इस्पात उत्पादन में छत्तीसगढ़ की बढ़ती भूमिका: क्या बनेगा स्टील का गढ़?

Published : Apr 24, 2025, 04:17 PM IST
Lakhan-Lal-Dewangan-participated-in-the-India-Steel-2025-conference-in-Mumbai

सार

CG के उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने 'इंडिया स्टील 2025' सम्मेलन में राज्य की इस्पात उत्पादन क्षमता पर प्रकाश डाला। उन्होंने 2030 तक 300 MN टन इस्पात उत्पादन के लक्ष्य में CG के योगदान और निवेशकों के लिए नई औद्योगिक नीति के लाभों पर चर्चा की।

मुंबई। छत्तीसगढ़ के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने मुंबई में आयोजित 'इंडिया स्टील 2025' सम्मेलन में भाग लिया। जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2030 तक 300 मिलियन टन इस्पात उत्पादन लक्ष्य को प्राप्त करने में छत्तीसगढ़ की केंद्रीय भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा देश को इस्पात उत्पादन का वैश्विक केन्द्र बनाने में छत्तीसगढ़ अग्रणी भूमिका निभाएगा। इस दौरान उन्होंने राज्य के इस्पात उद्योग के विकास के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त की और उद्योगपतियों को राज्य के विकास में सक्रिय भागीदार बनने का आह्वान किया।

यह सम्मेलन 24 से 26 अप्रैल 2025 तक बॉम्बे एग्जिबिशन सेंटर (NESCO), मुंबई में आयोजित किया गया है। यह आयोजन भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय और भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (FICCI) के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान इस्पात एवं भारी उद्योग राज्य मंत्री श्री भूपति राजू श्रीनिवास वर्मा भी उपस्थित रहे।

उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ स्टील कैपिटल ऑफ इंडिया है। हमारे पास देश के लौह भंडार का 18 प्रतिशत है। हमारे यहां की बैलाडीला खदानों से निकलने वाले लौह अयस्क को गुणवत्ता के मामले में दुनिया में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। उन्होंने कहा ग्रीन स्टील से जुड़ी तकनीक को अपनाने में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।

उन्होंने बताया स्टील सेक्टर की बड़ी संभावनाओं को देखते हुए ही हमने प्रदेश में नई औद्योगिक नीति बनाई है। इस नीति में स्टील जैसे कोर सेक्टर पर सबसे ज्यादा फोकस है। हम स्पंज आयरन और स्टील यूनिट्स पर 150 प्रतिशत तक इंसेटिव और छूट दे रहे हैं। सिंगल विंडो सिस्टम, इज आफ डूइंग बिजनेस और स्पीड आफ बिजनेस का सबसे अधिक लाभ स्टील सेक्टर को मिल रहा है। बस्तर में नगरनार स्टील प्लांट के पास एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए हम 118 एकड़ क्षेत्र में नया औद्योगिक क्षेत्र स्थापित कर रहे हैं।

श्री देवांगन ने कहा कि हमने दिल्ली, मुंबई, बंगलुरू और रायपुर में इंवेस्टमेंट समिट किये हैं जिसमें साढ़े चार लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इन निवेश प्रस्तावों का क्रियान्वयन त्वरित गति से किया जा रहा है। हाल ही में सेमीकंडक्टर प्लांट का भूमिपूजन इसका बेहतरीन उदाहरण है। उन्होंने बताया नई औद्योगिक नीति के तहत सर्वाधिक निवेश प्राप्त करने वाले राज्यों में छत्तीसगढ़ शीर्ष दस राज्यों में शामिल हो चुका है।

सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, संचालक श्री प्रभात मलिक, सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक श्री अभिषेक अग्रवाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

उद्योगपतियों से निवेश की संभावनाओं पर चर्चा

इंडिया स्टील सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के उद्योग मंत्री ने निवेशकों एवं उद्योगपतियों से राउंड टेबल मीटिंग में सीधी बातचीत की। इस बैठक में छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं को देखते हुए औद्योगिक क्लस्टर्स, लॉजिस्टिक सपोर्ट, सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम, और अनुकूल श्रमिक नीति जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

PREV

छत्तीसगढ़ की सरकारी योजनाएं, शिक्षा-रोजगार अपडेट्स, नक्सल क्षेत्र समाचार और स्थानीय विकास रिपोर्ट्स पढ़ें। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और बस्तर क्षेत्र की खबरों के लिए Chhattisgarh News in Hindi सेक्शन फॉलो करें — सबसे विश्वसनीय राज्य कवरेज यहीं।

Recommended Stories

PMAY Gramin: बिलासपुर में 50 हजार परिवारों को पक्के घर, ग्रामीण आवास योजना की बड़ी सफलता
Chhattisgarh Anganwadi News: लू के खतरे के बीच बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा फैसला, आंगनबाड़ी के समय में हुआ बदलाव