
Sanju Samson vs Vaibhav Suryavanshi: संजू सैमसन के लिए अफगानिस्तान के खिलाफ पहला टी20 कुछ खास नहीं रहा। अरुण जेटली स्टेडियम में वह सिर्फ 8 गेंदों पर 10 रन बनाकर आउट हो गए। अब दूसरे टी20 से पहले उनकी जगह को लेकर सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि टीम में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी मौका मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
संजू सैमसन शुरुआत में अच्छी लय में नजर आ रहे थे। उन्होंने मिड-विकेट पर खूबसूरत फ्लिक और मिड-ऑफ के ऊपर से शानदार ड्राइव लगाई। लेकिन अजमतुल्लाह उमरजई के ओवर में कहानी बदल गई। उमरजई ने मिडिल स्टंप पर शॉर्ट गेंद डाली। गेंद थोड़ा रुककर आई और संजू पुल शॉट खेलने से चूक गए। डीप स्क्वायर लेग पर दारविश रसूली ने आसान कैच लपक लिया। संजू 8 गेंदों पर 10 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।
संजू को जिस गेंद ने आउट किया, वह तरीका उनके खिलाफ पहले भी कारगर रहा है। जोफ्रा आर्चर ने पहले जिस तरह शॉर्ट गेंद के जरिए संजू को परेशान किया था, उमरजई ने भी लगभग उसी रणनीति को अपनाया। यही वजह है कि दिल्ली में मिली यह छोटी पारी संजू के लिए बड़ी चिंता बन गई है। अब दूसरे टी20 में उन पर बड़ी पारी खेलने का दबाव बढ़ गया है।
संजू की सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ खराब फॉर्म नहीं, बल्कि टीम में मौजूद मजबूत विकल्प भी हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में संजू को बाहर कर वैभव सूर्यवंशी को मौका दिया गया था। वैभव ने तीन मैचों में 196 के स्ट्राइक रेट से 151 रन बनाकर प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार जीता। इसके बाद अफगानिस्तान सीरीज में BCCI ने वैभव को बाहर बैठाकर संजू पर भरोसा जताया, लेकिन पहले ही मौके पर संजू उस भरोसे पर खरे नहीं उतर सके।
दूसरी ओर अभिषेक शर्मा ने दिल्ली में शानदार पारी खेलकर अपनी फॉर्म को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दे दिया। सीरीज से पहले खेले गए पांच टी20 मुकाबलों में चार बार वह दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके थे। लेकिन दिल्ली में अभिषेक ने सिर्फ 32 गेंदों पर 82 रन ठोक दिए। उनकी पारी में 7 चौके और 7 छक्के शामिल रहे और स्ट्राइक रेट 256 का रहा। इस पारी के बाद साफ है कि अभिषेक ने अपनी जगह को लेकर फिलहाल चिंता कम कर दी है।
यहां सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या संजू सैमसन को भी अभिषेक शर्मा की तरह लगातार मौके मिलेंगे? वर्ल्ड कप के बाद अभिषेक की फॉर्म भले ही उतनी प्रभावी नहीं रही, लेकिन टीम मैनेजमेंट ने उन्हें लगातार बैक किया। आयरलैंड, इंग्लैंड और जिम्बाब्वे दौरों पर भी उनका प्रदर्शन औसत रहा, लेकिन पिछले दो साल के उनके प्रदर्शन ने उन्हें टीम में मजबूत जगह दिलाई। दूसरी ओर, संजू को जिम्बाब्वे सीरीज से बाहर कर दिया गया था।
संजू सैमसन के लिए यह स्थिति इसलिए भी चुभने वाली है क्योंकि वर्ल्ड कप में उन्होंने भारत के लिए महत्वपूर्ण पारियां खेली थीं। इसके बावजूद उन्हें लगातार अपनी जगह साबित करनी पड़ रही है। उनके सामने अब संदेश साफ है-अच्छा प्रदर्शन करो या बाहर बैठो। टीम में जगह के लिए प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है और युवा खिलाड़ियों की मौजूदगी संजू पर दबाव और बढ़ा रही है।
पिछले 10 टी20 मैचों में संजू के बल्ले से सिर्फ एक अर्धशतक आया है। बाकी सभी पारियों में उनका स्कोर 30 रन से कम रहा है। ऐसे आंकड़ों के बीच दूसरे टी20 में उनके लिए बड़ी पारी खेलना बेहद जरूरी हो गया है। वैभव सूर्यवंशी के अलावा प्रभसिमरन सिंह और प्रियांश आर्य जैसे खिलाड़ी भी टीम में मौके का इंतजार कर रहे हैं। पहले टी20 में वैभव को बाहर रखने के फैसले की सोशल मीडिया पर आलोचना भी हुई थी।
हालांकि, संजू सैमसन की कहानी यह भी बताती है कि उन्होंने कई बार आलोचनाओं का जवाब बल्ले से दिया है। इसलिए दूसरे टी20 में उनके पास अपनी जगह मजबूत करने का एक और मौका होगा। अगर संजू बड़ी पारी खेलते हैं तो वह आलोचकों को शांत करने के साथ-साथ टीम मैनेजमेंट को भी राहत दे सकते हैं। लेकिन अगर बल्ला फिर खामोश रहा, तो वैभव सूर्यवंशी को लंबे समय तक बेंच पर रखना टीम मैनेजमेंट के लिए मुश्किल हो सकता है।