
रायपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर में डॉक्टरों की टीम ने एक बार फिर जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। 22 वर्षीय युवक की गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त आंख की निचली पलक का ऑपरेशन कर उसे नई दृष्टि और सामान्य जीवन की ओर लौटने का मौका मिला है। इस सफलता से मरीज को बड़ी राहत मिली है।
जानकारी के अनुसार, युवक दिसंबर 2025 में एक सड़क दुर्घटना का शिकार हो गया था। हादसे में उसकी आंख की निचली पलक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके कारण वह अपनी आंख पूरी तरह बंद नहीं कर पा रहा था। शुरुआती इलाज के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद वह सिम्स के नेत्र विभाग पहुंचा।
नेत्र विशेषज्ञों ने विस्तृत जांच के बाद सर्जरी करने का फैसला लिया। ऑपरेशन के दौरान पलक पर बने पुराने कठोर निशान (स्कार टिश्यू) को सावधानी से हटाया गया। इसके बाद पलक की संरचना को सामान्य करने के लिए आधुनिक स्किन ग्राफ्टिंग तकनीक का उपयोग किया गया।
यह सर्जरी काफी जटिल थी क्योंकि ग्राफ्ट का आकार बड़ा था। इसके बावजूद डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक स्किन ग्राफ्ट लगाकर पलक और गाल के हिस्से का पुनर्निर्माण किया। सर्जरी के बाद मरीज की आंख में तेजी से सुधार हुआ और अब वह सामान्य रूप से देख पा रहा है। उसकी पलक भी पूरी तरह बंद हो रही है, जिससे चेहरे की विकृति दूर हो गई है।
इस सर्जरी में डॉ. सुचिता सिंह, डॉ. प्रभा सोनवानी, डॉ. कौमल देवांगन, डॉ. विनोद ताम्कनंद, डॉ. डेलीना नेल्सन, डॉ. संजय चौधरी और डॉ. अनिकेत के साथ नर्सिंग स्टाफ सिस्टर संदीप कौर और नेत्र, सर्जरी व निश्चेतना विभाग की टीम ने अहम भूमिका निभाई।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार सर्जरी पूरी तरह सफल रही। मरीज की पलक सामान्य हो गई है और आंख की कार्यक्षमता भी वापस आ गई है। चेहरे की विकृति खत्म होने से मरीज और उसके परिजनों ने राहत महसूस की और डॉक्टरों का धन्यवाद किया।
सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने बताया कि संस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर लगातार बेहतर हो रहा है। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ डॉक्टर जटिल मामलों में भी अच्छे परिणाम दे रहे हैं। वहीं, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा कि इस तरह की सर्जरी टीमवर्क और विशेषज्ञता का उदाहरण है। सिम्स में आधुनिक तकनीकों के जरिए बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।
इस सफल सर्जरी ने साबित कर दिया है कि सरकारी अस्पतालों में भी आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ डॉक्टरों की मदद से जटिल बीमारियों का उच्च स्तरीय इलाज संभव है। सिम्स बिलासपुर इसका एक बेहतरीन उदाहरण बनकर सामने आया है।
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