Indian Railways News: आजादी के बाद पहली बार छत्तीसगढ़ का सुदूर इलाका रावघाट रेलवे नेटवर्क से जुड़ गया है। रेलवे ने 1,628 करोड़ रुपये की लागत से ताड़ोकी-रावघाट लाइन शुरू की है। इस बड़े प्रोजेक्ट के साथ ही यहां पहली बार ट्रेन पहुंची है।
79 साल का सपना सच, छत्तीसगढ़ के इस सुदूर इलाके में पहुंची ट्रेन!
आजादी के 79 साल बाद इंडियन रेलवे ने छत्तीसगढ़ के सुदूर इलाके रावघाट को नेशनल रेलवे नेटवर्क से जोड़ दिया है। ताड़ोकी-रावघाट रेलवे लाइन के उद्घाटन के साथ ही यह ऐतिहासिक मुकाम हासिल हुआ। इस 17.5 किलोमीटर लंबे रूट के शुरू होने से 95 किलोमीटर लंबा दल्लीराजहरा-रावघाट प्रोजेक्ट पूरा हो गया है। इस मौके पर रेलवे ने रावघाट-रायपुर और रायपुर-कुरुद के बीच दो नई पैसेंजर ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाई। इससे इलाके में ट्रांसपोर्ट की सुविधा बेहतर होगी और रोजगार के नए मौके बनेंगे।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय इस कार्यक्रम में खुद मौजूद रहे। वहीं, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस जश्न में शामिल हुए। इसके अलावा, रायपुर में इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव मेंटेनेंस फैसिलिटी की आधारशिला भी रखी गई।
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दशकों का इंतजार खत्म, 1,628 करोड़ का प्रोजेक्ट पूरा
दक्षिण छत्तीसगढ़ के रावघाट में ट्रेन पहुंचने से स्थानीय लोगों की दशकों पुरानी परेशानी खत्म हो गई है। अब तक इस इलाके के लोगों के पास ट्रांसपोर्ट के बहुत कम साधन थे। नई रेलवे लाइन आने से अब सफर आसान हो जाएगा। लोगों को पढ़ाई, इलाज, नौकरी और बाजारों तक पहुंचने के लिए बेहतर मौके मिलेंगे।
रेलवे ने 1,628 करोड़ रुपये की लागत से 95 किलोमीटर लंबे दल्लीराजहरा-रावघाट रेलवे प्रोजेक्ट को पूरा कर लिया है। ताड़ोकी और रावघाट के बीच आखिरी 17.5 किलोमीटर का हिस्सा पूरा होते ही यह प्रोजेक्ट सफल हो गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य में रेलवे के साथ-साथ विकास के सभी काम तेजी से चल रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि मौजूदा रेल बजट में छत्तीसगढ़ को 7,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का फंड मिला है।
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दो नई पैसेंजर ट्रेनों की हुई शुरुआत
इस उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान रेलवे ने रावघाट-रायपुर और रायपुर-कुरुद के बीच दो नई पैसेंजर ट्रेनें शुरू कीं। इन ट्रेनों के चलने से राज्य की राजधानी रायपुर तक का सफर काफी आसान हो जाएगा। इस रूट पर सफर करने वाले स्थानीय लोगों को इससे बड़ी राहत मिलेगी।
छोटे कस्बों और बड़े व्यापारिक केंद्रों के बीच लोगों और सामान की आवाजाही आसान होने से डेली पैसेंजर्स को फायदा होगा। यह नई कनेक्टिविटी क्षेत्रीय व्यापार को भी काफी बढ़ावा देगी।
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उद्योगों को कैसे फायदा पहुंचाएगी रावघाट रेलवे लाइन?
यह रेलवे लाइन सिर्फ यात्रियों के लिए ही नहीं, बल्कि रावघाट इलाके से लौह अयस्क (आयरन ओर) की ढुलाई के लिए भी बहुत काम आएगी। भिलाई स्टील प्लांट सहित भारत की स्टील इंडस्ट्री की जरूरतों को पूरा करने के लिए यह इलाका लौह अयस्क के मामले में बहुत अहम है।
रेलवे कनेक्टिविटी मिलने से कच्चे माल की ढुलाई तेज हो जाएगी। इससे इंडस्ट्रियल डिमांड को पूरा करने और सप्लाई चेन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। ट्रांसपोर्ट की इन बेहतर सुविधाओं से आसपास के इलाकों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और रोजगार के नए मौके पैदा होंगे।
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छत्तीसगढ़ में तेजी से फैल रहा रेलवे का जाल
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने छत्तीसगढ़ में पूरे हुए प्रोजेक्ट्स और नई पैसेंजर ट्रेनों की शुरुआत पर राज्य के लोगों को बधाई दी। उन्होंने बताया कि नई लाइनों, गेज कन्वर्जन और एक्स्ट्रा ट्रैक के जरिए राज्य में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार हो रहा है।
दल्लीराजहरा-रावघाट रेलवे लाइन के साथ-साथ, केंद्री-अभनपुर-राजिम-धमतरी सेक्शन में गेज कन्वर्जन का काम भी पूरा हो गया है। फिलहाल खरसिया-परमलकसा डबल लाइन प्रोजेक्ट का काम तेजी से चल रहा है। हाल ही में केंद्रीय कैबिनेट ने पेंड्रा रोड, बिलासपुर और उसलापुर के बीच तीसरी रेलवे लाइन को भी मंजूरी दी है। इन प्रोजेक्ट्स से नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी, यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। इसी कार्यक्रम में अभनपुर-कुरुद ब्रॉड-गेज रेलवे लाइन का भी उद्घाटन किया गया।
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