Delhi Health Scheme: रेखा गुप्ता सरकार ने दिल्ली के 2.70 लाख कंस्ट्रक्शन मजदूरों और उनके परिवारों को दिया सेहत का तोहफा

Asianet News   | ANI
Published : Jun 24, 2026, 02:47 PM ISTUpdated : Jun 24, 2026, 03:03 PM IST
Delhi Health Scheme

सार

दिल्ली सरकार ने राजधानी के 2.70 लाख कंस्ट्रक्शन मजदूरों और उनके परिवारों के लिए 'दिल्ली बिल्डिंग एंड कंस्ट्रक्शन वर्कर्स हेल्थ स्कीम' को मंजूरी दे दी है। इस स्कीम के तहत मजदूरों और उनके परिवार को कैशलेस इलाज और मुफ्त हेल्थ चेक-अप जैसी कई सुविधाएं मिलेंगी।

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने राजधानी के मजदूरों और उनके परिवारों की सेहत की सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। एक आधिकारिक रिलीज में यह जानकारी दी गई है। मंगलवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में 'दिल्ली बिल्डिंग एंड कंस्ट्रक्शन वर्कर्स हेल्थ स्कीम' को मंजूरी दे दी गई। यह स्कीम दिल्ली के रजिस्टर्ड कंस्ट्रक्शन मजदूरों और उनके परिवारों की सेहत की देखभाल के लिए बनाई गई है।

 

 

10 लाख लोगों को मिलेगा लाभ: 2.70 लाख रजिस्टर्ड निर्माण श्रमिक होंगे कवर

इस स्कीम से करीब 2.70 लाख रजिस्टर्ड कंस्ट्रक्शन मजदूरों और उनके परिवारों को फायदा होगा। यानी कुल मिलाकर करीब 10 लाख लोग इसके दायरे में आएंगे। मजदूरों और उनके परिवारों के सालाना हेल्थ चेक-अप के अलावा, कई तरह की मेडिकल सेवाएं भी मुफ्त दी जाएंगी। इलाज का पूरा प्रोसेस कैशलेस होगा, ताकि मजदूरों और उनके परिवारों पर कोई आर्थिक बोझ न पड़े।

CM रेखा गुप्ता बोलीं: मजदूरों की स्वास्थ्य सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार समाज के हर वर्ग, खासकर गरीबों, मजदूरों और वंचित परिवारों के कल्याण के लिए पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कंस्ट्रक्शन मजदूर राजधानी के विकास की नींव हैं और उनकी सेहत और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना सरकार की मुख्य प्राथमिकता है। इसी मकसद से कैबिनेट ने इस अहम हेल्थ स्कीम को मंजूरी दी है।

सिलिकोसिस और फेफड़ों की बीमारी का खतरा: निर्माण श्रमिकों की सेहत पर विशेष फोकस

उन्होंने बताया कि कंस्ट्रक्शन मजदूर अकसर पत्थर काटने की धूल, केमिकल, तेज शोर, भारी मशीनों और धूल-मिट्टी के बीच मुश्किल हालात में काम करते हैं। इस वजह से उन्हें सिलिकोसिस (फेफड़ों की बीमारी), सांस की तकलीफ, स्किन से जुड़ी बीमारियां और दूसरी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बना रहता है।

मजदूर परिवारों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस जैसी सुरक्षा: मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण इलाज की व्यवस्था

उन्होंने यह भी कहा कि इस वर्ग के लिए एक व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा योजना की लंबे समय से कमी थी, और मौजूदा पहल इसी कमी को दूर करने के लिए की गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस स्कीम के तहत, रजिस्टर्ड कंस्ट्रक्शन मजदूर और उनके परिवार के योग्य सदस्य, जिनमें पति/पत्नी, बच्चे और माता-पिता शामिल हैं, पैनल में शामिल अस्पतालों और मोबाइल हेल्थ यूनिट्स के जरिए मुफ्त और क्वालिटी हेल्थकेयर सर्विस ले सकेंगे।

कैशलेस इलाज का बड़ा फायदा: प्रति मजदूर 2 लाख और परिवार को 10 लाख तक कवरेज

हर रजिस्टर्ड मजदूर पैनल में शामिल अस्पतालों में 2 लाख रुपए तक का इलाज करा सकेगा, जबकि एक परिवार के लिए यह लिमिट 10 लाख रुपए तक होगी। इलाज की पूरी प्रक्रिया कैशलेस होगी, जिससे मजदूरों और उनके परिवारों पर कोई वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।

फ्री हेल्थ चेकअप, OPD-IPD और इमरजेंसी मेडिकल सेवाएं भी होंगी उपलब्ध

यह स्कीम रजिस्टर्ड मजदूरों और उनके जीवनसाथी के लिए सालाना हेल्थ चेक-अप की सुविधा भी देगी। इसके अलावा, लाभार्थियों को मुफ्त ओपीडी और आईपीडी सेवाएं, डायग्नोस्टिक और लैब सुविधाएं, इमरजेंसी मेडिकल सहायता और रेफरल सेवाएं भी मिलेंगी। कंस्ट्रक्शन साइट्स और मजदूरों की घनी आबादी वाले इलाकों में मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के जरिए भी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएंगी।

डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड और 24x7 हेल्पलाइन: तकनीक आधारित स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मुताबिक, स्कीम के तहत लाभार्थियों का डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड बनाया जाएगा और सेवाओं की डिलीवरी में पारदर्शिता और असरदार निगरानी के लिए एक मॉडर्न बेनेफिशियरी ट्रैकिंग सिस्टम भी विकसित किया जाएगा। मजदूरों की मदद के लिए 24x7 टोल-फ्री हेल्पलाइन भी शुरू की जाएगी।

दिल्ली सरकार सालाना 200 करोड़ रुपये खर्च करेगी, सामाजिक सुरक्षा को मिलेगा नया आधार

उन्होंने आगे कहा कि यह स्कीम सिर्फ स्वास्थ्य सेवा देने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह एक बड़ी सामाजिक सुरक्षा पहल है जिसका मकसद मजदूरों और उनके परिवारों के जीवन की क्वालिटी को बेहतर बनाना है। सरकार को उम्मीद है कि इस स्कीम पर सालाना लगभग 200 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

प्रधानमंत्री मोदी की श्रमिक कल्याण योजनाओं से प्रेरित है यह पहल: CM रेखा गुप्ता

CM रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने गरीबों, मजदूरों और असंगठित क्षेत्र में काम करने वालों के कल्याण को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। आयुष्मान भारत, ई-श्रम पोर्टल और प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना जैसी पहलों के जरिए मजदूरों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा देने के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार इसी भावना को आगे बढ़ाने और मजदूरों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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