रायपुर में मैत्री महोत्सव और क्षमादान उत्सव, CM विष्णु देव साय ने जैन समाज को बताया सेवा और परोपकार की मिसाल

Published : Sep 29, 2025, 03:04 PM IST
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सार

रायपुर में सकल दिगम्बर जैन समाज द्वारा मैत्री महोत्सव और क्षमादान उत्सव आयोजित हुआ। CM विष्णु देव साय ने कहा कि जैन धर्म के सिद्धांत अहिंसा, अपरिग्रह और अनेकांत समाज की आधारशिला हैं। इस अवसर पर समाजसेवियों को सम्मानित किया गया।

रायपुर। राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में सकल दिगम्बर जैन समाज द्वारा गुरु शरणम् – मैत्री महोत्सव – क्षमादान उत्सव का आयोजन हुआ। यह कार्यक्रम पूज्य आर्यिकारत्न 105 अंतर्मति माताजी ससंघ के मंगल सान्निध्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर विधायक श्री राजेश मूणत, जैन समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को किया गया सम्मानित

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मंच पर पूज्य माताजी को श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। जैन समाज ने पारंपरिक पगड़ी और गमछा पहनाकर मुख्यमंत्री का सम्मान किया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। साथ ही आचार्य विद्यासागर कल्याण सेवा संस्था का लोगो भी जारी किया गया।

मैत्री महोत्सव: आत्मिक जागृति और शुद्धिकरण का अवसर

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मैत्री महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मिक जागृति और शुद्धिकरण का पावन अवसर है। भारत केवल सभ्यता और संस्कृति की जननी ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक प्रयोगों की भूमि भी है। यहाँ धर्म केवल पूजा तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन जीने की कला है।

भगवान महावीर का संदेश: जियो और जीने दो

CM विष्णु देव साय ने कहा- ‘जियो और जीने दो’ का संदेश दिया भगवान महावीर स्वामी ने। क्षमादान पर्व का सार यही है—“उत्तम क्षमा, सबसे क्षमा और सबको क्षमा।” यही वसुधैव कुटुम्बकम का असली संदेश है। जैन धर्म ने इसे सबसे सुंदर और गहन रूप में प्रस्तुत किया है।

सेवा और परोपकार की मिसाल जैन समाज

CM साय ने कहा कि जैन समाज परोपकारी है और इसके सेवा भाव का लाभ छत्तीसगढ़ को निरंतर मिलता रहेगा। उन्होंने अहिंसा, अपरिग्रह और अनेकांत के सिद्धांतों को समरस समाज की आधारशिला बताया।

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आचार्य विद्यासागर जी का जीवन: प्रेरणा का स्रोत

सीएम साय ने कहा कि आचार्य श्री विद्यासागर जी का जीवन दर्शन त्याग, सेवा और आत्मसंयम का अद्भुत उदाहरण है। यह छत्तीसगढ़ का सौभाग्य है कि उन्होंने अपने कठोर साधना के अनेक वर्ष यहाँ व्यतीत किए और चंद्रगिरी तीर्थ पर समाधि ली।

जैन धर्म के आदर्श पूरे राष्ट्र की आत्मा

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि तीर्थंकरों द्वारा दिए आदर्श- “अहिंसा परमो धर्मः, अनेकांतवाद, सत्य और संयम”—केवल जैन समाज की धरोहर नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की आत्मा हैं।

आचार्य विद्यासागर कल्याण सेवा संस्था का परिचय

सकल दिगम्बर जैन समाज के अध्यक्ष श्री विनोद बड़जात्या ने आचार्य विद्यासागर कल्याण सेवा संस्था द्वारा संचालित योजना की जानकारी दी और समाज के लोगों से इसमें जुड़ने की अपील की। सीआईआई के अध्यक्ष श्री संजय बड़जात्या ने भी सभा को संबोधित किया।

उत्कृष्ट कार्य करने वालों को किया गया सम्मान

कार्यक्रम में जैन तीर्थों के निर्माण और संरक्षण के लिए श्री मनीष जैन, आयुर्वेद सेवा के लिए श्री विजय गोधा और समाज सेवा के लिए श्री सुनील संगोलिया को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने चांदी पर उत्कीर्ण गुरु-स्मृति और आचार्य विद्यासागर द्वारा रचित हाइकू का भी विमोचन किया।

कार्यक्रम में रही गणमान्य हस्तियों की उपस्थिति

इस अवसर पर जैन समाज के कई प्रमुख पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। इनमें सर्वश्री नरेन्द्र जैन, यशवंत जैन, रतनलाल बड़जात्या और सुधीर बाकलीवाल सहित अन्य प्रतिष्ठित व्यक्तित्व शामिल रहे।

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