
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कवर्धा स्थित भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने ने सहकारिता और चीनी उद्योग के क्षेत्र में प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। कारखाने को लगातार दो पेराई सत्रों 2024-25 और 2025-26 के लिए ‘हाईएस्ट शुगर रिकवरी इन अदर एरिया’ श्रेणी में राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
यह सम्मान नेशनल को-ऑपरेटिव शुगर फेडरेशन की ओर से नई दिल्ली के डॉ. आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित शुगर फैक्ट्री एफिशिएंसी अवॉर्ड समारोह में दिया गया। समारोह में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने को पुरस्कार प्रदान किया। इस मौके पर केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर भी मौजूद रहे।
छत्तीसगढ़ के सहकारिता मंत्री केदार कश्यप समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। प्रदेश के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि पहली बार छत्तीसगढ़ के किसी सहकारी शक्कर कारखाने को इस श्रेणी में राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है।
सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने इस उपलब्धि के लिए भोरमदेव शक्कर कारखाने से जुड़े गन्ना उत्पादक किसानों और कारखाना प्रबंधन को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बेहतर गुणवत्ता वाले गन्ने की आपूर्ति, कारखाने की तकनीकी क्षमता और प्रभावी प्रबंधन ने इस उपलब्धि में अहम भूमिका निभाई है।
उन्होंने इस राष्ट्रीय सम्मान को केवल कारखाने की सफलता नहीं, बल्कि किसानों की मेहनत और सहकारिता व्यवस्था की सामूहिक ताकत का सम्मान बताया। उनके मुताबिक, किसानों और सहकारी संस्थाओं के बीच बेहतर तालमेल से इस तरह के परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।
केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य में ‘सहकार से समृद्धि’ के संकल्प के अनुरूप सहकारी व्यवस्था को मजबूत करने का काम किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य सहकारी संस्थाओं को किसानों की आर्थिक प्रगति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनाना है।
उन्होंने कहा कि राज्य में सहकारी संस्थाओं को आधुनिक, पारदर्शी, जवाबदेह और किसान हितैषी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। कोशिश यह है कि सहकारी संस्थाओं के कामकाज का सीधा और प्रभावी लाभ किसानों तक पहुंचे। मंत्री के अनुसार, सहकारिता को गांवों की अर्थव्यवस्था से और मजबूती से जोड़ने की दिशा में भी लगातार काम किया जा रहा है। ऐसे में भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने की उपलब्धि दूसरे सहकारी संस्थानों के लिए भी एक उदाहरण बन सकती है।
सहकारिता विभाग में चल रहे बदलावों का जिक्र करते हुए मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि डिजिटलीकरण, प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) के कंप्यूटरीकरण और आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार पर काम किया जा रहा है। इन पहलों का उद्देश्य सहकारी संस्थाओं की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है। आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से संस्थाओं के कामकाज में जवाबदेही बढ़ाने और किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है। मंत्री ने कहा कि भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने की राष्ट्रीय स्तर की यह सफलता प्रदेश की दूसरी सहकारी संस्थाओं को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगी।
नई दिल्ली में आयोजित समारोह में भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने, कवर्धा को पेराई सत्र 2024-25 और 2025-26, दोनों के लिए “हाईएस्ट शुगर रिकवरी इन अदर एरिया” श्रेणी का नेशनल अवॉर्ड मिला। कारखाने की ओर से यह सम्मान आयुक्त सहकारिता रमेश शर्मा, विभागीय अधिकारियों और कारखाना प्रबंधन ने संयुक्त रूप से ग्रहण किया।
लगातार दो पेराई सत्रों में राष्ट्रीय पुरस्कार मिलना भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। साथ ही, यह छत्तीसगढ़ के सहकारी शक्कर उद्योग में किसानों, तकनीकी दक्षता और बेहतर प्रबंधन के बीच बेहतर तालमेल को भी रेखांकित करता है।
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