Delhi News: टीबी की मशीनों से अब होगी हेपेटाइटिस B और C की जांच

Published : Oct 17, 2026, 03:58 PM IST
Representative image (Photo/ANI)

सार

दिल्ली सरकार ने हेपेटाइटिस बी और सी की जांच को आसान बनाने के लिए एक नया कदम उठाया है। अब टीबी (NTEP) की जांच करने वाली ट्रूनैट (Truenat) मशीनों का इस्तेमाल हेपेटाइटिस के वायरल लोड टेस्ट के लिए भी किया जाएगा।

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार हेपेटाइटिस बी और सी की जांच और इलाज को बेहतर बनाने जा रही है। इसके लिए नेशनल ट्यूबरकुलोसिस एलिमिनेशन प्रोग्राम (NTEP) के तहत पहले से मौजूद टेस्टिंग मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा। इस पहल का मकसद मरीजों को वायरल लोड टेस्ट की सुविधा आसानी से देना है। साथ ही, मौजूदा संसाधनों का सही इस्तेमाल करना और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के बीच तालमेल बिठाना है।

नए प्लान के तहत, जिन मरीजों में हेपेटाइटिस बी और सी के लक्षण मिलेंगे, उनका वायरल लोड टेस्ट NTEP की ट्रूनैट (Truenat) मशीनों से होगा। इसके अलावा, पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों का भी इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें महिलाओं, खासकर गर्भवती महिलाओं पर खास ध्यान दिया जाएगा ताकि समय रहते बीमारी का पता चल सके।

दिल्ली में NTEP के तहत अभी 85 ट्रूनैट मशीनें मौजूद हैं। शुरुआत में हर जिले में एक मशीन को हेपेटाइटिस बी और सी की जांच के लिए रिजर्व करने का प्लान है। हालांकि, इसके लिए NTEP के स्टेट प्रोग्राम ऑफिसर की मंजूरी जरूरी होगी। इससे नेशनल वायरल हेपेटाइटिस कंट्रोल प्रोग्राम (NVHCP) को भी काफी मदद मिलेगी।

स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने जांच की सुविधा बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा,

अलग-अलग स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संसाधनों को एक साथ मिलाकर हम अपने मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर का बेहतर इस्तेमाल कर सकते हैं। हमारा फोकस इस बात पर है कि टेस्टिंग सुविधाओं का सही इस्तेमाल हो और खासकर जरूरतमंद लोगों को समय पर इलाज मिल सके।

इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए हेपेटाइटिस बी और सी, दोनों के लिए 2,500-2,500 ट्रूनैट चिप्स की मांग सेंट्रल प्रोग्राम डिवीजन को भेजी गई है। NVHCP की सेंट्रल यूनिट ने बताया है कि ये चिप्स केंद्र सरकार की तरफ से खरीदे जाएंगे ताकि जांच में कोई कमी न आए।

इस योजना में लैब टेक्नीशियनों को ट्रेनिंग देने और उन्हें इंसेंटिव देने की भी बात कही गई है। काम के दबाव को देखते हुए, इन मशीनों का इस्तेमाल रेगुलर ड्यूटी के बाद या छुट्टियों के दिन भी किया जा सकता है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच हो सके।

इस नए तरीके से दिल्ली सरकार का लक्ष्य जांच सेवाओं को मजबूत करना और हेपेटाइटिस बी और सी के मरीजों की समय पर पहचान करना है। जिला स्तर पर यह व्यवस्था जरूरी मंजूरियों के बाद जल्द शुरू की जाएगी।

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