उफनाते दरिया, बहते बांध और डूबता पंजाब…तस्वीरों में देखें तबाही का मंजर

Published : Sep 04, 2025, 11:18 AM ISTUpdated : Sep 04, 2025, 11:26 AM IST

Punjab Floods 2025: चार दशक की सबसे भीषण बाढ़ ने पंजाब की तस्वीर बदल दी है। दरिया उफान पर, बांध टूटे और 4.5 लाख लोग संकट में फंसे। 1600 से ज्यादा गांव जलमग्न, हजारों बेघर…तस्वीरों में देखें तबाही और आंसुओं से भरे दर्दनाक नज़ारे।

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चार दशक की सबसे बड़ी आपदा

पंजाब इन दिनों भारी बारिश और बाढ़ से जूझ रहा है। बुधवार को हालात और बिगड़ गए जब बाढ़ की वजह से मृतकों की संख्या 37 तक पहुंच गई। 1988 के बाद यह राज्य की सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदा बताई जा रही है। राज्य के 23 जिलों में 1.75 लाख हेक्टेयर भूमि पर खड़ी फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। अब तक 1,655 गांवों के 3.55 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हो चुके हैं। सेना और प्रशासन युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य चला रहे हैं, लेकिन हालात अब भी डरावने बने हुए हैं।

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बाढ़ से मचा हाहाकार, पलायन को विवश हुए लोग

तेज बारिश और बाढ़ ने पंजाब में हाहाकार मचा दिया है। अब तक 37 लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों घायल हैं। करीब 1.75 लाख हेक्टेयर फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है। किसानों की मेहनत एक झटके में बह गई। सरकार ने राहत और बचाव कार्य शुरू किए हैं, लेकिन लोगों का दर्द और संकट लगातार बढ़ रहा है।

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उफनते दरिया और टूटते बांध

रावी, सतलुज और ब्यास जैसे बड़े दरिया उफान पर हैं। कई इलाकों में धुस्सी बांध टूट गए हैं। तेज़ बहाव ने गांवों का संपर्क पूरी तरह से काट दिया है। सड़कें डूब गई हैं, पुल बह गए हैं और लोग नावों के सहारे ही निकल पा रहे हैं। राहत टीमें लगातार जुटी हैं, लेकिन पानी का दबाव बहुत भारी है।

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सबसे ज्यादा प्रभावित जिले

गुरदासपुर, अमृतसर, कपूरथला और होशियारपुर सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। अकेले गुरदासपुर में ही 1.45 लाख लोग संकट में हैं, जबकि अमृतसर में 1.17 लाख लोग बाढ़ की मार झेल रहे हैं। बाकी जिलों में भी हालात गंभीर हैं। लोग अपने घर छोड़कर ऊंची जगहों और राहत शिविरों में पनाह ले रहे हैं।

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टूट गया गांवों का संपर्क

बाढ़ ने कई गांवों को देश से काट दिया है। सड़कें बह गई हैं, बिजली ठप है और पानी की सप्लाई बंद हो चुकी है। मोबाइल नेटवर्क भी कई इलाकों में काम नहीं कर रहा। गांवों में फंसे हजारों लोग मदद का इंतजार कर रहे हैं। बचाव दल नावों और हेलीकॉप्टर की मदद से लोगों को सुरक्षित निकाल रहे हैं।

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सेना और NDRF का मोर्चा

सेना और NDRF की टीमें राहत कार्य में लगी हैं। हेलीकॉप्टर से फंसे लोगों को निकाला जा रहा है और नावों से गांव-गांव राशन व दवाइयां पहुंचाई जा रही हैं। लेकिन लगातार बारिश और पानी के तेज़ बहाव से राहत कार्य में बड़ी दिक्कतें आ रही हैं। फिर भी बचाव टीमें हर हाल में जान बचाने की कोशिश कर रही हैं।

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बीमारी और भूख का खतरा

बाढ़ का पानी उतरने के बाद बीमारी और भूख का खतरा और बढ़ जाएगा। गांवों में पीने के पानी की किल्लत है, खाने-पीने का सामान नहीं पहुंच पा रहा। मवेशी मर रहे हैं और खेत बर्बाद हो गए हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर हालात जल्द काबू में नहीं आए तो यह आपदा पंजाब की अर्थव्यवस्था और भविष्य दोनों को हिला सकती है।

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अगले 48 घंटे का खतरा

मौसम विभाग ने अगले दो दिन भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इससे बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है।

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पंजाब की सबसे बड़ी चुनौती

विशेषज्ञों का मानना है कि यह बाढ़ पंजाब के लिए सिर्फ मौजूदा संकट नहीं, बल्कि आने वाले समय में आर्थिक और सामाजिक चुनौती भी साबित होगी।

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पंजाब का भविष्य क्या इस बाढ़ से बदल जाएगा?

यह आपदा सिर्फ आज का संकट नहीं है, बल्कि पंजाब के भविष्य पर भी बड़ा असर डाल सकती है। खेती को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है और किसानों पर कर्ज का बोझ और बढ़ेगा। ग्रामीण इलाकों में रोजगार और जीवनयापन की स्थिति और खराब हो सकती है। ऐसे में यह बाढ़ आने वाले सालों तक पंजाब की अर्थव्यवस्था और समाज को प्रभावित कर सकती है।

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क्या केंद्र देगा राहत पैकेज?

पंजाब सरकार ने 71 करोड़ रुपये का फंड जारी किया है, लेकिन ये रकम लाखों प्रभावित लोगों के लिए बहुत कम है। अब सबकी नजर केंद्र सरकार पर है कि क्या जल्द राहत पैकेज मिलेगा? या फिर लोगों को और लंबे समय तक इस आपदा से जूझना पड़ेगा।

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