
कभी जिस टीम को आईपीएल की सबसे दुर्भाग्यशाली फ्रेंचाइजी कहा जाता था, आज वही टीम लगातार दूसरी बार चैंपियन बनकर इतिहास रच चुकी है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए IPL 2026 के फाइनल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने गुजरात टाइटंस (GT) को 5 विकेट से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ आरसीबी ने न केवल अपना दूसरा आईपीएल खिताब जीता, बल्कि सफलतापूर्वक अपने खिताब का बचाव भी किया।
इस ऐतिहासिक जीत के सबसे बड़े नायक रहे विराट कोहली, जिन्होंने दबाव भरे फाइनल में नाबाद 75 रन की शानदार पारी खेलकर टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाया।
आरसीबी के कप्तान रजत पाटीदार ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया और उनके गेंदबाजों ने इस निर्णय को पूरी तरह सही साबित किया।
गुजरात टाइटंस की शुरुआत बेहद खराब रही। कप्तान शुभमन गिल सिर्फ 10 रन बनाकर आउट हो गए, जबकि साई सुदर्शन भी 12 रन से आगे नहीं बढ़ सके। इसके बाद जोस बटलर और निशांत सिंधु ने पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन आरसीबी के गेंदबाज लगातार दबाव बनाते रहे। ऑलराउंडर क्रुणाल पंड्या ने जोस बटलर को शानदार तरीके से स्टंप आउट कराया, जिसने गुजरात की पारी की गति को पूरी तरह रोक दिया।
एक ओर लगातार विकेट गिर रहे थे, तो दूसरी तरफ वॉशिंगटन सुंदर ने जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने 37 गेंदों में नाबाद 50 रन बनाए और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। निशांत सिंधु ने भी 20 रन का योगदान दिया, लेकिन इनके अलावा कोई भी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका। गुजरात टाइटंस ने 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 155 रन बनाए।
आरसीबी की ओर से युवा तेज गेंदबाज रसिख सलाम सबसे सफल रहे। उन्होंने 4 ओवर में 27 रन देकर 3 विकेट झटके। वहीं भुवनेश्वर कुमार और जोश हेजलवुड ने दो-दो विकेट हासिल किए।
156 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी आरसीबी को विराट कोहली और वेंकटेश अय्यर ने शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 62 रन जोड़े। वेंकटेश अय्यर ने सिर्फ 16 गेंदों में 32 रन बनाए, जिसमें चार चौके और दो छक्के शामिल थे। इसके बाद गुजरात ने वापसी की कोशिश की और नियमित अंतराल पर विकेट हासिल किए। देवदत्त पडिक्कल जल्दी आउट हुए, जबकि राशिद खान ने एक ही ओवर में रजत पाटीदार और क्रुणाल पंड्या को पवेलियन भेजकर मुकाबले को रोमांचक बना दिया।
जब आरसीबी का स्कोर 132/5 था, तब गुजरात को वापसी की उम्मीद दिखाई दे रही थी। लेकिन विराट कोहली ने अपना अनुभव दिखाया और एक छोर संभाले रखा। उन्होंने सिर्फ 42 गेंदों में नाबाद 75 रन बनाए। उनकी इस पारी में 9 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। खास बात यह रही कि उन्होंने मैच को आखिर तक खत्म किया और विजयी छक्का लगाकर आरसीबी को ट्रॉफी दिलाई। फाइनल में उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता और संयम का बेहतरीन संतुलन देखने को मिला।
विराट कोहली ने इस मुकाबले में सिर्फ 25 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया, जो उनके आईपीएल करियर का सबसे तेज अर्धशतक बन गया। यह आईपीएल फाइनल के इतिहास के सबसे तेज अर्धशतकों में भी शामिल हो गया। बड़े मैच में इस तरह की पारी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि विराट कोहली क्यों दुनिया के सर्वश्रेष्ठ चेज़ मास्टर्स में गिने जाते हैं।