
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा, बेटियों की शिक्षा, रोजगार के अवसरों, स्वच्छता और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को लेकर सरकार की हालिया पहलों का जिक्र किया है। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि दिल्लीवासियों की रोजमर्रा की जिंदगी अधिक सुरक्षित, आसान और सम्मानजनक बने।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में कहा कि इस सप्ताह महिलाओं की सुरक्षा मजबूत करने, बेटियों के लिए नए अवसर तैयार करने और जरूरी सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। पिंक ई-ऑटो से लेकर सुरक्षित सड़कों, बेहतर शिक्षा, आजीविका के अवसरों, स्वच्छ मोहल्लों और हरित सार्वजनिक परिवहन तक, इन पहलों का उद्देश्य दिल्ली को सुरक्षित, मजबूत और समृद्ध बनाना है।
This week, we took important steps to make Delhi safer for women, create more opportunities for our daughters and strengthen essential public services.
From Pink E-Autos and safer streets to better education, stronger livelihoods, cleaner neighbourhoods and greener public transport, every initiative is aimed at making everyday life safer, easier and more dignified for Delhiites.
Together, we are building a safer, stronger and more prosperous Viksit Delhi.
#ViksitDelhi
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) October 21, 2026
महिलाओं की सुरक्षा मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के संदेश का प्रमुख हिस्सा रही। सरकार ने महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को रोजगार के अवसर देने के साथ सार्वजनिक स्थानों को अधिक सुरक्षित बनाने से जुड़ी पहलें सामने रखी हैं। दिल्ली सरकार की DURGA ई-ऑटो योजना के पहले चरण में 1,300 पिंक ई-ऑटो आवंटित करने की योजना घोषित की गई है। इसके लिए डिजिटल पोर्टल शुरू किया गया है।
इसके अलावा, राजधानी की सड़कों पर रोशनी की व्यवस्था मजबूत करने के लिए एक लाख स्मार्ट एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने की परियोजना शुरू की गई है। इसका उद्देश्य अंधेरे वाले इलाकों में रोशनी बढ़ाना और महिलाओं सहित सभी नागरिकों के लिए सार्वजनिक स्थानों को अधिक सुरक्षित बनाना है। परियोजना में लाइटों की निगरानी और खराब होने पर मरम्मत की व्यवस्था भी शामिल है।
मुख्यमंत्री ने बेटियों के लिए शिक्षा के बेहतर अवसर तैयार करने को भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया। शिक्षा के साथ तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार से जुड़े कौशल विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के अधिक विकल्प मिल सकें।
दिल्ली सरकार ने हालिया शिक्षा पहलों के तहत द्वारका के सेक्टर 16बी में 2,000 विद्यार्थियों की क्षमता वाले आधुनिक सहशिक्षा वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय और एनएसयूटी के ईस्ट कैंपस में 120 छात्राओं के लिए छात्रावास की परियोजनाएं शामिल की हैं। आईटीआई में रोबोटिक्स, औद्योगिक ऑटोमेशन और सौर तकनीक जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण देने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित करने की योजनाएं भी सामने आई हैं। इन पहलों का घोषित उद्देश्य शिक्षा को व्यावहारिक कौशल और रोजगार से जोड़ना है। मुख्यमंत्री के संदेश में भी बेटियों के लिए नए अवसर तैयार करने और उनके भविष्य को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है।
महिलाओं और युवाओं के लिए आजीविका के अवसर बढ़ाना भी इस व्यापक एजेंडे का हिस्सा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की पहलें ऐसी होनी चाहिए, जिनसे लोगों को बेहतर अवसर मिलें और वे अधिक आत्मनिर्भर बन सकें। पिंक ई-ऑटो योजना के साथ तकनीकी प्रशिक्षण और औद्योगिक विकास से जुड़ी पहलें इसी संदर्भ में महत्वपूर्ण हैं। दिल्ली मंत्रिमंडल ने 2026 की औद्योगिक नीति को भी मंजूरी दी है, जिसके तहत 2026-27 से 2030-31 के बीच औद्योगिक विकास के लिए 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। नीति में महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए भी प्रोत्साहन शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने स्वच्छ मोहल्लों और बेहतर पर्यावरण को भी सरकार की प्राथमिकताओं में गिनाया। राजधानी में सफाई को लेकर सरकारी प्रयासों के साथ नागरिकों की भागीदारी को भी अहम माना जा रहा है। हाल ही में 19 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में यमुना के 70 घाटों पर सफाई अभियान चलाया गया। ‘चलो यमुना अभियान’ के तहत घाटों और नदी के आसपास स्वच्छता बनाए रखने तथा लोगों को कचरा नहीं फैलाने के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया। ऐसे प्रयासों का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने के साथ पर्यावरण के प्रति लोगों की जिम्मेदारी बढ़ाना है। हालांकि, सफाई और प्रदूषण नियंत्रण के स्थायी परिणाम नियमित निगरानी और नागरिकों की निरंतर भागीदारी पर निर्भर करेंगे।
दिल्ली में प्रदूषण कम करने और सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने के लिए इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार भी सरकार के एजेंडे में शामिल है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में हरित सार्वजनिक परिवहन को रोजमर्रा की जिंदगी आसान बनाने वाली पहलों में गिनाया। 13 अक्टूबर को दिल्ली में 150 नई इलेक्ट्रिक बसें शुरू की गईं। दिल्ली सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, इसके बाद राजधानी के इलेक्ट्रिक बस बेड़े की संख्या 5,238 हो गई। इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार के साथ चार्जिंग सुविधाओं और वायु गुणवत्ता की निगरानी से जुड़ी व्यवस्थाओं पर भी काम किया जा रहा है।
इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार सार्वजनिक परिवहन की क्षमता बढ़ाने और वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। इसका वास्तविक लाभ बस सेवाओं की उपलब्धता, नियमित संचालन और यात्रियों की जरूरतों के अनुरूप नेटवर्क विकसित होने से तय होगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने संदेश में कहा कि सरकार की हर पहल का मकसद दिल्लीवासियों की रोजमर्रा की जिंदगी को सुरक्षित, आसान और सम्मानजनक बनाना है। महिलाओं की सुरक्षा, बेटियों की शिक्षा, रोजगार, स्वच्छता और हरित परिवहन को उन्होंने इसी व्यापक लक्ष्य से जोड़ा। उन्होंने ‘विकसित दिल्ली’ के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया। इन क्षेत्रों में घोषित योजनाओं का असर इस बात से आंका जाएगा कि वे नागरिकों तक कितनी प्रभावी ढंग से पहुंचती हैं और दैनिक जीवन में कितना ठोस बदलाव लाती हैं।
दिल्ली की राजनीति, मेट्रो-ट्रैफिक अपडेट्स, प्रदूषण स्तर, प्रशासनिक फैसले और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी हर ज़रूरी जानकारी पाएं। राजधानी की रियल-टाइम रिपोर्टिंग के लिए Delhi News in Hindi सेक्शन देखें — सटीक और तेज़ समाचार सिर्फ Asianet News Hindi पर।