
Controversy in Football History: इसे 'बैटल ऑफ नूर्नबर्ग' यानी 'नूर्नबर्ग की जंग' के नाम से जाना जाता है। यह फुटबॉल वर्ल्ड कप के इतिहास का सबसे गंदा मैच माना जाता है। साल 2006 में जर्मनी के नूर्नबर्ग शहर में जो हुआ, वो आज भी फुटबॉल फैंस को अच्छी तरह याद है।
मौका था पुर्तगाल और नीदरलैंड्स के बीच प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले का। दो बड़ी यूरोपीय टीमों की टक्कर थी, तो सबने एक खूबसूरत खेल की उम्मीद की थी। लेकिन मैदान पर 'टोटल फुटबॉल' की जगह 'टोटल कैओस' यानी पूरी तरह से अफरातफरी देखने को मिली। रूस के रेफरी वैलेन्टिन इवानोव को इस मैच में अपनी जेब से 16 यलो कार्ड और 4 रेड कार्ड निकालने पड़े। वर्ल्ड कप के इतिहास में यह पहली बार था जब किसी एक मैच में इतने सारे रेड कार्ड दिखाए गए हों।
पुर्तगाल के कोस्टिन्हा और डेको को रेड कार्ड मिला। वहीं, नीदरलैंड्स की तरफ से खालिद बूलारूज़ और जियोवानी वैन ब्रॉन्कहॉर्स्ट को मैदान से बाहर का रास्ता दिखाया गया। इस हंगामेदार मैच को पुर्तगाल ने 1-0 से जीता था। पुर्तगाल के लिए एकमात्र गोल मनीश (नूनो रिकार्डो डी ओलिवेरा) ने किया था।