
Aichi Nagoya Asian Games 2026: जापान की मेजबानी में होने वाले एशियन गेम्स 2026 के शुरु होने से पहले ही यहां पहुंचे खिलाड़ियों की सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। भारत समेत कई देशों के एथलीट्स को पहुंचने के बाद लंबे समय तक कमरे, खाना और जरूरी सुविधाओं के लिए इंतजार करना पड़ा। भारतीय शूटिंग टीम को भी ऐसी ही परेशानियों से गुजरना पड़ा। जानिए पूरा मामला।
रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय शूटिंग दल सुबह करीब 9 बजे आइची-नागोया पहुंचा था। इसके बाद खिलाड़ियों को वेरिफिकेशन और रूम अलॉटमेंट की प्रक्रिया के लिए इंतजार करना पड़ा। लंबे इंतजार के बाद करीब रात 2 बजे रहने की व्यवस्था हो सकी। इस दौरान खाने और पानी को लेकर भी खिलाड़ियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सिर्फ भारत ही नहीं, दूसरे देशों के खिलाड़ी भी आवास से जुड़ी दिक्कतों की शिकायत कर चुके हैं। कुछ एथलीट्स के लंबे इंतजार और अस्थायी इंतजामों की तस्वीरें भी सामने आई हैं।
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भारतीय शूटिंग टीम के सामने दूसरी बड़ी चुनौती अलग-अलग जगहों पर ठहरने की है। कमरे उपलब्ध न होने के कारण टीम के सदस्यों को अलग-अलग होटलों में रखा गया। इसके अलावा शूटिंग रेंज और होटल के बीच करीब 50 किलोमीटर की दूरी भी बताई जा रही है। ऐसे में खिलाड़ियों को आने-जाने में काफी समय लग सकता है। भारतीय कोचिंग स्टाफ ने भी इस लॉजिस्टिक व्यवस्था पर चिंता जताई है।
आइची-नागोया एशियन गेम्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इस बार पारंपरिक Athletes' Village नहीं बनाया गया है। आयोजकों ने खर्च और भविष्य में किसी बड़े ढांचे के कम इस्तेमाल होने से बचने के लिए अलग मॉडल अपनाया है। खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए होटल, क्रूज शिप और कंटेनर-स्टाइल अस्थायी आवास तैयार किए गए हैं।
ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया के मुताबिक 17 हजार से ज्यादा एथलीट्स और अधिकारियों के लिए गेम्स के अनुरूप आवास की व्यवस्था की गई है। हालांकि, आयोजन समिति ने इससे पहले क्षमता को लेकर अतिरिक्त इंतजाम की जरूरत की बात कही थी।
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इन तमाम चुनौतियों के बीच भारत की नजर शूटिंग से मिलने वाले पदकों पर रहेगी। भारत ने 2022 हांगझोऊ एशियन गेम्स में शूटिंग से रिकॉर्ड 22 मेडल जीते थे। जिसमें- 7 गोल्ड, 9 सिल्वर और 6 ब्रॉन्ज थे। इसके साथ एशियन गेम्स में शूटिंग के कुल भारतीय पदकों की संख्या 80 हो गई थी। इस बार भारत के 30 सदस्यीय शूटिंग दल में मनु भाकर समेत कई बड़े नाम शामिल हैं। अब चुनौती साफ है, शुरुआती लॉजिस्टिक परेशानियों को पीछे छोड़कर खिलाड़ी फोकस बनाए रखें और शूटिंग रेंज में निशाना बिल्कुल सटीक लगाएं।