
जशपुर। रक्षाबंधन के मौके पर छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम पहल की गई। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बगिया स्थित कैंप कार्यालय से ‘जशपुर एक्सप्रेस’ योजना की शुरुआत की। इसके तहत जशपुर जिले की 50 महिलाओं को ई-रिक्शा प्रदान किए गए।
इस पहल का मकसद महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार से जोड़ना और उनकी नियमित आय का रास्ता तैयार करना है। ई-रिक्शा मिलने के बाद ये महिलाएं न सिर्फ परिवहन सेवा से जुड़ेंगी, बल्कि अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में भी बड़ी भूमिका निभा सकेंगी।
रक्षाबंधन के अवसर पर कार्यक्रम का माहौल भी बेहद आत्मीय रहा। स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की कलाई पर राखी बांधी और उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने भी बहनों को पर्व की शुभकामनाएं दीं और उन्हें साड़ी व मिठाई उपहार में दी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि किसी भी परिवार को मजबूत बनाने में महिला की आर्थिक आत्मनिर्भरता की बड़ी भूमिका होती है। आज स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अलग-अलग आजीविका गतिविधियों के जरिए अपने पैरों पर खड़ी हो रही हैं। उन्होंने कहा कि ई-रिक्शा को सिर्फ आने-जाने का साधन नहीं समझना चाहिए। यह महिलाओं के लिए नियमित आमदनी और सम्मानजनक स्वरोजगार का माध्यम बन सकता है। इससे उन्हें अपनी कमाई का एक स्थायी जरिया मिलेगा और आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिश केवल महिलाओं को आर्थिक सहायता देने तक सीमित नहीं है। उन्हें ऐसी गतिविधियों से जोड़ना भी जरूरी है, जिनसे वे खुद कमाई कर सकें और परिवार की आर्थिक प्रगति में उनकी भूमिका और मजबूत हो।
मुख्यमंत्री ने बताया कि महिलाओं को ई-रिक्शा के जरिए स्वरोजगार से जोड़ने की पहल पहले भी की जा चुकी है। पिछले रक्षाबंधन पर स्व-सहायता समूहों की 14 महिलाओं को ई-रिक्शा दिए गए थे। अब ‘जशपुर एक्सप्रेस’ योजना के तहत 50 और महिलाओं को ई-रिक्शा उपलब्ध कराए गए हैं। मुख्यमंत्री ने इसे महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़ता कदम बताया।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि राजधानी रायपुर में 92 महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए ई-रिक्शा दिए जा चुके हैं। ई-रिक्शा चलाने वाली महिलाएं वर्तमान में करीब 15 हजार रुपये प्रतिमाह तक की आय अर्जित कर रही हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इससे परिवार की कुल आमदनी बढ़ने के साथ महिलाओं में आत्मविश्वास और आर्थिक स्वतंत्रता भी बढ़ी है।
मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं के प्रयासों की तारीफ करते हुए कहा कि प्रदेश की दीदियां अब कई तरह के छोटे व्यवसायों से जुड़ रही हैं। कोई किराना दुकान चला रही है तो कोई सब्जी का कारोबार कर रही है। कई महिलाएं दूसरे छोटे उद्यमों के जरिए भी अपनी आय बढ़ा रही हैं। अब ई-रिक्शा जैसी सेवाओं में महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ रही है। सरकार बदलती जरूरतों के हिसाब से महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर तैयार करने पर जोर दे रही है। इसके लिए प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जा रहा है, ताकि महिलाओं के छोटे उद्यम लंबे समय तक चल सकें और उनकी आमदनी लगातार बढ़े।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार शुरू करने और मौजूदा कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए मुद्रा ऋण की सुविधा भी उपलब्ध है। महिलाएं अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार कारोबार शुरू कर सकती हैं। सरकार का प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा महिलाएं आयमूलक गतिविधियों से जुड़ें और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें।
‘जशपुर एक्सप्रेस’ योजना का एक दूसरा पहलू स्थानीय परिवहन से भी जुड़ा है। महिलाओं को ई-रिक्शा उपलब्ध होने से उन्हें रोजगार मिलेगा, वहीं स्थानीय लोगों के लिए आवागमन की सुविधा भी बेहतर होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने ई-रिक्शा पाने वाली महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें और अपनी मेहनत के दम पर आर्थिक आत्मनिर्भरता की मिसाल बनें।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं आज अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी क्षमता साबित कर रही हैं। सरकारी योजनाओं का सहयोग और उनकी मेहनत मिलकर उन्हें परिवार की आर्थिक ताकत बना रही है। साथ ही, प्रदेश के विकास में भी उनका योगदान लगातार बढ़ रहा है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बगिया क्षेत्र को विकास कार्यों की सौगात भी दी। उन्होंने करीब 3 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले विश्राम गृह का भूमिपूजन किया। इसके अलावा बगिया में यादव मोहल्ला तक बनने वाली सीसी सड़क के निर्माण कार्य का भी भूमिपूजन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में सड़क, भवन और दूसरी जरूरी सुविधाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। बुनियादी ढांचे के बेहतर होने से लोगों की रोजमर्रा की दिक्कतें कम होती हैं और स्थानीय विकास को भी गति मिलती है।
रक्षाबंधन के इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री और स्व-सहायता समूहों की महिलाओं के बीच आत्मीय संवाद भी हुआ। बहनों ने मुख्यमंत्री की कलाई पर राखी बांधी, वहीं मुख्यमंत्री ने उन्हें साड़ी और मिठाई भेंट कर पर्व की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों का स्नेह और आशीर्वाद उन्हें प्रदेश की सेवा और विकास के लिए लगातार काम करने की प्रेरणा देता है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश की हर बहन को आगे बढ़ने का अवसर मिले, वह आर्थिक रूप से मजबूत बने और अपने परिवार के साथ छत्तीसगढ़ की प्रगति में भागीदार बने।
कार्यक्रम में कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार समेत अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं मौजूद रहीं।
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