
दिल्ली सरकार राजधानी में रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने के लिए नई सोलर पॉलिसी को तेजी से लागू करने जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि नई नीति के तहत यूटिलिटी लेड एग्रीगेशन मॉडल अपनाया जाएगा। इसे आईपीजीसीएल के माध्यम से प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के जरिए लागू किया जाएगा। सरकार का कहना है कि प्रतिस्पर्धी बोली से उपभोक्ताओं को सोलर सिस्टम की बेहतर कीमत के साथ अच्छी गुणवत्ता भी मिल सकेगी। इसके लिए पूरी प्रक्रिया को एक व्यवस्थित मॉडल के तहत आगे बढ़ाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि आईपीजीसीएल रूफटॉप सोलर सिस्टम से जुड़ी पूरी प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाएगी। इसमें इंस्टॉलेशन, वेंडर कोऑर्डिनेशन, शिकायतों का समाधान और उपभोक्ता सुविधाओं से जुड़े काम शामिल होंगे। इसके अलावा चयनित वेंडर की ओर से सोलर सिस्टम लगाने के बाद शुरुआती 5 वर्षों तक मुफ्त ऑपरेशन और मेंटेनेंस (O&M) की सुविधा भी दी जाएगी। इससे उपभोक्ताओं पर सिस्टम के रखरखाव का शुरुआती बोझ कम होगा।
दिल्ली को स्वच्छ ऊर्जा और आत्मनिर्भर बिजली व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने नई सोलर पॉलिसी के तहत यूटिलिटी लेड एग्रीगेशन मॉडल (Utility-Led Aggregation Model) लागू करने की घोषणा की है। इसे IPGCL के माध्यम से प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया… pic.twitter.com/XeJbnUjqOk
— Asianetnews Hindi (@AsianetNewsHN) September 1, 2026
दिल्ली सरकार ने सोलर नेट मीटरिंग की प्रक्रिया को भी आसान और तेज किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि अब नेट मीटरिंग की प्रक्रिया को 75 दिन से घटाकर 25 दिन कर दिया गया है। सरकार का फोकस सोलर सिस्टम लगाने वाले उपभोक्ताओं के लिए प्रक्रिया को कम जटिल बनाने पर है। इससे रूफटॉप सोलर अपनाने में लगने वाला समय घटेगा और लोगों को बिजली व्यवस्था में सौर ऊर्जा का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
नई सोलर पॉलिसी के तहत 10 kW तक के रेजिडेंशियल सोलर सिस्टम के लिए एप्लीकेशन और रजिस्ट्रेशन चार्ज पूरी तरह माफ कर दिए गए हैं। सरकार के इस फैसले से घरेलू उपभोक्ताओं के लिए रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाना पहले की तुलना में आसान होने की उम्मीद है। खास तौर पर छोटे और मध्यम आकार के घरेलू सोलर सिस्टम को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली सोलर पॉलिसी का लक्ष्य मार्च 2027 तक 500 मेगावाट अतिरिक्त रूफटॉप सोलर क्षमता विकसित करना है। सरकार इसे दिल्ली में स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रही है। इसके जरिए बिजली की जरूरतों को पूरा करने में सौर ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ाने और दिल्ली को अधिक आत्मनिर्भर बिजली व्यवस्था की ओर ले जाने का प्रयास किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली को स्वच्छ ऊर्जा और आत्मनिर्भर बिजली व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए सोलर पॉलिसी पर तेजी से काम किया जाएगा। सरकार की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा उपभोक्ता रूफटॉप सोलर से जुड़ें और राजधानी में स्वच्छ ऊर्जा का दायरा लगातार बढ़े।
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