Chhattisgarh News: क्या मोबाइल की लत नई पीढ़ी को कमजोर बना रही है? आखिर राज्यपाल रमेन डेका ने डिजिटल एडिक्शन को सबसे बड़ी चुनौती क्यों बताया? क्या 30 दिन में इससे छुटकारा संभव है? 9,194 विद्यार्थियों को डिग्री मिलने के बीच डॉक्टरों को क्या खास संदेश दिया गया? जानिए दीक्षांत समारोह की बड़ी बातें।

रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा है कि डिजिटल एडिक्शन वर्तमान दौर की सबसे गंभीर चुनौतियों में शामिल होता जा रहा है। इसका असर केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवार और समाज भी इससे प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को डिजिटल लत और तथाकथित ‘पॉपकॉर्न मेंटल स्टेटस’ से बाहर निकलने की आवश्यकता है, क्योंकि यह मानसिक एकाग्रता और गहराई से सोचने की क्षमता को कमजोर करता है तथा केवल क्षणिक संतुष्टि प्रदान करता है। राज्यपाल श्री डेका पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय के चौथे दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

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7,545 स्नातक और 1,645 स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को प्रदान की गई उपाधियां

दीक्षांत समारोह में मेडिकल, डेंटल, आयुर्वेद, होम्योपैथी, मेडिकल बायोटेक्नोलॉजी, फिजियोथेरेपी, नर्सिंग और बीएएसएलपी सहित विभिन्न संकायों के कुल 9,194 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। इनमें 7,545 स्नातक, 1,645 स्नातकोत्तर तथा 5 सुपर स्पेशियलिटी डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थी शामिल रहे। विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक देकर सम्मानित भी किया गया।

डिजिटल एडिक्शन से 30 दिन में मिल सकती है राहत: राज्यपाल रमेन डेका

राज्यपाल ने कहा कि यदि दृढ़ इच्छाशक्ति और अनुशासन के साथ प्रयास किए जाएं तो लगभग 30 दिनों में डिजिटल एडिक्शन से काफी हद तक छुटकारा पाया जा सकता है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग से दूर रखने और खेल-कूद तथा अन्य बाहरी गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित करने की अपील की। उनका कहना था कि आज के बच्चे सीमित दायरे में जीवन व्यतीत कर रहे हैं, जिसका असर उनकी शारीरिक क्षमता और प्रतिरोधक शक्ति पर भी पड़ रहा है।

डॉक्टरों को दिया मानवता की सेवा का संदेश

नवस्नातक चिकित्सकों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि चिकित्सा केवल रोजगार या पेशा नहीं है, बल्कि मानव सेवा का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार राज्यपाल के रूप में वे जनता के हितों के प्रति जवाबदेह हैं, उसी प्रकार चिकित्सकों की जिम्मेदारी मरीजों के स्वास्थ्य और जीवन की रक्षा करना है। उन्होंने डॉक्टरों से अपने पेशे की गरिमा बनाए रखने और मरीजों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

‘नेबरहुड डॉक्टर’ और फैमिली डॉक्टर की जरूरत फिर महसूस हो रही

राज्यपाल ने कहा कि आधुनिक समय में पड़ोस के डॉक्टर और पारिवारिक चिकित्सक की अवधारणा को दोबारा मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी मरीज के लिए ‘गोल्डन ऑवर’ बेहद महत्वपूर्ण होता है और ऐसे समय में डॉक्टर का सही और त्वरित निर्णय किसी व्यक्ति की जान बचा सकता है।

AI और टेलीमेडिसिन से बदल रहा है स्वास्थ्य सेवाओं का भविष्य

राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि आज के विद्यार्थी इंटरनेट युग के छात्र हैं और विज्ञान लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) स्वास्थ्य क्षेत्र में नए अवसर पैदा कर रही है। उन्होंने कहा कि टेलीमेडिसिन जैसी आधुनिक तकनीकों के जरिए दूर-दराज के क्षेत्रों में भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना संभव हो रहा है, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था और मजबूत होगी।

विश्व पर्यावरण दिवस पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का संदेश

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राज्यपाल ने विद्यार्थियों और नागरिकों से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मानव, पशु और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और पौधारोपण इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले- डिग्री के साथ बढ़ी सामाजिक जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों, शिक्षकों और विश्वविद्यालय परिवार को बधाई देते हुए कहा कि यह केवल डिग्री हासिल करने का अवसर नहीं है, बल्कि समाज और मानवता के प्रति नई जिम्मेदारियों को स्वीकार करने का भी समय है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को मिली उपाधियां और सम्मान उनकी मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम हैं।

प्रदेश के स्वास्थ्य प्रहरी बनेंगे नवस्नातक चिकित्सक

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज को नए डॉक्टरों से बड़ी उम्मीदें हैं। विशेष रूप से जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से संवेदनशीलता, करुणा, नवाचार और नैतिक मूल्यों के साथ चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने का आह्वान किया और भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार हर स्तर पर उनके साथ खड़ी है।

छत्तीसगढ़ को ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार का केंद्र बनाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को केवल खनिज और कृषि आधारित राज्य के रूप में नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के केंद्र के रूप में भी पहचान मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश और विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा से भी जुड़ी हुई है।

रायपुर मेडिसिटी में होंगे 5 हजार से अधिक बेड

मुख्यमंत्री ने बताया कि नया रायपुर में लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में अत्याधुनिक मेडिसिटी विकसित की जा रही है, जिसमें 5,000 से अधिक बिस्तरों की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अलावा रायगढ़ और सरगुजा संभाग में भी नए अस्पतालों की स्थापना की दिशा में काम चल रहा है। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं अपने ही राज्य में उपलब्ध हों।

बस्तर में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल से बढ़ी स्वास्थ्य सुविधाएं

मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर में 240 बिस्तरों वाला सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल शुरू हो चुका है। इससे लंबे समय तक विकास से वंचित रहे क्षेत्र के लोगों को उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।

नक्सलवाद पर कार्रवाई से बस्तर में विकास को मिली नई रफ्तार

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, सुरक्षा बलों और बस्तरवासियों के सहयोग से नक्सल उन्मूलन की दिशा में उल्लेखनीय सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि जिन क्षेत्रों में पहले सुरक्षा शिविर स्थापित किए गए थे, वहां अब ‘सेवा डेरा’ के माध्यम से लोगों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। साथ ही ‘अग्रणी बस्तर योजना’ के तहत अधिकारी गांवों में रुककर स्थानीय समस्याओं का समाधान कर रहे हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने गिनाईं चिकित्सा क्षेत्र की उपलब्धियां

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में कार्य करना सेवा का सर्वोत्तम अवसर है। उन्होंने राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी साझा की। कार्यक्रम में राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के राष्ट्रीय विशेषज्ञ पैनल के अध्यक्ष डॉ. वेदप्रकाश मिश्रा ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पी.के. पात्रा ने स्वागत भाषण और अकादमिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद के सदस्य, अधिष्ठाता, प्राध्यापक, विद्यार्थी, अभिभावक और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।