
दिल्ली को स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर बनाने की दिशा में राजधानी में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जनकपुरी से डोर-टू-डोर वेस्ट कलेक्शन प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने घर-घर से कचरा एकत्र करने के लिए विशेष टिपर ट्रकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस कार्यक्रम में दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री आशीष सूद और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के मेयर प्रवेश वाही भी मौजूद रहे। सरकार का कहना है कि यह अभियान राजधानी में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management) को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।
सफाई सिर्फ वादा नहीं, एक व्यवस्था बन रही है।
दिल्ली को स्वच्छ बनाने की दिशा में आज माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती @gupta_rekha जी ने जनकपुरी में डोर-टू-डोर वेस्ट कलेक्शन प्रोजेक्ट की शुरुआत की और घर-घर से कचरा उठाने के लिए टिपर ट्रकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस महत्वपूर्ण पहल… pic.twitter.com/30T9hBeSaB— Manjinder Singh Sirsa (@mssirsa) July 23, 2026
नई व्यवस्था के तहत कचरा सीधे लोगों के घरों से एकत्र किया जाएगा, जिससे सड़कों, गलियों और कॉलोनियों में कचरा फेंकने की समस्या पर काफी हद तक रोक लग सकेगी। सरकार का उद्देश्य कचरा निस्तारण की पूरी प्रक्रिया को अधिक आधुनिक और वैज्ञानिक बनाना है। इस पहल से नागरिकों को भी स्वच्छता अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का अवसर मिलेगा और राजधानी में साफ-सफाई की व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली ने पिछले कई वर्षों में गंदगी और खराब कचरा प्रबंधन की गंभीर चुनौती का सामना किया है। अब सरकार उस व्यवस्था को पूरी तरह बदलने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राजधानी में वर्षों से बने कूड़े के बड़े-बड़े पहाड़ों को हटाने का अभियान तेजी से चल रहा है। इसके साथ ही कॉलोनियों, बाजारों और प्रमुख सड़कों पर भी स्थायी रूप से सफाई व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है, ताकि भविष्य में कचरा जमा होने की समस्या दोबारा पैदा न हो।
दिल्ली सरकार का लक्ष्य केवल कचरा उठाना नहीं, बल्कि पूरे सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम को आधुनिक बनाना है। डोर-टू-डोर कलेक्शन, नियमित परिवहन, वैज्ञानिक तरीके से कचरे का निस्तारण और नागरिकों की भागीदारी जैसे कदम इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। सरकार का मानना है कि व्यवस्थित कचरा प्रबंधन से न केवल स्वच्छता बेहतर होगी, बल्कि प्रदूषण कम करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुधारने में भी मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली लगातार बदलाव के दौर से गुजर रही है और सरकार का प्रयास है कि राजधानी को देश के सबसे स्वच्छ शहरों में शामिल किया जाए। उन्होंने इस अभियान को केवल एक योजना नहीं बल्कि एक मजबूत व्यवस्था की शुरुआत बताते हुए कहा कि स्वच्छता अब केवल वादा नहीं, बल्कि जमीन पर लागू होने वाली प्रणाली बन रही है। सरकार ने नागरिकों से भी अपील की कि वे घरों से निकलने वाले कचरे को निर्धारित समय पर ही सफाई कर्मचारियों को दें और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फैलाएं। जनभागीदारी से ही स्वच्छ दिल्ली का सपना साकार हो सकेगा।
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