
Vaibhav Sooryavanshi Messi Maradona Club: खेल की दुनिया में कुछ नाम ऐसे होते हैं, जो बहुत कम उम्र में ही इतिहास लिख देते हैं। फुटबॉल में मेसी और माराडोना, बॉक्सिंग में मोहम्मद अली, टेनिस में हिंगिस और बेकर, इन सबने टीनएज में ही वो कर दिखाया जो बड़े-बड़े खिलाड़ी सालों में नहीं कर पाते। अब इसी लिस्ट में एक नया नाम जुड़ गया है, भारत के 15 साल के वैभव सूर्यवंशी। वैभव ने शनिवार, 4 जुलाई 2026 को इंग्लैंड के खिलाफ भारत के लिए अपना पहला इंटरनेशनल मैच खेला। सिर्फ 15 साल की उम्र में यह उपलब्धि हासिल करके वह भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए। उनकी उम्र इतनी कम है कि उन्हें दुनिया के उन चुनिंदा खिलाड़ियों की लिस्ट में रखा जा रहा है, जिन्होंने बहुत छोटी उम्र में बड़े मंच पर कमाल किया।
लियोनेल मेसी (Lionel Messi)
फुटबॉल के दिग्गज खिलाड़ी लियोनेल मेसी ने सिर्फ 17 साल की उम्र में बार्सिलोना के लिए ला-लीगा में डेब्यू किया था। इसके अगले ही साल, 18 साल की उम्र में उन्होंने 6 गोल करके 2005 फीफा अंडर-20 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा गोल करने का खिताब भी अपने नाम कर लिया था।
मोहम्मद अली (Muhammad Ali)
बॉक्सिंग में बड़ा नाम मोहम्मद अली ने तो और भी कम उम्र में कमाल किया। 1960 में सिर्फ 18 साल की उम्र में उन्होंने ओलंपिक में लाइट हैवीवेट कैटेगरी का गोल्ड मेडल जीत लिया था। उनका एमेच्योर करियर रिकॉर्ड भी शानदार था। उन्होंने 100 जीत और सिर्फ 5 हार देखा था।
मार्टिना हिंगिस (Martina Hingis)
टेनिस प्लेयर मार्टिना हिंगिस का रिकॉर्ड तो और भी हैरान करने वाला है। सिर्फ 15 साल की उम्र में उन्होंने विंबलडन डबल्स जीतकर इतिहास की सबसे युवा ग्रैंड स्लैम चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। अगले ही साल, 16 साल की उम्र में उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई ओपन सिंगल्स भी जीता और दुनिया की सबसे युवा नंबर-1 टेनिस खिलाड़ी बन गईं।
बोरिस बेकर (Boris Becker)
एक और टेनिस प्लेयर बोरिस बेकर ने साल 1985 में 17 साल 227 दिन की उम्र में विंबलडन का मेंस सिंगल्स खिताब जीता था। खास बात यह है कि वह इस टूर्नामेंट के इतिहास में बिना वरीयता के यह खिताब जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने थे।
डिएगो माराडोना (Diego Maradona)
फुटबॉल के दिग्गज खिलाड़ी माराडोना भी इस लिस्ट में पीछे नहीं हैं। महज 16 साल की उम्र में वह अर्जेंटीना के लिए खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए थे और 1979 में 18 साल की उम्र में उन्होंने अंडर-20 वर्ल्ड कप भी जिता दिया था।
इन सभी दिग्गजों में एक बात कॉमन है। सबने अपनी-अपनी फील्ड में बहुत ही कम उम्र में वह कर दिखाया, जिसे करने में आमतौर पर सालों की मेहनत और अनुभव लगता है। वैभव सूर्यवंशी की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। महज 15 साल 99 दिन की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट तक पहुंचना, वह भी भारत जैसी टीम के लिए जहां कॉम्पिटिशन बेहद कड़ा माना जाता है, यह अपने आप में एक बड़ी बात है। जिस तरह मेसी और माराडोना ने फुटबॉल में, हिंगिस और बेकर ने टेनिस में और मोहम्मद अली ने बॉक्सिंग में अपनी उम्र से कहीं आगे का खेल दिखाया था, ठीक उसी तरह वैभव भी क्रिकेट की दुनिया में अपनी उम्र से आगे निकलकर खेल रहे हैं।
Vaibhav Sooryavanshi is ready 😎
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भारत में सबसे कम उम्र में देश के लिए खेलने का रिकॉर्ड अब तक 'क्रिकेट के भगवान' सचिन तेंदुलकर और महिला टीम की धाकड़ ओपनर शेफाली वर्मा के नाम था। लेकिन वैभव ने इन दोनों महान खिलाड़ियों को काफी पीछे छोड़ दिया है। वैभव सूर्यवंशी 15 साल 99 दिन में खेलकर नया रिकॉर्ड बनाया है। शेफाली वर्मा ने 15 साल 239 दिन की उम्र में डेब्यू किया था। वहीं, सचिन तेंदुलकर जब पहली बार इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने उतरे थे, तब उनकी उम्र 16 साल 205 दिन थी। वैभव सिर्फ भारत के लिए खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी ही नहीं बने, बल्कि करीब एक महीने पहले जब उनका सिलेक्शन हुआ था, तब वह मात्र 15 साल 71 दिन के थे। उस वक्त भी उन्होंने सबसे कम उम्र में टीम इंडिया में चुने जाने का सचिन का रिकॉर्ड तोड़ा था।
इंग्लैंड के खिलाफ अपने पहले मैच में जब वह बैटिंग करने उतरे, तो उनके सामने इंग्लैंड के सबसे खतरनाक तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर खड़े थे। लेकिन वैभव बिना डरे खेले। उन्होंने अपनी 10 गेंदों की छोटी सी पारी में 14 रन बनाए, जिसमें 2 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। उन्होंने एक छक्का जोफ्रा आर्चर और दूसरा जोश टंग की गेंद पर मारा। हालांकि, वह विल जैक्स की गेंद पर स्टंप आउट हो गए, लेकिन अपनी निडर बैटिंग से उन्होंने सबका दिल जीत लिया।