CG News: कॉलोनियों की शिकायतें सुनते ही एक्शन में आए मंत्री, अधिकारियों को दिए बड़े निर्देश

Published : Jun 09, 2026, 10:01 PM IST
OP Choudhary Meets Housing Society Representatives Focus on Urban Infrastructure and Citizen Services in Raipur

सार

Raipur Housing News: रायपुर में आयोजित बैठक में आवासीय सोसायटियों ने कौन-कौन सी प्रमुख समस्याएं उठाईं? मंत्री ओपी चौधरी ने स्टेकहोल्डर मीटिंग्स को लेकर क्या निर्देश दिए? "आवास मितान" डिजिटल प्लेटफॉर्म और रेरा से जुड़े कौन से सुझाव बैठक में सामने आए?

शहरों का विकास केवल नई इमारतें खड़ी करने से नहीं होता, बल्कि उन लोगों की समस्याएं सुनने से होता है जो उन इमारतों में रहते हैं। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सोमवार को कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जब आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने विभिन्न आवासीय कॉलोनियों और हाउसिंग सोसायटियों के प्रतिनिधियों के साथ सीधे संवाद किया।

बैठक में कॉलोनियों की रोजमर्रा की समस्याओं से लेकर अधूरी रियल एस्टेट परियोजनाओं, रेरा कानून के क्रियान्वयन और शहरी सुविधाओं तक कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। खास बात यह रही कि कई प्रतिनिधियों ने इसे राज्य के इतिहास में अपनी तरह की पहली पहल बताया।

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कॉलोनियों की समस्याओं पर सरकार का फोकस

महानदी भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में रायपुर और आसपास की कई प्रमुख हाउसिंग सोसायटियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। प्रतिनिधियों ने सड़क, जल निकासी, सार्वजनिक सुविधाएं, अधोसंरचना विकास और लंबित परियोजनाओं से जुड़े मुद्दे मंत्री के सामने रखे। ओपी चौधरी ने सभी सुझावों और शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक परीक्षण कर व्यावहारिक और नियमसम्मत समाधान तैयार करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बेहतर शहरी अधोसंरचना और नागरिक सुविधाओं के विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा आवासीय कॉलोनियों में रहने वाले लोगों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।

अब नियमित होंगी स्टेकहोल्डर मीटिंग्स

बैठक के दौरान मंत्री ने एक महत्वपूर्ण निर्देश भी दिया। उन्होंने आवास विभाग, नगरीय निकायों, रेरा, बिल्डर संगठनों और रहवासी कल्याण संगठनों के साथ समय-समय पर नियमित स्टेकहोल्डर मीटिंग आयोजित करने को कहा। सरकार का मानना है कि सभी पक्षों के बीच लगातार संवाद बना रहेगा तो समस्याओं का समाधान तेजी से और अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा।

रेरा, बिल्डर्स और होमबायर्स से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा

बैठक में रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए। प्रतिनिधियों ने रेरा अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, लंबित परियोजनाओं के हस्तांतरण, संस्थागत सुधारों और आवासीय समितियों को अधिक अधिकार देने जैसे मुद्दों पर अपनी राय रखी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन सुझावों पर प्रभावी कार्रवाई होती है तो घर खरीदारों और बिल्डर्स के बीच लंबे समय से चली आ रही कई समस्याओं का समाधान संभव हो सकता है।

"आवास मितान" जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का सुझाव

बैठक में डिजिटल समाधान को लेकर भी चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने "आवास मितान" नाम से एक डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करने का सुझाव दिया, जहां कॉलोनियों और आवासीय सोसायटियों से जुड़े मुद्दों की निगरानी और समाधान की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया जा सके। इसके अलावा सलाहकार समिति के गठन और बड़े आवासीय परिसरों में मतदान सुविधाओं के विस्तार जैसे प्रस्ताव भी सामने आए।

क्यों खास मानी जा रही है यह बैठक?

बैठक में मौजूद कई रहवासी संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि संभवतः पहली बार किसी आवास एवं पर्यावरण मंत्री ने सीधे हाउसिंग सोसायटियों और कॉलोनियों के प्रतिनिधियों के साथ इस स्तर पर संवाद किया है। उनका कहना था कि यह पहल केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन सकती है।

रायपुर की कई बड़ी सोसायटियां रहीं शामिल

बैठक में पार्थिव पैसिफिक, कुबेर सोसायटी, सिटी ऑफ ड्रीम्स, आनंदम वर्ल्ड सिटी, पाम बेलाजियो, साई वाटिका, अविनाश सनसिटी, मारुति लाइफस्टाइल, अविनाश सिग्नेचर होम्स, रालास एन्क्लेव, क्रेस्ट ग्रीन्स, सिंगापुर सिटी, सैफायर ग्रीन्स, लास विस्टास, जैनम हाइट्स, पार्थिवी प्रोविंस, बरसाना एन्क्लेव, गैलेक्सी आईलैंड, सृष्टि पैलाजो और क्रॉसविंड्स सहित कई प्रमुख आवासीय परियोजनाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इसके अलावा नगर एवं ग्राम निवेश आयुक्त अवनीश शरण सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।

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