Delhi Police FIRs: कनॉट प्लेस में प्रदर्शन करने वालों पर दिल्ली पुलिस का एक्शन, दर्ज की कई FIR

Published : Oct 17, 2026, 12:02 PM IST
CJP supporters gather for ‘Lehra Do Tiranga’ protest at Connaught Place on Friday (File photo/ANI)

सार

दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को कनॉट प्लेस में निषेधाज्ञा (Prohibitory orders) का उल्लंघन कर प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ कई FIR दर्ज की हैं। पुलिस का कहना है कि बार-बार नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को हुए प्रदर्शनों के दौरान कनॉट प्लेस और नई दिल्ली के अन्य हिस्सों में लागू निषेधाज्ञा (prohibitory orders) तोड़ने के आरोप में कई FIR दर्ज की हैं। शनिवार को अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, लोगों से इकट्ठा न होने की बार-बार अपील की गई थी, फिर भी कनॉट प्लेस में भीड़ जमा हो गई। अधिकारियों ने बताया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा उल्लंघन के मामले में FIR दर्ज की जाएंगी। साथ ही, बार-बार नियम तोड़ने वालों पर भी एक्शन लिया जाएगा।

यह कार्रवाई तब हुई जब शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा के बीच प्रदर्शनकारियों ने कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क के बाहर 'तिरंगा रैली' निकाली। आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ता और समर्थक भी चुनाव प्रक्रिया में कथित धांधली को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध जताने के लिए तिरंगा रैली में जुटे थे। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 'लहरा दो तिरंगा' रैली के तहत 16 अक्टूबर को लोगों से सेंट्रल पार्क में इकट्ठा होकर राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अपील की थी।

अधिकारियों ने बताया कि मध्य दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने करीब 150 लोगों को हिरासत में लिया। इनमें अभिजीत दीपके भी शामिल थे, जिन्हें प्रस्तावित रैली से पहले NCP-SCP प्रवक्ता अनीश गवांडे के घर से निकलते वक्त हिरासत में लिया गया। एक पुलिस अधिकारी ने डिपके को बताया कि कनॉट प्लेस में लागू निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए उन्हें एहतियातन हिरासत (preventive detention) में लिया जा रहा है। प्रशासन ने दीपके को दो अलग-अलग नोटिस भी थमाए। पहला नोटिस नई दिल्ली जिले ने BNSS की धारा 163 के तहत जारी किया, जिसमें भीड़ जुटने पर लगी रोक के बीच उन्हें सेंट्रल पार्क जाने से मना किया गया था। दूसरा नोटिस दक्षिण-पश्चिम दिल्ली जिले ने बॉन्ड उल्लंघन को लेकर दिया, जो अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास के खिलाफ पहले की गई एहतियाती कार्रवाई से जुड़ा था।

एक अन्य घटनाक्रम में, दिल्ली पुलिस ने मंडी हाउस के पास प्रदर्शन कर रहे ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और वामपंथी दलों के कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया। ये लोग मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। शुक्रवार शाम को हिरासत में ली गईं AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को बाद में दिल्ली पुलिस एक्ट की धारा 65 के तहत औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने पर छोड़ दिया गया। रिहाई के बाद बोरा ने आरोप लगाया कि आम नागरिकों के साथ खूंखार अपराधियों जैसा बर्ताव किया जा रहा है। उन्होंने हिरासत में लिए गए लोगों को रात भर थाने में रखने की कानूनी वैधता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा,

कानून-व्यवस्था की हर तरह से धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। आम नागरिकों के साथ ऐसा सुलूक हो रहा है जैसे वे कोई बड़े अपराधी हों, और यह सिलसिला देश में लंबे समय से चल रहा है।

बोरा ने मध्य दिल्ली में लगाई गई पाबंदियों की भी आलोचना की। उन्होंने ज्ञानेश कुमार पर महाभियोग चलाने और चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने आगे कहा,

ये कैसी अफरातफरी और अराजकता है? जो आपने मध्य दिल्ली में मचा रखी है? दिल्ली के लोग चैन की सांस तक नहीं ले पा रहे हैं; वे काम पर जाने के लिए जो भी रास्ता पकड़ते हैं, वह बंद मिलता है। आप पूरे देश में अराजकता फैला रहे हैं। कृपया भारत के लोगों को बख्श दें। ज्ञानेश कुमार पर महाभियोग चलाएं और SIR को रोकें, ताकि इस देश के आम नागरिक चैन की सांस ले सकें और उनके वोटिंग अधिकार सुरक्षित रहें।

बोरा ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने शुरुआत में उन्हें वकील से बात नहीं करने दी और उनकी लीगल टीम को उन तक पहुंचने में पांच से छह घंटे लग गए। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 16 अक्टूबर के प्रदर्शन के बाद बोरा और डिपके को शुक्रवार शाम एहतियातन हिरासत में लिया गया था। इसके बाद, डिपके के खिलाफ एक नए मामले में BNSS की धारा 126 और 170 के तहत कार्रवाई की गई। उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है और स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां आगे की कार्रवाई तय होगी।

अभिजीत दीपके के खिलाफ यह नया मामला उस पुराने मामले से अलग है, जिसमें उन्हें 10 अक्टूबर को फ्लाइट में सफर के दौरान हिरासत में लिया गया था। उस मामले में उन्हें एक साल तक शांति बनाए रखने के लिए बॉन्ड भरना पड़ा था। इस बीच, CJP की रत्ना सिंह ने 'X' पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि गिरफ्तारी के बाद से डिपके का कुछ पता नहीं चल रहा है और उनके वकील भी उनसे नहीं मिल पाए हैं। सिंह ने लिखा, अभिजीत को गिरफ्तार कर लिया गया है और SEM कोर्ट में पेश किया जाएगा। उनकी लोकेशन अभी भी अज्ञात है, वकील उनसे नहीं मिले हैं।

दूसरी तरफ, यूट्यूबर ध्रुव राठी ने ऐलान किया कि वह लंदन पहुंच गए हैं। उन्होंने भारत में कथित चुनावी धांधली को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया। राठी ने 'X' पर लिखा,

मैं अभी लंदन पहुंचा हूं। अब वक्त आ गया है कि दुनिया वोट चोरों और लोकतंत्र के हत्यारों की असलियत देखे। इंटरनेशनल डंका बजाने का टाइम आ गया है।

उन्होंने लंदन में रहने वाले लोगों से कल दोपहर 12 बजे पार्लियामेंट स्क्वायर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने की अपील भी की। ये सारे घटनाक्रम ऐसे समय में हो रहे हैं जब विपक्षी नेता, 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन की पार्टियां और छात्र संगठन चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया और चुनाव कराने के तरीके के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।

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