DDA Land Pooling: दिल्ली के गांवों में डीडीए का कैंप, 12 लाख नए घरों का रास्ता होगा साफ

Published : Oct 16, 2026, 04:05 PM IST
Delhi Lieutenant Governor Taranjit Singh Sandhu (File Photo/ANI)

सार

दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू के निर्देश पर डीडीए ने 'रिफॉर्म उत्सव' के तहत लैंड पूलिंग पॉलिसी को लेकर गांवों में कैंप लगाने शुरू कर दिए हैं। इसका मकसद किसानों और जमीन मालिकों को इस योजना के फायदे समझाना है।

नई दिल्ली। दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू के निर्देश पर दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने 'रिफॉर्म उत्सव' अभियान शुरू किया है। एक महीने तक चलने वाले इस अभियान के तहत डीडीए दिल्ली के लैंड पूलिंग वाले इलाकों और गांवों में जाकर कैंप लगा रहा है। इसका सीधा मकसद किसानों, जमीन मालिकों और बाकी लोगों को लैंड पूलिंग पॉलिसी के विकास मॉडल के बारे में समझाना है।

DDA के मुताबिक, 'विकसित भारत 2047' के विजन को ध्यान में रखते हुए मास्टर प्लान फॉर दिल्ली 2047 (MPD-2047) तैयार किया गया है। इसका लक्ष्य राजधानी को भविष्य के लिए तैयार, समावेशी और एक ऐसा शहर बनाना है जहां सबके लिए मौके हों। इस अभियान के तहत गांवों में कई प्रोग्राम किए जा रहे हैं। डीडीए अधिकारी सीधे लोगों से जुड़ रहे हैं ताकि लैंड पूलिंग पॉलिसी को सही तरीके से लागू किया जा सके। इन कैंपों में लोग अपने सवाल पूछ सकते हैं, अपनी चिंताएं बता सकते हैं और समझ सकते हैं कि इस पॉलिसी को जमीन पर उतारने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

डीडीए ने अब तक बक्करवाला (जोन K-1), तिगीपुर (जोन P-II) और सुल्तानपुर डबास (जोन N) में ऐसे इंटरैक्टिव कैंप सफलतापूर्वक लगा लिए हैं। इन प्रोग्राम्स में जमीन मालिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उन्होंने अपनी जमीन के विकास में शामिल होने की इच्छा जताई और डीडीए अधिकारियों से पॉलिसी लागू होने के प्रोसेस पर कई सवाल भी पूछे। अधिकारियों ने लोगों को भरोसा दिया कि जमीनों की डिटेल के साथ-साथ रोड नेटवर्क प्लान का नोटिफिकेशन भी जल्द ही जारी कर दिया जाएगा।

आने वाले दिनों में कई और इलाकों में कैंप लगाए जाएंगे। इनमें जोन L के छावला और सारनपुर, जोन J के नेब सराय, जोन P-I के खेड़ा कलां और जोन P-II के मुखमेलपुर शामिल हैं। इससे ज्यादा से ज्यादा लोग इस पॉलिसी के बारे में जान सकेंगे। आपको बता दें कि लैंड पूलिंग पॉलिसी के दायरे में करीब 200 वर्ग किलोमीटर का इलाका आता है। इससे दिल्ली में करीब 12 लाख नए घर बनने की उम्मीद है। इस पॉलिसी के तहत जमीन मालिक अपनी मर्जी से डीडीए के साथ मिलकर अपनी जमीन का विकास कर सकते हैं।

इस विकास मॉडल में सड़कें, बिजली-पानी, स्कूल, अस्पताल, पार्क, कमर्शियल सेंटर और बाकी पब्लिक सुविधाएं शामिल होंगी। यह पॉलिसी प्लानिंग जोन K-I, L, N, P-II, J (पार्ट) और अकबरपुर माजरा, बापरोला, बवाना, बुराड़ी, धूलसिरस, घेवरा, इब्राहिमपुर, झरोदा माजरा, नजफगढ़ और नांगली पूना जैसे गांवों में लागू होगी। यह पॉलिसी जमीन मालिकों और प्राइवेट कंपनियों को डीडीए के साथ मिलकर काम करने का मौका देती है। इसके जरिए टाउन प्लानिंग स्कीम या दूसरे मॉडल अपनाकर शहरी विकास किया जाएगा।

इस पॉलिसी में सबसे ज्यादा जोर इंफ्रास्ट्रक्चर पर है। डीडीए फेज के हिसाब से रोड नेटवर्क प्लान (RNP) पर काम कर रहा है, जिसमें 30 मीटर या उससे ज्यादा चौड़ी (RoW) सड़कें बनेंगी। 600 किलोमीटर से ज्यादा का नया रोड नेटवर्क प्लान किया गया है। इसका मकसद कनेक्टिविटी सुधारना, जमीन की कीमत बढ़ाना और लंबे समय के लिए निवेश लाना है, ताकि शहर बसने से पहले वहां बुनियादी सुविधाएं मौजूद हों। 20 हेक्टेयर की प्लानिंग स्कीम से विकास का काम तेजी से होगा। इसके लिए बड़े जमीन के टुकड़ों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और ज्यादा लोग इसमें शामिल हो सकेंगे। RoW-आधारित प्लानिंग से ऐसे मोहल्ले बसेंगे जहां घर, ऑफिस, बाजार और पब्लिक सर्विस सब एक ही जगह मिल जाएंगे।

अर्बन एक्सटेंशन रोड-II (UER-II) के साथ हाई डेंसिटी कॉरिडोर बनाने का भी प्लान है। इससे सस्ते घर, कमर्शियल डेवलपमेंट, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और रोजगार के नए मौके पैदा होंगे। पॉलिसी में नियमों को भी आसान बनाया गया है ताकि काम में कोई रुकावट न आए। जमीन पर काम शुरू भी हो चुका है। सेक्टर 8B, गांव गढ़ी खसरो और इब्राहिमपुर इस पॉलिसी के तहत नोटिफाई होने वाले पहले सेक्टर बन गए हैं। यह एक बड़ा कदम है जो बाकी सेक्टर्स के लिए भी रास्ता खोलेगा।

डीडीए का कहना है कि वह लैंड पूलिंग पॉलिसी को समय पर लागू करने, इंफ्रास्ट्रक्चर की सही प्लानिंग और किसानों-जमीन मालिकों के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इन कोशिशों से दिल्ली के विकास को नई रफ्तार मिलेगी और यह शहर भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तैयार हो सकेगा।

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