
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को स्वतंत्रता सेनानी शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 119वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने भगत सिंह को "भारत की वीरता, साहस और गौरव का अमर प्रतीक" बताया। उन्होंने कहा कि भगत सिंह का जीवन आज भी हर पीढ़ी में देशभक्ति जगाता है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्ट में सीएम गुप्ता ने पंजाब से भगत सिंह के जुड़ाव और देश की यादों में उनकी जगह को याद किया। उन्होंने लिखा, "पंजाब की मिट्टी में जन्मे, जिनकी वीरता की दहाड़ दिल्ली तक गूंजी, और जिनका नाम भारत माता के दिल में अमर हो गया... वो नाम है शहीद-ए-आजम भगत सिंह।"
मुख्यमंत्री ने भगत सिंह की जवानी और स्वतंत्रता संग्राम के प्रति उनके समर्पण पर भी बात की। उन्होंने कहा, "भरी जवानी में सदियों जितना बड़ा संकल्प। आंखों में आजाद भारत का सपना, दिल में मातृभूमि के लिए असीम प्यार और इतने तेज विचार जिन्होंने पूरे देश में आजादी की लौ जला दी।"
गुप्ता ने कहा कि भगत सिंह का जीवन नागरिकों में कर्तव्य की भावना को प्रेरित करता है। उन्होंने आगे कहा, "शहीद भगत सिंह जी भारत की वीरता, साहस और गौरव के अमर प्रतीक हैं। उनका जीवन हर पीढ़ी में देशभक्ति जगाता है और मातृभूमि के प्रति कर्तव्य और समर्पण की भावना भरता है।"
अपने संदेश के आखिर में उन्होंने कहा, "भारत माता के अमर सपूत, शहीद-ए-आजम भगत सिंह जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।"
पंजाब की मिट्टी में जन्मा शौर्य, दिल्ली की धरती पर गूंजी जिसकी हुंकार और मां भारती के हृदय में अमर हो गया जिसका नाम… वह नाम है शहीद-ए-आज़म भगत सिंह।
यौवन में संकल्प युगों जितना विराट। आंखों में स्वतंत्र भारत का स्वप्न, हृदय में मातृभूमि के लिए अगाध प्रेम और विचारों में वह तेज,… pic.twitter.com/SgDQZpRdEw— Rekha Gupta (@gupta_rekha) September 28, 2026
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी शहीद भगत सिंह को श्रद्धांजलि दी और उन्हें "युवाओं के लिए प्रेरणा" बताया। एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, "भारत माता के वीर सपूत, अमर शहीद भगत सिंह जी की जयंती पर मैं उन्हें कोटि-कोटि प्रणाम करता हूं। उनका साहस, देशभक्ति और आदर्श युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। उनके समर्पण और योगदान का कर्ज देश कभी नहीं चुका सकता।"
मां भारती के वीर सपूत, अमर शहीद भगत सिंह जी की जयंती पर कोटिशः नमन करता हूं।
उनका साहस, राष्ट्रभक्ति और विचार युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके समर्पण और योगदान के ऋण से देश कभी उऋण नहीं हो सकेगा।#भगत_सिंह#BhagatSingh pic.twitter.com/ffd1qD6ETv— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) September 28, 2026
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी भगत सिंह की 119वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने भगत सिंह को "युवा चेतना, वैचारिक साहस और अन्याय के खिलाफ लड़ाई का प्रतीक" बताया। एक्स पर अपनी पोस्ट में उन्होंने भगत सिंह को "क्रांति, विचारधारा और अदम्य देशभक्ति का अमर प्रतीक" कहा। उन्होंने लिखा, "क्रांति, विचारधारा और अदम्य देशभक्ति के अमर प्रतीक शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन।"
इतिहास में उनकी जगह को याद करते हुए बिरला ने कहा, "भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में शहीद भगत सिंह जी का नाम युवा चेतना, वैचारिक साहस और अन्याय के खिलाफ लड़ाई के प्रतीक के रूप में हमेशा अमर रहेगा।"
उनके जीवन को याद करते हुए बिरला ने कहा कि देश के लिए उनके इस बलिदान ने उस दौर के युवाओं में आजादी और राष्ट्र की चेतना को प्रभावित किया। उन्होंने कहा, "बहुत छोटी उम्र में ही उन्होंने देश की आजादी और बड़े सामाजिक बदलाव को अपने जीवन का मकसद बना लिया था। उनका संघर्ष सिर्फ विदेशी शासन से मुक्ति तक सीमित नहीं था; बल्कि उन्होंने एक ऐसे भारत का सपना देखा था जहां शोषण, असमानता और अन्याय के लिए कोई जगह न हो। उनकी शहादत ने उस दौर के युवाओं में आजादी और राष्ट्र की चेतना पर गहरा असर डाला।"
उन्होंने आगे कहा, "छोटी सी उम्र में उनका सर्वोच्च बलिदान भारतीय इतिहास की उन अमर गाथाओं में शामिल है, जिन्हें देश हमेशा श्रद्धा और सम्मान के साथ याद रखेगा।"
संदेश के आखिर में बिरला ने उनके साहस, विचारों, अध्ययनशीलता और बलिदान को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, "आज उनकी जयंती पर, हम भगत सिंह जी के साहस, विचारों, अध्ययनशीलता और बलिदान को नमन करते हैं।"
क्रांति, विचार और अदम्य राष्ट्रप्रेम के अमर प्रतीक शहीद-ए-आज़म सरदार भगत सिंह जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन।
शहीद भगत सिंह जी का नाम भारतीय स्वाधीनता संग्राम के इतिहास में युवा चेतना, वैचारिक साहस और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष के प्रतीक के रूप में अमर है।
बहुत कम आयु में उन्होंने… pic.twitter.com/EERTN5Pjjr— Om Birla (@ombirlakota) September 28, 2026
इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एक्स पर शेयर किए गए एक वीडियो संदेश में भगत सिंह को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने भगत सिंह को "हर भारतीय, खासकर देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत" बताया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी और लोगों, खासकर युवाओं से एक ज्ञानवान, मूल्य-आधारित और सक्षम उत्तर प्रदेश बनाने में योगदान देने की अपील की।
शहीद भगत सिंह को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन।
अपने अदम्य साहस और शौर्य से उन्होंने आजादी के आंदोलन को नई धार दी।
राष्ट्र के सम्मान के लिए सर्वस्व न्योछावर करने का उनका जज्बा भारत के नौजवानों की हिम्मत और हौसले का प्रतीक है। pic.twitter.com/GPH1tNHyVf— Narendra Modi (@narendramodi) September 28, 2026
भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 को बंगा में हुआ था, जो अब पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में है। वह भारत के स्वतंत्रता संग्राम के सबसे प्रमुख क्रांतिकारियों में से एक बनकर उभरे।
8 अप्रैल 1929 को भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने अंग्रेजी कानूनों के विरोध में दिल्ली की सेंट्रल लेजिस्लेटिव असेंबली के अंदर बम फेंके थे। उन्होंने जानबूझकर सरेंडर किया और बाद की अदालती कार्यवाही का इस्तेमाल ब्रिटिश शासन के खिलाफ अपना संदेश देने के लिए किया।
बाद में भगत सिंह को लाहौर साजिश मामले में दोषी ठहराया गया और 23 मार्च 1931 को 23 साल की उम्र में शिवराम राजगुरु और सुखदेव थापर के साथ उन्हें फांसी दे दी गई।
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