ये है दिल्ली का कसाई, 18 लोगों को काटा, शव के टुकड़े संग पुलिस को देता था चुनौती

Published : Jan 19, 2025, 08:30 AM ISTUpdated : Jan 19, 2025, 08:32 AM IST
Chanderkant Jha

सार

कुख्यात सीरियल किलर चंद्रकांत झा, जिसे 'दिल्ली का कसाई' कहा जाता है, को दिल्ली पुलिस ने फिर से गिरफ्तार कर लिया है। झा पर 18 लोगों की हत्या का आरोप है और वह पैरोल से फरार था।

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने कुख्यात हत्यारे चंद्रकांत झा को गिरफ्तार कर लिया है। उसे एक साल से अधिक समय तक तलाश करने के बाद पकड़ा जा सका। सीरियर किलर चंद्रकांत झा 'दिल्ली का कसाई' नाम से कुख्यात है। उसने 18 लोगों की हत्याएं की हैं। अक्टूबर 2023 में पैरोल पर जेल से बाहर आने के बाद वह भाग निकला था।

पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार चंद्रकांत 57 साल का है। उसने 2006-2007 में दिल्ली को दहला दिया था। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को उसे पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया।

एसीपी (क्राइम ब्रांच) संजय कुमार सैन ने बताया कि छह महीने से अधिक समय से पुलिस चंद्रकांत झा के परिवार के लोगों, दोस्तों और सहयोगियों पर नजर रख रही थी। उसके पिछले अपराध स्थलों की टोह ली गई थी। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार में फल और सब्जी मंडियों में लोगों से पूछताछ की गई थी। इन जगहों पर चंद्रकांत ने काम किया था।

चंद्रकांत हत्या को मिली थी फांसी की सजा

चंद्रकांत हत्या के तीन मामलों में दोषी करार दिया गया है। 2013 में उसे दो बार फांसी की सजा सुनाई गई। हालांकि, 2016 में उसकी सजा कम कर उम्र कैद में बदल दी गई। उसपर 50 हजार रुपए का इनाम रखा गया था।

लाश के टुकड़ों को तिहाड़ जेल के पास फेंकता था चंद्रकांत

चंद्रकांत बेहद खौफनाक तरीके से हत्याएं करता था। वह शव के टुकड़े बोरियों में भरकर तिहाड़ जेल के पास फेंक देता था। इन टुकड़ों के साथ वह हाथ से लिखा नोट भी छोड़ता था। दिल्ली पुलिस को चुनौती देते हुए लिखता था, "मैंने यह हत्या की है। अगर तुम मुझे पकड़ सको तो पकड़ लो"।

बेहद सावधानी से लाश काटता था चंद्रकांत

संजय कुमार ने बताया कि चंद्रकांत झा हत्या करने से पहले पीड़ितों के हाथ बांध देता था। कहता था कि वह उन्हें सजा देगा। इसके बाद उनका गला घोंट देता था। वह शवों को बहुत सावधानी से टुकड़े-टुकड़े करता था ताकि कम से कम खून के छींटे पड़ें। इसके बाद शव के टुकड़ों को प्लास्टिक की थैलियों में पैक करता था। इन थैलियों को अपने मॉडिफाइड साइकिल-रिक्शा से ले जाकर फेंक देता था। वह शव के टुकड़े अक्सर तिहाड़ जेल के पास फेंकता था।

पहली बार 1998 में पुलिस के रडार पर आया था चंद्रकांत झा

चंद्रकांत झा पहली बार 1998 में पुलिस के रडार पर आया था। उसने आदर्श नगर में मंगल उर्फ ​​औरंगजेब नाम के व्यक्ति की हत्या की थी। उसके शव के टुकड़े कर शहर में अलग-अलग जगहों पर फेंक दिए थे। पुलिस के अनुसार पहले हत्या के कुछ महीने बाद चंद्रकांत को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन 2002 में उसे रिहा कर दिया गया था। जेल से बाहर आने के बाद भी उसने हत्याएं करना जारी रखा।

उसने एक के बाद एक कई हत्याएं की। इसमें शराबी होने के कारण अपने सहयोगी की हत्या, विश्वासघात के कारण बिहार से आए एक प्रवासी की हत्या, मारिजुआना पीने के कारण एक व्यक्ति की हत्या और कई अन्य शामिल हैं। कुल मिलाकर चंद्रकांत पर अब तक 18 लोगों की हत्या का आरोप है। 8वीं, क्लास तक पढ़ाई करने के बाद चंद्रकांत 1990 में दिल्ली आया था। उनकी दो बार शादी हुई। उनकी पांच बेटियां थीं।

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