वैभव सूर्यवंशी को T20I में लगातार मौका न मिलने पर गौतम गंभीर ने सफाई दी। उन्होंने संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा के प्रदर्शन को वजह बताया।

Gautam Gambhir on Vaibhav Suryawanshi: भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर अक्सर अपने सिलेक्शन फैसलों को लेकर आलोचनाओं का सामना करते रहे हैं। अब एक बार फिर युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के चयन को लेकर चर्चा तेज है। सोशल मीडिया पर भी वैभव को टीम में मौका देने की मांग लगातार उठती रही है। 15 साल के वैभव सूर्यवंशी शानदार फॉर्म में हैं, लेकिन T20I क्रिकेट में संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की ओपनिंग जोड़ी के लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के कारण उनके लिए टीम में जगह बनाना मुश्किल हो रहा है।

गौतम गंभीर ने बताया कि उन्होंने खुद वैभव से इस बारे में बात की थी। उन्होंने युवा बल्लेबाज को समझाया कि कई बार टीम में लंबे समय से अच्छा प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों की वजह से किसी नए खिलाड़ी को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है।

गंभीर ने वैभव से क्या कहा?

  • गंभीर ने JioStar के शो 'फॉलो द ब्लूज़: गौतम गंभीर अनफिल्टर्ड' में कहा कि वैभव अच्छी फॉर्म में थे, लेकिन टीम में मौजूद परिस्थितियों को भी समझना जरूरी है।
  • उन्होंने कहा, "यह मेरे लिए भी एक नया अनुभव था। हां, वह अच्छी फॉर्म में थे, लेकिन मैंने उन्हें समझाया कि कभी-कभी उन खिलाड़ियों की वजह से, जिन्होंने लंबे समय से अच्छा प्रदर्शन किया है, उन्हें अपने मौके का इंतजार करना पड़ सकता है।"
  • गंभीर ने यह भी साफ किया कि सोशल मीडिया या बाहर की चर्चाओं के आधार पर प्लेइंग इलेवन तय नहीं होती।
  • टीम में किसे खिलाना है, यह फैसला इस बात पर निर्भर करता है कि ड्रेसिंग रूम में कोच और कप्तान को कौन खिलाड़ी टीम को मैच जिता सकता है और उस समय सबसे अच्छी प्लेइंग इलेवन क्या हो सकती है।

वैभव को खिलाने पर किसे बाहर करना पड़ेगा?

  • गौतम गंभीर ने कहा कि अगर वैभव सूर्यवंशी को अभी प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जाता है, तो किसी ऐसे खिलाड़ी को बाहर करना पड़ेगा, जिसने लंबे समय से टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन किया है।
  • गंभीर के मुताबिक, ऐसी स्थिति में उनके और उस खिलाड़ी के बीच एक मुश्किल बातचीत होगी। उन्होंने कहा कि वह खिलाड़ी अभिषेक शर्मा भी हो सकते हैं या संजू सैमसन भी।
  • गंभीर ने कहा, “अगर वैभव आज खेलते हैं तो मेरे और उस खिलाड़ी के बीच मुश्किल बातचीत होगी जिसे हम बाहर करेंगे, चाहे वह अभिषेक हों या संजू।”
  • उन्होंने आगे कहा कि पिछले डेढ़ से दो साल में जिस कॉम्बिनेशन ने टीम के लिए इतना अच्छा प्रदर्शन किया है, उसे अचानक नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

संजू-अभिषेक की ओपनिंग जोड़ी पर गंभीर का भरोसा

  • गंभीर ने कहा कि केवल तीन-चार मैच खराब होने के बाद लंबे समय से अच्छा प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों को टीम से बाहर करना सही नहीं होगा।
  • उनके मुताबिक, वैभव बेहद प्रतिभाशाली हैं और अच्छी फॉर्म में भी हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि मौजूदा खिलाड़ियों के योगदान को नजरअंदाज कर दिया जाए।
  • उन्होंने कहा, “हम अचानक उस कॉम्बिनेशन को नजरअंदाज़ नहीं कर सकते जिसने पिछले डेढ़-दो सालों में इतना असर डाला है, और तीन-चार बार फेल होने पर उन्हें बाहर करके किसी ऐसे युवा खिलाड़ी को नहीं खिला सकते जो बहुत प्रतिभाशाली है और अच्छी फॉर्म में भी है।”
  • गंभीर ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में युवा खिलाड़ी को अपने मौके का इंतजार करना पड़ सकता है।

'लोकप्रिय फैसला' नहीं, सही फैसला जरूरी: गंभीर

  • गौतम गंभीर को टीम को संभालने और अपने फैसलों को लेकर पूर्व खिलाड़ियों, क्रिकेट विशेषज्ञों और सोशल मीडिया पर फैंस की आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है।
  • हालांकि, उनका कहना है कि कोच के तौर पर लोकप्रिय फैसला लेना आसान होता है, लेकिन सही फैसला लेना ज्यादा मुश्किल होता है।
  • गंभीर ने कहा, “मेरे लिए लोकप्रिय फैसले लेना बहुत आसान है, लेकिन सही फैसले लेना शायद मेरे लिए सबसे मुश्किल काम है। और हमने संजू और अभिषेक के साथ बने रहने का सही फैसला लिया है।”
  • उन्होंने कहा कि क्रिकेट के इतिहास में कोई भी टीम एक वर्ल्ड कप से दूसरे वर्ल्ड कप तक बिना हारे नहीं रही है और फिर से वर्ल्ड कप नहीं जीती है।
  • इसलिए सिर्फ एक खराब सीरीज या कुछ मैचों के खराब प्रदर्शन के आधार पर किसी खिलाड़ी को खराब नहीं माना जा सकता।

खराब सीरीज से खिलाड़ी खराब नहीं हो जाता

  • गंभीर ने कहा कि अगर किसी खिलाड़ी या टीम के कुछ मैच खराब हो जाते हैं, तो इससे यह साबित नहीं होता कि खिलाड़ी खराब है या टीम अच्छी नहीं है।
  • उन्होंने कहा, “अचानक, एक खराब सीरीज़ या कहीं-कहीं तीन खराब मैच उन्हें खराब खिलाड़ी या हमें खराब टीम नहीं बना देते।”
  • हेड कोच के मुताबिक, भारतीय टीम के लिए मौजूदा खिलाड़ियों और टीम कॉम्बिनेशन में निरंतरता बनाए रखना बेहद जरूरी है। इसी वजह से संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा के साथ बने रहने का फैसला लिया गया है।