
FIFA वर्ल्ड कप 2026 शुरू होने से पहले ही नीदरलैंड्स को एक बुरी खबर मिली है। टीम के अहम डिफेंडर जुरियन टिम्बर ग्रोइन में चोट की वजह से टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। डच फुटबॉल फेडरेशन ने सोमवार को इस बात की जानकारी दी। ESPN के मुताबिक, 24 साल के टिम्बर आर्सेनल क्लब के लिए खेलते हैं। उन्होंने हाल ही में आर्सेनल की तरफ से पेरिस सेंट-जर्मेन के खिलाफ UEFA चैंपियंस लीग का फाइनल खेला था, जिसमें वो सब्स्टीट्यूट के तौर पर मैदान पर उतरे थे। अब वो उज्बेकिस्तान के खिलाफ टीम के आखिरी वर्ल्ड कप वॉर्म-अप मैच के बाद डच कैंप छोड़कर वापस लौट जाएंगे।
डच फेडरेशन ने एक बयान में कहा, "24 साल के डिफेंडर अपनी ग्रोइन की चोट से पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं, इसलिए मेडिकल तौर पर उन्हें वर्ल्ड कप में खिलाना सही नहीं होगा।" बयान में आगे कहा गया, "मेडिकल स्टाफ से सलाह के बाद यह फैसला लिया गया है कि टिम्बर न्यूयॉर्क में उज्बेकिस्तान के खिलाफ मैच के बाद नेशनल टीम का कैंप छोड़ देंगे।"
नीदरलैंड्स के कोच रोनाल्ड कोमैन ने टिम्बर की जगह सुंदरलैंड के डिफेंडर लुटशरेल गीरट्रुइडा को टीम में शामिल किया है। कोमैन ने डच ब्रॉडकास्टर NOS को बताया, "पिछले कुछ दिनों से हमें लग रहा था कि शायद यही फैसला लेना पड़ेगा। आखिरकार, हमने कल रात और आज सुबह जुरियन से बात की और दुर्भाग्य से हमें यह फैसला लेना पड़ा।"
कोमैन ने आगे कहा, "जुरियन के साथ हमारे पास आठ डिफेंडर थे, उनके बिना सात हैं, जो काफी नहीं है। इसलिए आपको फैसला लेना पड़ता है। गीरट्रुइडा अल्जीरिया के खिलाफ मैच तक टीम के साथ थे, इसलिए उन्हें वापस लाना ज्यादा मुश्किल नहीं होगा। हमने और इंतजार नहीं किया क्योंकि उनकी हालत में जल्द सुधार की उम्मीद नहीं थी।"
टिम्बर ने आर्सेनल के लिए पेरिस सेंट-जर्मेन के खिलाफ चैंपियंस लीग फाइनल में एक्स्ट्रा टाइम मिलाकर करीब एक घंटे तक खेला था, जिसके बाद मैच पेनल्टी पर गया था। हालांकि, कोमैन ने खिलाड़ी की हालत के लिए प्रीमियर लीग क्लब को दोष देने से इनकार कर दिया।
उन्होंने कहा, "आप क्लब को दोष नहीं दे सकते, और मैं देना भी नहीं चाहता। लेकिन यह साफ है कि उन मिनटों से कोई मदद नहीं मिली।" डच कोच ने आखिर में कहा, "अगर उन्हें आने वाले समय में सिर्फ एक और मैच खेलना होता, तो शायद यह संभव हो सकता था। लेकिन एक बड़ा टूर्नामेंट खेलना मुमकिन नहीं था। वह लंबे समय से फिट नहीं हैं और अभी भी उनमें ऐसे लक्षण हैं जो जल्दी ठीक नहीं हो रहे, जिसका मतलब है कि वह जल्द ही मैच के लिए फिट नहीं होंगे।"
नीदरलैंड्स अपने वर्ल्ड कप अभियान की शुरुआत 14 जून को जापान के खिलाफ करेगा। इसके बाद ग्रुप स्टेज में टीम का सामना स्वीडन और ट्यूनीशिया से होगा। (ANI)