
नई दिल्लीः फुटबॉल का महाकुंभ, यानी 23वां फीफा वर्ल्ड कप 11 जून 2026, दिन गुरुवार से शुरू होने वाला है। इस बड़े टूर्नामेंट से पहले, हम आपके लिए लाए हैं फुटबॉल की दुनिया के 23 ऐसे फैक्ट्स, जो हर फैन को पता होने चाहिए।
अब तक कुल 22 वर्ल्ड कप हुए हैं और ब्राज़ील अकेली ऐसी टीम है जो इन सभी में खेली है। इस बार यह उसका 23वां वर्ल्ड कप होगा। जर्मनी 21 वर्ल्ड कप के साथ दूसरे नंबर पर है।
1930 से लेकर आज तक 22 वर्ल्ड कप हो चुके हैं, लेकिन चैंपियन सिर्फ 8 टीमें ही बनी हैं। ब्राज़ील, अर्जेंटीना, जर्मनी, फ्रांस, उरुग्वे, इंग्लैंड, इटली और स्पेन ने ही यह कप जीता है।
फीफा वर्ल्ड कप में सबसे ज़्यादा गोल करने का रिकॉर्ड जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोज़ के नाम है। उन्होंने 4 वर्ल्ड कप के 24 मैचों में 16 गोल दागे हैं। क्लोज़ 2016 में रिटायर हो गए थे।
यह पहली बार है जब वर्ल्ड कप की मेज़बानी तीन देश- मेक्सिको, अमेरिका और कनाडा मिलकर कर रहे हैं। इससे पहले 2002 में दक्षिण कोरिया और जापान ने मिलकर मेज़बानी की थी।
यह लियोनेल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो का छठा वर्ल्ड कप है। लेकिन 891 खिलाड़ी ऐसे हैं जो पहली बार वर्ल्ड कप खेलेंगे। इस बार टूर्नामेंट में कुल 1248 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।
इस बार वर्ल्ड कप में क्वालिफाई करने वाली हर टीम को कम से कम 100 करोड़ रुपये मिलेंगे। ग्रुप स्टेज से बाहर होने वाली टीम को भी 85.5 करोड़ रुपये मिलेंगे। तैयारी के लिए हर टीम को 14.3 करोड़ रुपये पहले ही दिए जा चुके हैं।
2026 फीफा वर्ल्ड कप की विजेता टीम को 477 करोड़ रुपये और रनर-अप टीम को 314 करोड़ रुपये की प्राइज मनी मिलेगी। 2022 में अर्जेंटीना को 348 करोड़ और रनर-अप फ्रांस को 248 करोड़ रुपये मिले थे।
अब तक 80 देश फुटबॉल वर्ल्ड कप में हिस्सा ले चुके हैं। इस बार केप वर्डे, कुराकाओ, जॉर्डन और उज़्बेकिस्तान जैसी टीमें डेब्यू कर सकती हैं, जिससे यह संख्या 84 तक पहुंच जाएगी।
हर वर्ल्ड कप में खेलने वाली इकलौती टीम ब्राज़ील ने अब तक कुल 237 गोल किए हैं, जो एक रिकॉर्ड है। जर्मनी 232 गोल के साथ दूसरे नंबर पर है।
1930 में हुए पहले फीफा वर्ल्ड कप में सिर्फ 13 टीमों ने हिस्सा लिया था। इस बार 48 टीमें खेल रही हैं। यानी पहले एडिशन के मुकाबले 35 टीमें बढ़ गई हैं।
वर्ल्ड कप में अब तक 80 देश खेले हैं, लेकिन इनमें से सिर्फ 60 देशों ने ही कम से कम एक मैच जीता है। न्यूज़ीलैंड, मिस्र, इज़राइल, इराक और कतर समेत 20 टीमें आज तक एक भी मैच नहीं जीत पाई हैं।
भले ही ब्राज़ील ने सबसे ज़्यादा बार कप जीता हो, लेकिन सबसे ज़्यादा मेडल (12) जर्मनी के नाम हैं। जर्मनी ने 4 गोल्ड, 4 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज़ मेडल जीते हैं। ब्राज़ील ने 5 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज़ के साथ कुल 9 मेडल जीते हैं।
फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में सिर्फ दो ही टीमें लगातार दो बार चैंपियन बनी हैं। इटली ने 1934 और 1938 में, जबकि ब्राज़ील ने 1958 और 1962 में यह कारनामा किया था। इस बार अर्जेंटीना के पास यह मौका है।
मेक्सिको तीन वर्ल्ड कप की मेज़बानी करने वाला पहला देश बन जाएगा। इससे पहले 1970 और 1986 में भी यहां वर्ल्ड कप हो चुका है।
मेक्सिको सिटी का एज़्टेका स्टेडियम दुनिया का पहला ऐसा स्टेडियम होगा जो तीन वर्ल्ड कप (1970, 1986 और 2026) की मेज़बानी करेगा।
मेक्सिको के 17 साल के गिल्बर्टो मोरा 2026 वर्ल्ड कप के सबसे युवा खिलाड़ी होंगे। वहीं, स्कॉटलैंड के 43 साल के क्रेग गॉर्डन सबसे उम्रदराज़ खिलाड़ी होंगे।
इस वर्ल्ड कप में 20 साल से कम उम्र के 22 खिलाड़ी मैदान में उतरेंगे। इनमें गिल्बर्टो, स्पेन के लामिने यमल, मिस्र के इब्राहिम एम्बाये, ब्राज़ील के एंड्रिक और रयान भी शामिल हैं।
अमेरिका में कई स्टेडियमों के नाम बड़े ब्रांड्स पर हैं, जैसे जिलेट, मर्सिडीज-बेंज और लिवाइस स्टेडियम। लेकिन फीफा के नियमों के कारण, इस वर्ल्ड कप के लिए इन सभी स्टेडियमों के नाम अस्थायी रूप से बदल दिए गए हैं।
एक ही वर्ल्ड कप में सबसे ज़्यादा गोल करने का रिकॉर्ड फ्रांस के जस्ट फॉनटेन के नाम है। उन्होंने 1958 के वर्ल्ड कप में 6 मैचों में 13 गोल किए थे। 68 साल बाद भी यह रिकॉर्ड कोई नहीं तोड़ पाया है।
ब्राज़ील के महान खिलाड़ी पेले दुनिया के एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने 3 बार फीफा वर्ल्ड कप जीता है। वह 1958, 1962 और 1970 की चैंपियन ब्राज़ील टीम का हिस्सा थे। उनके अलावा 20 खिलाड़ी 2-2 बार कप जीत चुके हैं।
1930 से अब तक कुल 471 खिलाड़ी कम से कम एक बार फीफा वर्ल्ड कप जीत चुके हैं। लेकिन आज तक कोई भी कप्तान दो बार वर्ल्ड कप नहीं जीत पाया है।
लुइस मोंटी फीफा वर्ल्ड कप में दो अलग-अलग देशों के लिए फाइनल खेलने वाले एकमात्र खिलाड़ी हैं। उन्होंने 1930 में अर्जेंटीना के लिए और 1934 में इटली के लिए फाइनल खेला था।
फीफा वर्ल्ड कप ट्रॉफी का वजन 6.175 किलोग्राम है और इसकी लंबाई 14.5 इंच है। यह ट्रॉफी 18 कैरेट सोने से बनी है, जिसमें 75% सोना है। इसके बेस पर मैलाकाइट पत्थर की दो रिंग्स लगी हैं।