
नई दिल्ली। दिल्ली की ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए जल्द ही करीब 2,800 नई इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतरने वाली हैं। दिल्ली सरकार ने मंगलवार को यह जानकारी दी। दिल्ली कैबिनेट की एक बैठक में मंत्रियों ने राजधानी में नई इलेक्ट्रिक बसों को शामिल करने के साथ-साथ स्टार्टअप इकोसिस्टम जैसे कई दूसरे एजेंडा पर भी चर्चा की।
इससे पहले, दिल्ली के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने भी बताया कि केंद्र सरकार ने दिल्ली के इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए 2,403 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इस रकम का इस्तेमाल मेट्रो लाइनों के विस्तार, EV सिस्टम और दूसरे प्रोजेक्ट्स के लिए किया जाएगा।
CMO ने कहा, "माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में, केंद्र सरकार ने दिल्ली के लिए 2,403 करोड़ रुपये के इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट को मंजूरी दी है। मेट्रो विस्तार और बारापुला एलिवेटेड कॉरिडोर से लेकर EV इंफ्रास्ट्रक्चर और 28 बड़े डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स तक, यह ऐतिहासिक मदद दिल्ली को एक मॉडर्न, कनेक्टेड और भविष्य के लिए तैयार राजधानी बनाने में तेजी लाएगी।"
Under the visionary leadership of Hon’ble Prime Minister Shri @narendramodi, the Central Government has sanctioned a ₹2,403 crore infrastructure boost for Delhi.
From Metro expansion and the Barapulla Elevated Corridor to EV infrastructure and 28 major development projects,… pic.twitter.com/rVEAG4ZVyV— CMO Delhi (@CMODelhi) July 14, 2026
ये सभी प्रोजेक्ट्स दिल्ली कैबिनेट की उस बड़ी कोशिश का हिस्सा हैं, जिसके तहत इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। आपको बता दें कि 29 जून को कैबिनेट ने दिल्ली EV पॉलिसी 2026 को मंजूरी दी थी। यह एक बड़ी पहल है जिसका मकसद राष्ट्रीय राजधानी में इलेक्ट्रिक गाड़ियों को अपनाने में तेजी लाना और गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण को कम करना है।
दिल्ली CMO के बयान के मुताबिक, यह पॉलिसी 1 जुलाई, 2026 से लागू होगी और 31 मार्च, 2030 तक चलेगी। इसे ज़ीरो-एमिशन मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसके लिए अलग-अलग कैटेगरी की गाड़ियों पर फाइनेंशियल छूट, इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार और धीरे-धीरे बदलाव के नियम बनाए गए हैं।
इस पॉलिसी के तहत इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर 100% रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस की छूट मिलेगी। यह फायदा 30 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक की कीमत वाली चार-पहिया गाड़ियों पर लागू होगा। खरीदारी पर मिलने वाले इंसेंटिव में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर पर 30,000 रुपये तक, इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर पर 50,000 रुपये तक और N1 मालवाहक गाड़ियों पर 1 लाख रुपये तक की छूट शामिल है। इसके अलावा, पुरानी और प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों को बदलकर इलेक्ट्रिक मॉडल लेने पर 5,000 रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक का स्क्रैपिंग इंसेंटिव भी दिया जाएगा।
पॉलिसी की एक और खास बात EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का बड़े पैमाने पर विस्तार है, जिसके तहत पूरी दिल्ली में 30,000 से ज़्यादा चार्जिंग पॉइंट लगाने का प्रस्ताव है। इंसेंटिव की रकम सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) सिस्टम के ज़रिए लाभार्थियों के खाते में भेजी जाएगी।
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