
Chhattisgarh Rural Development: राज्य शासन के “मोर गांव-मोर पानी” महाअभियान के अंतर्गत मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले ने जल संरक्षण और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) सहित विभिन्न योजनाओं के प्रभावी समन्वय से जिले में जल संवर्धन, भू-जल स्तर सुधार और ग्रामीण आजीविका को मजबूत बनाने के लिए व्यापक कार्य किए गए हैं। यह अभियान अब जनआंदोलन का रूप ले चुका है, जिसमें प्रशासन और आम जनता की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है।
“जल संरक्षण हमारी जिम्मेदारी” थीम के तहत जिले में 1700 से अधिक आजीविका डबरी का निर्माण किया गया। प्रत्येक पंचायत में औसतन 9 डबरी विकसित कर जल संरक्षण को सीधे आजीविका से जोड़ा गया है। इससे किसानों और ग्रामीणों को वर्ष भर पानी उपलब्ध होने में मदद मिल रही है और कृषि उत्पादन में भी सुधार हुआ है।
वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2541 सोख्ता गड्ढों का निर्माण कराया गया। इसके साथ ही 175 बोरी बंधान, 3600 कंटूर ट्रेंच और 87 तालाबों का नवीनीकरण किया गया। जनजागरूकता के लिए रैली, कलश यात्रा, शपथ ग्रहण और दीपदान जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिससे लोगों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ी।
जलदूत ऐप के आंकड़ों के अनुसार जिले में भू-जल स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। प्री-मानसून 2024 की तुलना में 2025 में 1.81 मीटर और पोस्ट-मानसून में 2.19 मीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। यह आंकड़े इस अभियान की सफलता और प्रभावशीलता को दर्शाते हैं।
ग्रामीण विकास मंत्रालय की 23 सितम्बर 2025 की अधिसूचना के अनुसार जिले के तीनों विकासखंड, जो पहले सेमी-क्रिटिकल श्रेणी में थे, अब “सेफ ब्लॉक” घोषित किए गए हैं। यह उपलब्धि सामूहिक प्रयास, जनसहभागिता और बेहतर जल प्रबंधन का परिणाम है।
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