केन विलियमसन के रिटायरमेंट पर भावुक हुए विराट कोहली, दोस्त को लेकर लिखी दिल छू लेने वाली पोस्ट

Published : Jun 12, 2026, 08:38 PM IST
virat kohli on kane willamson retirement

सार

न्यूज़ीलैंड के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी कैसे बने केन विलियमसन? केन विलियमसन ने अपने करियर में कुल कितने इंटरनेशनल रन बनाए? टेस्ट क्रिकेट में केन विलियमसन के नाम कितने रन और शतक हैं? क्या केन विलियमसन 10,000 टेस्ट रन का आंकड़ा छूने से चूक गए?

Kane Williamson Retirement: न्यूजीलैंड के दिग्गज बल्लेबाज केन विलियमसन ने शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से तत्काल प्रभाव से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया। उनके इस फैसले के साथ ही 16 साल लंबा शानदार इंटरनेशनल करियर समाप्त हो गया। इस दौरान उन्होंने खुद को आधुनिक क्रिकेट के सबसे बेहतरीन बल्लेबाज़ों में शामिल किया और न्यूज़ीलैंड के सबसे सफल क्रिकेटरों में अपनी जगह बनाई। उनके रिटायरमेंट की घोषणा के बाद दुनियाभर के क्रिकेटरों और फैंस ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। इसी कड़ी में भारत के पूर्व कप्तान विराट कोहली ने भी अपने पुराने प्रतिद्वंद्वी और करीबी दोस्त के लिए भावुक संदेश साझा किया।

विराट कोहली ने शेयर किया दिल छू लेने वाला संदेश

केन विलियमसन के संन्यास के बाद विराट कोहली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक भावनात्मक पोस्ट लिखी। उन्होंने वर्षों तक मैदान पर चली प्रतिद्वंद्विता और उसके बाद बनी दोस्ती को याद किया। कोहली ने लिखा कि एक प्रतिद्वंद्वी से दोस्त बनने तक का सफर बेहद खास रहा। उन्होंने कहा कि इतने वर्षों तक विलियमसन को बल्लेबाज़ी करते देखना और उनके खिलाफ खेलना शानदार अनुभव रहा, लेकिन उससे भी ज्यादा उनकी दोस्ती और खेल के प्रति साझा सोच की वह कद्र करते हैं। विराट ने आगे कहा कि उनके बीच हुई हर बातचीत और मुलाकात उनके लिए यादगार रहेगी। उन्होंने विलियमसन को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्होंने अपने करियर में जो हासिल करना था, वह कर लिया है और अब उन्हें जीवन का आनंद लेना चाहिए।

फैब फोर के दो महान बल्लेबाजों की दोस्ती

विराट कोहली और केन विलियमसन पिछले एक दशक से क्रिकेट जगत की मशहूर 'फैब फोर' पीढ़ी का हिस्सा रहे हैं। इस समूह में ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ और इंग्लैंड के जो रूट भी शामिल हैं। इन चारों खिलाड़ियों ने पिछले कई वर्षों तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन किया और अपनी बल्लेबाज़ी, नेतृत्व क्षमता तथा खेल भावना के कारण दुनिया भर में सम्मान हासिल किया। विलियमसन को अक्सर उनकी शांत नेतृत्व शैली, निरंतर प्रदर्शन और बड़े मुकाबलों में योगदान के लिए सराहा जाता रहा है।

10,000 टेस्ट रन के करीब पहुंचकर खत्म हुआ दोनों का करियर

दिलचस्प बात यह रही कि विराट कोहली और केन विलियमसन दोनों ही टेस्ट क्रिकेट में 10,000 रन के ऐतिहासिक आंकड़े तक पहुंचने से पहले ही रिटायर हो गए। केन विलियमसन ने 110 टेस्ट मैचों में 54.06 की शानदार औसत से 9,515 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 33 शतक और छह दोहरे शतक लगाए। वहीं विराट कोहली, जिन्होंने 2025 में टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा था, ने 123 टेस्ट मैचों में 46.85 की औसत से 9,230 रन बनाए। उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में 30 शतक दर्ज हैं।

न्यूजीलैंड के सबसे सफल बल्लेबाज बनकर विदा हुए विलियमसन

35 वर्षीय केन विलियमसन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को न्यूज़ीलैंड के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी के रूप में अलविदा कह रहे हैं। उन्होंने अपने पूरे अंतरराष्ट्रीय करियर में 19,346 रन बनाए। इसमें 9,515 टेस्ट रन, 7,256 वनडे रन और 2,575 टी20 अंतरराष्ट्रीय रन शामिल हैं। अपने शांत स्वभाव, तकनीकी रूप से मजबूत बल्लेबाज़ी और बेहतरीन कप्तानी के कारण विलियमसन को दुनिया के सबसे सम्मानित क्रिकेटरों में गिना जाता है।

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप जीताने वाले कप्तान रहे केन विलियमसन

केन विलियमसन के नेतृत्व में न्यूज़ीलैंड ने 2021 में पहली ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब जीता था। यह न्यूज़ीलैंड क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानी जाती है। उनकी कप्तानी में टीम ने कई ICC टूर्नामेंटों के फाइनल और सेमीफाइनल तक भी जगह बनाई। उन्होंने न्यूज़ीलैंड क्रिकेट के सबसे सफल दौर को आकार देने में अहम भूमिका निभाई।

लॉर्ड्स टेस्ट बना इंटरनेशनल करियर का आखिरी मैच

विलियमसन का रिटायरमेंट ऐसे समय में आया है जब न्यूज़ीलैंड टीम इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज खेल रही है। इस फैसले का मतलब है कि लॉर्ड्स में खेला गया पहला टेस्ट मैच उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी मुकाबला साबित हुआ।

क्रिकेट जगत ने दी श्रद्धांजलि, कोहली का संदेश रहा सबसे खास

केन विलियमसन के रिटायरमेंट के बाद दुनिया भर के क्रिकेटरों, विशेषज्ञों और फैंस ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। हालांकि विराट कोहली का संदेश सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। उनका संदेश सिर्फ एक खिलाड़ी को विदाई नहीं था, बल्कि दो महान क्रिकेटरों के बीच वर्षों से चले आ रहे सम्मान, दोस्ती और खेल भावना का प्रतीक भी था। यह संदेश दिखाता है कि मैदान पर कड़ी प्रतिस्पर्धा के बावजूद दोनों खिलाड़ियों के बीच गहरा सम्मान और मजबूत रिश्ता रहा है।

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