छत्तीसगढ़ में डेटा हार्मोनाइजेशन विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें डेटा गुणवत्ता, मानकीकरण, डिजिटल प्लेटफॉर्म, NMDS 2.0 दिशानिर्देश और डेटा आधारित सुशासन को मजबूत बनाने पर चर्चा हुई।
रायपुर। Directorate of Economics and Statistics Chhattisgarh के तत्वावधान में ‘डेटा हार्मोनाइजेशन’ विषय पर द्वितीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शासकीय आंकड़ों के संकलन, प्रबंधन और उपयोग में बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए डेटा की गुणवत्ता, एकरूपता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करना था।

नीति निर्माण में मानकीकृत डेटा की अहम भूमिका
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय के अपर संचालक श्री नारायण बुलीवाल ने कहा कि प्रभावी नीति निर्माण, योजनाओं के सफल क्रियान्वयन और साक्ष्य आधारित निर्णय प्रक्रिया के लिए विभिन्न विभागों के आंकड़ों का मानकीकरण और समन्वय बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि सटीक और विश्वसनीय डेटा सुशासन की मजबूत नींव तैयार करता है।
कार्यशाला में हुए तकनीकी और नीतिगत सत्र
कार्यशाला के दौरान कई तकनीकी और नीतिगत सत्र आयोजित किए गए। इनमें डेटा हार्मोनाइजेशन की अवधारणा, आधिकारिक सांख्यिकी के डेटा जीवन चक्र प्रबंधन के लिए परिचालन दिशानिर्देश, मास्टर टूल किट, यूनिक आइडेंटिफायर और वर्गीकरण प्रणाली जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही भारत सरकार के Ministry of Statistics and Programme Implementation द्वारा जारी NMDS 2.0 दिशानिर्देशों पर भी विशेषज्ञों ने प्रस्तुति दी।
SQAF और डिजिटल द्वार प्लेटफॉर्म की दी गई जानकारी
कार्यशाला में Statistical Quality Assessment Framework (SQAF) और CHiPS के तहत विकसित डिजिटल द्वार प्लेटफॉर्म पर भी विशेषज्ञों ने जानकारी साझा की। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रतिभागियों को डेटा गुणवत्ता मूल्यांकन, डेटा मानकीकरण और डिजिटलीकरण की आधुनिक प्रक्रियाओं से परिचित कराया गया।
इंटरैक्टिव सत्र में डेटा एकीकरण पर हुई चर्चा
दोपहर सत्र में प्रतिभागियों के लिए इंटरैक्टिव अभ्यास आयोजित किया गया। इसमें विभिन्न विभागों के बीच डेटा लिंकेज और डेटा इंटीग्रेशन की संभावनाओं पर समूह चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने संभावित डेटा एकीकरण बिंदुओं की पहचान की और भविष्य की कार्ययोजना व समय-सीमा पर सहमति भी बनाई।
डेटा आधारित सुशासन को मजबूत करने की दिशा में पहल
कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए अपने अनुभव और सुझाव साझा किए। यह आयोजन राज्य में डेटा आधारित सुशासन को और अधिक प्रभावी और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।


