दिल्ली में 18.75 लाख से ज्यादा Pink Saheli Smart Card जारी हुए। CM रेखा गुप्ता ने कहा, कार्ड से महिलाओं के लिए मुफ्त बस सफर आसान और सुविधाजनक हुआ।
दिल्ली में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा को डिजिटल और ज्यादा सुविधाजनक बनाने की दिशा में Pink Saheli Smart Card योजना तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि अब तक 18.75 लाख से ज्यादा Pink Saheli Smart Cards जारी किए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि दिल्ली में किसी महिला को कॉलेज जाना हो, करियर बनाना हो या शहर में कहीं भी अपने सपनों का पीछा करना हो, Pink Saheli Smart Card के जरिए बस यात्रा आसान और मुफ्त बनाई जा रही है। उन्होंने इसे महिलाओं की आवाजाही और अवसरों तक पहुंच बढ़ाने वाली पहल के रूप में पेश किया।
Pink Saheli Smart Card: दिल्ली की महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा
Pink Saheli Smart Card का इस्तेमाल दिल्ली की पात्र महिला यात्रियों को DTC और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने के लिए किया जा रहा है। कार्ड को बस में टैप करने के बाद यात्रा की प्रक्रिया पूरी होती है। DTC के दस्तावेजों के मुताबिक यह कार्ड महिला और ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा से जुड़ा है। इस व्यवस्था का एक बड़ा बदलाव यह है कि पहले जहां मुफ्त यात्रा के लिए कागजी Pink Ticket का इस्तेमाल होता था, वहीं अब सरकार स्मार्ट कार्ड आधारित सिस्टम की ओर बढ़ रही है।
18.75 लाख से ज्यादा कार्ड का आंकड़ा, डिजिटल सिस्टम पर जोर
CM रेखा गुप्ता के मुताबिक 18.75 लाख से अधिक कार्ड जारी हो चुके हैं। यह आंकड़ा बताता है कि योजना को दिल्ली में बड़े पैमाने पर अपनाया जा रहा है। इससे पहले मई 2026 में सरकार ने बताया था कि 18 मई तक 8,40,618 Pink Saheli Smart Cards जारी किए गए थे। उस समय कार्ड वितरण के लिए DTC कार्यालयों, SDM कार्यालयों और विशेष कैंपों समेत 73 केंद्रों का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसके बाद सरकार ने कार्ड वितरण का अभियान और तेज किया। अगस्त में करीब 18 लाख कार्ड वितरित होने की जानकारी सामने आई थी और महिलाओं को स्मार्ट कार्ड व्यवस्था की ओर ले जाने के लिए शहर में अधिक केंद्र बनाए गए थे।
Delhi Free Bus Travel: महिलाओं को क्या फायदा?
इस योजना का सीधा असर उन महिलाओं पर पड़ता है जो रोजाना पढ़ाई, नौकरी, कारोबार या दूसरे जरूरी कामों के लिए सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर हैं। मुख्यमंत्री के संदेश में कॉलेज, करियर और अपने सपनों का जिक्र इसी व्यापक संदर्भ में किया गया है। नियमित बस यात्रा पर खर्च कम होने से महिलाओं के लिए शहर के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंच आसान हो सकती है। खासकर रोज आने-जाने वाली यात्राओं में यह सुविधा आर्थिक राहत का जरिया बनती है। दिल्ली में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा पहले से लागू व्यवस्था है। Pink Saheli Smart Card का उद्देश्य इसी सुविधा को कागज से डिजिटल माध्यम में बदलना है।
Pink Saheli Card से क्या बदला? अब टैप करके मिलेगी सुविधा
नए सिस्टम में पात्र महिला यात्री को बस में कार्ड टैप करना होता है। DTC के अनुसार Pink Saheli Smart Card एक National Common Mobility Card (NCMC) आधारित कार्ड है। विभागीय दस्तावेजों के मुताबिक इसे दूसरे ट्रांजिट सिस्टम में इस्तेमाल करने की क्षमता के साथ डिजाइन किया गया है।
रिपोर्टों के मुताबिक कार्ड के कुछ संस्करणों में अतिरिक्त भुगतान सुविधाओं को भी जोड़ा गया है। ऐसे कार्ड को भविष्य में अन्य सार्वजनिक परिवहन माध्यमों और भुगतान के लिए इस्तेमाल करने की व्यवस्था विकसित की जा रही है। यानी पहल केवल बस में मुफ्त यात्रा तक सीमित रखने के बजाय दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन को ज्यादा डिजिटल और एकीकृत बनाने की दिशा में भी देखी जा रही है।
Pink Ticket से Smart Card तक पहुंचा सिस्टम
Pink Saheli Smart Card आने से पहले महिलाओं को मुफ्त यात्रा के लिए बस में कागजी Pink Ticket मिलता था। सरकार अब इस व्यवस्था को धीरे-धीरे खत्म कर स्मार्ट कार्ड सिस्टम लागू कर रही है। सितंबर में भी इस बदलाव को लेकर समयसीमा में बदलाव किया गया। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक DTC ने कागजी Pink Ticket की व्यवस्था को 30 सितंबर 2026 तक बढ़ाया है, जबकि Pink Saheli Smart Card को 1 अक्टूबर 2026 से मुफ्त यात्रा के लिए अनिवार्य किए जाने की जानकारी दी गई है। इसका मतलब है कि पात्र महिलाओं के लिए स्मार्ट कार्ड बनवाना अब सिर्फ सुविधा का मामला नहीं, बल्कि मुफ्त बस यात्रा जारी रखने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।
Women Empowerment: यात्रा की सुविधा से बढ़ते अवसर
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने संदेश में Pink Saheli Smart Card को Nari Shakti से जोड़ते हुए कहा कि हर यात्रा दिल्ली की महिलाओं के लिए शहर और संभावनाओं के नए रास्ते खोल रही है। कॉलेज, नौकरी, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, कारोबार या दूसरे व्यक्तिगत कामों के लिए रोजाना सफर करने वाली महिलाओं के लिए सार्वजनिक परिवहन की लागत एक अहम मुद्दा होती है। ऐसे में मुफ्त बस यात्रा की सुविधा उनके दैनिक खर्च को कम कर सकती है और सार्वजनिक परिवहन तक पहुंच बनाए रखने में मदद कर सकती है। योजना के डिजिटल होने से सरकार के सामने एक और लक्ष्य है- मुफ्त यात्रा की प्रक्रिया को ज्यादा व्यवस्थित, रिकॉर्ड आधारित और आसान बनाना। अब तक जारी किए गए 18.75 लाख से अधिक कार्ड इसी बदलाव के बड़े पैमाने को दिखाते हैं।
