Raja की दो पत्नियां, महाराज की मौत के बाद एक BJP, दूसरी कर रही Congress का प्रचार, जानिये क्या है मामला

Published : Apr 20, 2024, 05:42 PM IST
chhattisgarh royal family

सार

छत्तीसगढ़ राज परिवार का विवाद एक बार फिर लोकसभा चुनाव में सामने आ रहा है। यहां महाराज की दो पत्नियों में से एक भाजपा तो दूसरी कांग्रेस के लिए प्रचार कर रही है। ऐसे में राज परिवार का विवाद फिर से सुर्खियों में आ गया है।

खैरागढ़. लोकसभा चुनाव 2024 में राजनीति क्या क्या रंग दिखा रही है। इसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। ऐसा ही एक मामला अब छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ राज परिवार से सामने आ रहा है। यहां पूर्व विधायक राजा देवव्रत सिंह के निधन के बाद उनकी दोनों पत्नियों के बीच संपत्ति को लेकर जमकर विवाद चला। ये विवाद एक बार फिर से लोकसभा चुनाव में सामने आ रहा है। आईये जानते हैं अब क्यों विवाद हो रहा है।

ये हैं राजा की दोनों पत्नियां

महाराज देवव्रत सिंह की पहली पत्नी का नाम पद्मा सिंह और दूसरी का नाम विभाग सिंह है। इन दोनों के बीच पहले पति की संपत्ति को लेकर विवाद हुआ था। अब राजनीति में भी दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया है। आपको बतादें कि राजनांदगांव से सांसद रहे देवव्रत सिंह का पहली पत्नी से 2016 में तलाक हो गया था। दोनों आपसी सहमति से अलग हो गए थे। इसके बाद उन्होंने विभा सिंह से शादी कर ली थी। इसके बाद देवव्रत सिंह को 2021 हार्ट अटैक आया और उनकी मौत हो गई।

बेटी पिता के साथ बेटा मां के साथ

जब देवव्रत सिंह का तलाक हुआ था, तब बेटी को पिता देवव्रत सिंह और बेटे को मां के साथ रहने के आदेश कोर्ट से मिले थे। देवव्रत के निधन के बाद संपत्ति को लेकर विवाद सामने आ गया। इस मामले में विभा सिंह की अपील के बाद प्रशासन ने उदयपुर पैलेस और खैरागढ़ स्थित कमल विलास पैलेस को सील कर दिया था। ये केस अभी भी कोर्ट में चल रहा है।

विभा सिंह ने लगाया आरोप

इस मामले में विभा सिंह ने पद्मा सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा कि जिस पद्मा सिंह ने राजा देवव्रत सिंह को छोड़ा, बाद में बच्चों और खैरागढ़ को छोड़कर किसी और के साथ शादी कर घर बसा लिया। उसी पद्मा को भूपेश बघेल बार बार क्षेत्र में घूमाकर देवव्रत सिंह की पत्नी बता रहे हैं। पद्मा सिंह ने कहा कि ये वही भूपेश बघेल हैं। जिन्होंने राजा देवव्रत सिंह को दुखी कर कांग्रेस पार्टी से बाहर ​कर दिया था। उन्हें पार्टी में खून के आंसू रूलाए गए थे। देवव्रत सिंह ने अपनी आखरी सांसें भी दूसरी पार्टी में ली थी। जब वे आखरी समय में कांग्रेस में नहीं थे, तो क्यों उनके नाम को भुनाया जा रहा है।

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एक कांग्रेस दूसरी भाजपा का प्रचार

आपको बतादें कि देवव्रत सिंह की पहली पत्नी जहां इन दिनों कांग्रेस का प्रचार कर रही है। वहीं उनकी दूसरी पत्नी पद्मा सिंह को बहुरूपिया औरत बताते हुए कांग्रेस को नहीं बल्कि भाजपा को वोट देने की अपील कर रही है।

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