
रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा है कि बस्तर में नक्सलवाद का प्रभाव खत्म होने के बाद क्षेत्र में विकास और जनकल्याण से जुड़े कामों को नई गति मिली है। केंद्र और राज्य सरकार की ओर से लोगों के कल्याण के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में काम तेजी से आगे बढ़ रहा है, वहीं कौशल प्रशिक्षण के जरिए युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार किए जा रहे हैं।
राज्यपाल ने कहा कि बस्तर में विकास के साथ लोगों का विश्वास भी बढ़ रहा है और भय का माहौल धीरे-धीरे कम हो रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर से अपील की कि वे बस्तर में दिखाई दे रहे इन बदलावों को देश और दुनिया तक पहुंचाने में अपनी भूमिका निभाएं। राज्यपाल नई दिल्ली से छत्तीसगढ़ पहुंचे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के एक दल से मुलाकात के दौरान संबोधित कर रहे थे। ये इन्फ्लुएंसर ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत छत्तीसगढ़ के दौरे पर आए हैं।
दिल्ली से आए इन्फ्लुएंसर ने अपने छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान खास तौर पर बस्तर में नक्सलवाद के प्रभाव के बाद हुए बदलावों को समझने की कोशिश की। उन्होंने विकास कार्यों, स्थानीय जनजीवन और बस्तर की पर्यटन संभावनाओं को करीब से देखा। इन्फ्लुएंसर ने राज्यपाल को बताया कि उन्होंने बस्तर में तीन दिन बिताए। इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों से बातचीत की और ऐसे इलाकों तथा गांवों का दौरा किया, जो पहले नक्सलवाद से प्रभावित रहे हैं। उन्होंने वहां की मौजूदा स्थिति को प्रत्यक्ष रूप से देखा और स्थानीय लोगों से संवाद किया। उनके मुताबिक, मीडिया और दूसरे माध्यमों से उन्हें छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के प्रभाव में कमी और बस्तर में हो रहे बदलावों की जानकारी मिली थी। इसी बदलाव को अपनी आंखों से देखने और समझने के लिए वे यहां पहुंचे।
इन्फ्लुएंसर ने बताया कि बस्तर में उन्हें शांति और सुकून का अनुभव हुआ। यहां की प्राकृतिक खूबसूरती ने भी उन्हें काफी प्रभावित किया। उन्होंने क्षेत्र में बेहतर होते सड़क संपर्क और प्रभावित लोगों के पुनर्वास तथा रोजगार के लिए किए जा रहे प्रयासों को भी देखा। इन्फ्लुएंसर का कहना था कि बस्तर में उन्होंने जितने बदलाव की उम्मीद की थी, जमीन पर उससे कहीं अधिक सकारात्मक परिवर्तन नजर आया। अब वे अपने-अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए इस अनुभव को देश और दुनिया के लोगों तक पहुंचाने की तैयारी में हैं। उनका कहना है कि बस्तर की मौजूदा तस्वीर सामने आने से क्षेत्र को लेकर बनी पुरानी धारणाओं को दूर करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, ज्यादा लोगों को बस्तर के पर्यटन स्थलों की ओर आकर्षित किया जा सकता है।
राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि बस्तर के बच्चों में शिक्षा को लेकर उत्साह बढ़ा है। उन्होंने कहा कि जो बच्चे पहले स्कूल नहीं जाते थे, वे अब नियमित रूप से स्कूल जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना समेत विभिन्न विकास योजनाओं के माध्यम से गांवों को बेहतर सुविधाओं और सड़क संपर्क से जोड़ा जा रहा है। इसके साथ ही बस्तर के शहरों और पर्यटन स्थलों के विकास के लिए भी काम चल रहा है। राज्यपाल ने रोजगार को विकास से जोड़ते हुए कहा कि रोजगार के अवसर बढ़ने से विकास की गति और तेज होगी। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में भी मदद मिलेगी।
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक श्री सौमिल रंजन चौबे ने बताया कि दिल्ली से कुल 41 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं। इन इन्फ्लुएंसर से जुड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पांच करोड़ से अधिक लोग जुड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि इन्फ्लुएंसर ने छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के प्रभाव के बाद हुए बदलाव और विकास कार्यों को प्रत्यक्ष रूप से देखा है। अब वे अपने सोशल मीडिया माध्यमों के जरिए बस्तर में देखे गए अनुभवों और बदलावों को साझा करेंगे। इससे बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता, स्थानीय जनजीवन और पर्यटन की संभावनाओं को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है। कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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