
दिल्ली सरकार ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने और घरों की बिजली लागत कम करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली सौर ऊर्जा नीति के नए संस्करण की जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को तेजी से लागू करने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसलों का ऐलान किया।
नई व्यवस्था के तहत 400 यूनिट तक बिजली की खपत करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को अब बिना किसी शुरुआती भुगतान के 3 किलोवाट का रूफटॉप सोलर सिस्टम उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार ने पहले चरण में 2,000 परिवारों के घरों पर पूरी तरह मुफ्त रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने का फैसला किया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि नई व्यवस्था का सीधा फायदा उन घरेलू उपभोक्ताओं को मिलेगा जिनकी मासिक बिजली खपत 400 यूनिट तक है। ऐसे परिवारों के लिए 3 kW का रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाया जाएगा और इसके लिए उन्हें शुरुआत में अपनी जेब से कोई रकम नहीं देनी होगी। सरकार का फोकस फिलहाल 2,000 परिवारों से योजना को आगे बढ़ाने पर है। इन घरों पर रूफटॉप सोलर प्लांट पूरी तरह मुफ्त लगाया जाएगा।
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को गति देते हुए मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने दिल्ली सौर ऊर्जा नीति के नए संस्करण की घोषणा की है। सरकार ने सोलर प्लांट लगाने में आने वाली शुरुआती लागत, मेंटेनेंस और इंसेंटिव से जुड़ी बाधाओं को दूर करते हुए उपभोक्ताओं के लिए प्रक्रिया… pic.twitter.com/DUmwNSgOHE
— Asianetnews Hindi (@AsianetNewsHN) September 2, 2026
मुख्यमंत्री ने कहा कि रूफटॉप सोलर सिस्टम अपनाने में आम तौर पर तीन बड़ी अड़चनें सामने आती हैं- शुरुआत में लगने वाली लागत, इंसेंटिव मिलने में देरी और सिस्टम के रखरखाव की चिंता। दिल्ली सरकार की नई नीति में इन समस्याओं को दूर करने की कोशिश की गई है। इंसेंटिव को ही अपफ्रंट मॉडल में शामिल किया गया है। इसका मतलब है कि लाभार्थी को सोलर सिस्टम लगवाते समय शुरुआती आर्थिक बोझ नहीं उठाना पड़ेगा। यानी सोलर अपनाने की इच्छा रखने वाले परिवारों के लिए सबसे बड़ी बाधाओं में से एक, शुरुआती निवेश, को सरकार ने कम करने का रास्ता चुना है।
सिर्फ सोलर प्लांट लगाना ही नहीं, उसके बाद की जिम्मेदारी को लेकर भी सरकार ने व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, सोलर सिस्टम की ऑपरेशन और मेंटेनेंस की जिम्मेदारी पांच साल तक सरकार द्वारा अधिकृत वेंडर की होगी। इससे लाभार्थियों को सिस्टम के रखरखाव और तकनीकी दिक्कतों के लिए अलग से परेशान नहीं होना पड़ेगा। सरकार अधिकृत वेंडर के जरिए पांच साल तक इसकी देखरेख सुनिश्चित करेगी।
नई व्यवस्था के तहत सभी लाभार्थियों को नेट मीटरिंग की सुविधा भी दी जाएगी। इससे रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने वाले उपभोक्ताओं को बिजली के इस्तेमाल और सौर ऊर्जा उत्पादन का लाभ लेने में मदद मिलेगी। सरकार का जोर ऐसी व्यवस्था बनाने पर है जिसमें घरों में सौर ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़े और पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम हो।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस फैसले को दिल्ली के ऊर्जा भविष्य के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह कदम दिल्ली को स्वच्छ ऊर्जा, कम बिजली खर्च और सौर ऊर्जा आधारित भविष्य की ओर ले जाने वाला ऐतिहासिक फैसला है। सरकार की नई पहल में एक तरफ घरेलू उपभोक्ताओं के लिए रूफटॉप सोलर को आसान बनाने की कोशिश है, वहीं दूसरी ओर दिल्ली में स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ाने का लक्ष्य भी है। 400 यूनिट तक बिजली खपत वाले घरेलू उपभोक्ताओं के लिए जीरो अपफ्रंट कॉस्ट, पांच साल का ऑपरेशन और मेंटेनेंस तथा नेट मीटरिंग जैसी सुविधाओं के साथ सरकार ने सोलर सिस्टम अपनाने की प्रक्रिया को ज्यादा आसान बनाने की कोशिश की है।
पहले चरण में 2,000 परिवारों से शुरू होने वाली यह पहल आगे कितने घरों तक पहुंचती है, यह इसके क्रियान्वयन और लाभार्थियों की भागीदारी पर निर्भर करेगा। फिलहाल सरकार ने साफ कर दिया है कि दिल्ली में रूफटॉप सोलर और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
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