Election Commission: AI और Deepfake से निपटने की तैयारी, चुनाव आयोग का बड़ा प्लान

Published : Jul 04, 2026, 12:24 PM IST
Election Commission of India National Conference Media Communication Officers

सार

नई दिल्ली में चुनाव आयोग के राष्ट्रीय सम्मेलन में मीडिया अधिकारियों को फेक न्यूज, डीपफेक, सोशल मीडिया प्रबंधन और चुनावी संचार को लेकर अहम दिशा-निर्देश दिए गए।

रायपुर। भारत निर्वाचन आयोग ने नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (IIIDEM) में मीडिया एवं संचार अधिकारियों के लिए दूसरे एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया। तीन जुलाई को आयोजित इस सम्मेलन में देश के 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के विभिन्न जिलों से मीडिया नोडल अधिकारी, सोशल मीडिया नोडल अधिकारी, जिला जनसंपर्क अधिकारी तथा राज्य जनसंपर्क विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों सहित 260 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

छत्तीसगढ़ की ओर से सहायक मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, जनसंपर्क विभाग के अपर संचालक तथा प्रदेश के सभी 33 जिलों के जिला जनसंपर्क अधिकारी भी सम्मेलन में शामिल हुए।

चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पूरी तरह संविधान और कानून के अनुरूप

सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग की हर प्रक्रिया संविधान, निर्वाचन संबंधी कानूनों और आयोग द्वारा समय-समय पर जारी किए गए पारदर्शी दिशा-निर्देशों के अनुसार संचालित होती है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने वाली भ्रामक और फर्जी सूचनाओं के प्रति अधिकारियों को लगातार सतर्क रहने की आवश्यकता है। सही और तथ्यात्मक जानकारी का समय पर प्रसार करके गलत सूचनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में दर्ज हुआ रिकॉर्ड मतदान प्रतिशत देश के मतदाताओं के निर्वाचन प्रणाली पर मजबूत भरोसे को दर्शाता है।

AI, Deepfake और डिजिटल भ्रामक सामग्री से निपटने पर विशेष जोर

चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी ने डिजिटल दौर में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डीपफेक तकनीक और भ्रामक डिजिटल सामग्री से उत्पन्न नई चुनौतियों का उल्लेख किया। उन्होंने अधिकारियों से आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए इन चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने की अपील की। उन्होंने चुनावी साक्षरता क्लबों की भूमिका पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि इनके माध्यम से अधिक से अधिक युवा मतदाताओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ना आवश्यक है।

निर्वाचन प्रक्रिया और मीडिया प्रबंधन पर हुए तकनीकी सत्र

सम्मेलन के दौरान निर्वाचन प्रक्रिया के विभिन्न चरणों से जुड़े विषयों पर विस्तृत तकनीकी और व्यावहारिक सत्र आयोजित किए गए। इनमें संचार रणनीति, मतदाता सूची प्रबंधन, मतदान प्रक्रिया, मतगणना व्यवस्था, ईसीआईनेट (ECINet), संवैधानिक और कानूनी प्रावधान, मीडिया प्रबंधन, प्रेस विज्ञप्ति लेखन, सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग तथा भ्रामक सूचनाओं के प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे।

व्यवहारिक प्रशिक्षण और राज्यों के अनुभव हुए साझा

प्रतिभागियों को समूहों में विभाजित कर निर्वाचन प्रक्रिया का व्यवहारिक प्रदर्शन भी कराया गया। इसके साथ ही उन्होंने प्रदर्शनी और मीडिया कॉर्नर का अवलोकन किया। हाल ही में चुनाव संपन्न कराने वाले राज्यों के अधिकारियों ने निर्वाचन प्रबंधन और जनसंचार से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। इस दौरान प्रभावी संचार की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

प्रश्नोत्तर सत्र के साथ सम्मेलन का समापन

कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों और भारत निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया। इसमें निर्वाचन प्रक्रिया, मीडिया समन्वय, सूचना प्रबंधन और प्रभावी संचार से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। सम्मेलन का समापन चुनावी संचार व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं पारदर्शी बनाने के संकल्प के साथ हुआ।

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