुंबई ने अपना आखिरी खिताब 2020 में रोहित शर्मा की कप्तानी में जीता था। तब फाइनल में दिल्ली कैपिटल्स को हराकर टीम पांचवीं बार चैंपियन बनी थी।
उसके बाद से टीम का प्रदर्शन कुछ ऐसा रहा है: 2021 में पांचवें, 2022 में दसवें और 2023 में प्लेऑफ तक पहुंची। 2024 में हार्दिक की कप्तानी में फिर दसवें स्थान पर रही, 2025 में प्लेऑफ खेली और अब 2026 में नौवें स्थान पर रहकर बाहर हो गई है। यानी पूरे 6 सीजन बिना फाइनल खेले और बिना ट्रॉफी के।
इससे पहले मुंबई इंडियंस को खिताब के लिए इतना लंबा इंतजार IPL के शुरुआती सालों में करना पड़ा था। 2008 से 2012 तक, यानी पांच साल तक टीम ट्रॉफी नहीं जीत पाई थी। इस सूखे को 2013 में रोहित शर्मा ने ही खत्म किया था, जब उन्होंने टीम को पहला IPL खिताब जिताया।