Ramkrishna Care Cancer Institute Raipur: रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट का शुभारंभ किया। यहां कैंसर की जांच और इलाज की आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। सरकार ने प्रदेश में 15 मेडिकल कॉलेज और सुपर स्पेशलिटी सेवाओं के विस्तार की जानकारी दी।
छत्तीसगढ़ में कैंसर के इलाज को लेकर स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा बढ़ा है। राजधानी रायपुर में रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार, 16 अगस्त को पचपेड़ी नाका स्थित रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल परिसर में इस अत्याधुनिक कैंसर इकाई का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने संस्थान में उपलब्ध उपचार सुविधाओं और आधुनिक मशीनरी का जायजा भी लिया। नए कैंसर इंस्टीट्यूट के शुरू होने से छत्तीसगढ़ के मरीजों को कैंसर की जांच और उपचार के लिए प्रदेश से बाहर जाने की जरूरत कम करने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने इसे राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था के विस्तार में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
व्यक्तिगत पीड़ा से शुरू हुआ कैंसर के खिलाफ बड़ा संकल्प
शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल के स्वास्थ्य क्षेत्र में योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अस्पताल पिछले 36 वर्षों से छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाएं दे रहा है। मुख्यमंत्री ने डॉ. संदीप दवे के भाई स्वर्गीय प्रदीप दवे को भी श्रद्धांजलि दी। प्रदीप दवे का निधन कैंसर के कारण हुआ था। मुख्यमंत्री के मुताबिक इस व्यक्तिगत क्षति ने कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के खिलाफ व्यापक स्तर पर काम करने के संकल्प को मजबूत किया और उसी सोच का परिणाम कैंसर इंस्टीट्यूट के रूप में सामने आया है। साय ने कहा कि आने वाले समय में यह संस्थान बड़ी संख्या में मरीजों को कैंसर के इलाज की सुविधाएं उपलब्ध कराने में भूमिका निभा सकता है। उन्होंने डॉ. संदीप दवे और उनकी पूरी टीम को इस पहल के लिए बधाई दी।
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जांच से इलाज तक एक ही परिसर में सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि कैंसर मरीजों के लिए एक ही परिसर में जांच, उपचार और जरूरी चिकित्सा सुविधाओं का उपलब्ध होना महत्वपूर्ण है। निजी क्षेत्र की ऐसी स्वास्थ्य पहल से राज्य में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार को गति मिल सकती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े और उन्हें आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं अपने ही राज्य में मिल सकें।
डॉ. रमन सिंह बोले- शुरुआती जांच से बेहतर हो सकती हैं उपचार की संभावनाएं
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कैंसर इंस्टीट्यूट की शुरुआत को छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य क्षेत्र की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि कैंसर सिर्फ मरीज की बीमारी नहीं होती, बल्कि इसका असर पूरे परिवार पर पड़ता है। डॉ. रमन सिंह ने कैंसर की नियमित स्क्रीनिंग और शुरुआती जांच पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि शुरुआती चरण में बीमारी की पहचान होने पर उपचार की संभावनाएं बेहतर हो सकती हैं। उनके मुताबिक रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में पहले से मौजूद चिकित्सा सुविधाओं के साथ कैंसर उपचार की नई सुविधा जुड़ने से मरीजों को व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं एक ही जगह उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
छत्तीसगढ़ में 15 मेडिकल कॉलेज, सुपर स्पेशलिटी सेवाओं का भी विस्तार
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि नए कैंसर इंस्टीट्यूट से छत्तीसगढ़ के साथ दूसरे राज्यों के मरीजों को भी लाभ मिल सकता है। उन्होंने बताया कि राज्य गठन के समय छत्तीसगढ़ में सिर्फ एक मेडिकल कॉलेज था। उनके अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 10 हुई, जबकि वर्तमान सरकार के पिछले ढाई वर्षों में यह संख्या 15 मेडिकल कॉलेज तक पहुंची है।
स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी बताया कि राज्य में सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। बस्तर में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की सुविधा शुरू होने के बाद गंभीर मरीजों को इलाज के लिए रायपुर एयरलिफ्ट करने की जरूरत कम हुई है। जगदलपुर में जटिल हृदय सर्जरी जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होने लगी हैं। बिलासपुर में भी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल शुरू हो चुका है। सरकार के मुताबिक प्रदेश में दो नए सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों पर भी काम चल रहा है।
कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक मोतीलाल साहू, चिकित्सक, स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। रायपुर में कैंसर इंस्टीट्यूट की शुरुआत ऐसे समय में हुई है जब कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के लिए समय पर जांच, विशेषज्ञ उपचार और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की स्थानीय उपलब्धता को स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण जरूरत माना जा रहा है।
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