हरियाणा के स्कूलों की उड़ी धज्जियां, शौचालय का नहीं नामों निशाना, बच्चे बेहाल

Published : Jan 05, 2025, 03:35 PM ISTUpdated : Jan 05, 2025, 04:09 PM IST
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सार

हरियाणा में टोटल 23,517 स्कूल मौजूद है, जिसमें 767 स्कूलों में लड़कियों के लिए टॉयलेट भी नहीं है। जानिए बाकी स्तर पर क्या है हरियाणा के स्कूलों का हाल।

हरियाणा। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की तरफ से स्कूलों की हालत को लेकर कुछ चौंकाने वाले आंकडे शेयर किए है, जिसकी उम्मीद किसी को भी नहीं थी। हरियाणा में टोटल 23,517 स्कूल मौजूद है, जिसमें 767 स्कूलों में लड़कियों के लिए टॉयलेट भी नहीं है। वहीं, 1,263 स्कूलों में लड़कों को टॉयलेट की सुविधा उपलब्ध नहीं है। हरियाणा में 22,918 स्कूलों में टॉयलेट उपलब्ध है, लेकिन केवल 22,750 ही इस्तेमाल करने लायाक है। लड़कों के लिए 22,421 स्कूल मौजूद है, जिनमे से केवल 22,254 स्कूलों में ही टॉयलेट इस्तेमाल करने लायक है। ऐसे में ये सबसे बड़ी मुसीबत परिजनों और बच्चों के सामने आ खड़ी हुई है।

वहीं, पूरे देश की बात करें तो 7.14 प्रतिशत स्कूलों में लड़कियों के लिए टॉयलेट की कमी है। वहीं, 1 लाख से ज्यादा स्कूल इससे प्रभावित चल रहे हैं। वैसे देखा जाए तो राष्ट्रीय औसत से हरियाणा की स्थिति काफी बेहतर है। हरियाणा के 146 स्कूलों में बिजली की कमी है। करीब 7,591 स्कूलों में इंटरनेट की सुविधा मौजूद नहीं है, जबकि आजकल सारी पढ़ाई डिजिटल के आधार पर हो रही है। वहीं, 22,721 स्कूल ऐसे मौजूद हैं। जो स्टू़डेंट्स को कंप्यूटर की सुविधा उपलब्ध करवाते हैं। देश में केवल 53 प्रतिशत स्कूलों में इंटरनेट की सुविधा दी गई है।

867 स्कूलों में एक ही टीचर तैनात

इसके अलावा हरियाणा में 81 स्कूल ऐसे हैं जिनमें 178 टीचर्स नियुक्त हैं, लेकिन इनमें कोई छात्र पढ़ाई के लिए मौजूद नहीं है। 867 स्कूलों की हालत ऐसी है जहां पर केवल एक ही टीचर डियूटी पर मौजूद है। हरियाणा में 5.6 मिलियन छात्रों और 250,909 शिक्षकों का कुल नामांकन है। राज्य की शिक्षा प्रणाली संसाधन आवंटन के मुद्दों से भी जूझ रही है। ऐसे में छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर इसका असर देख रहा है। हरियाणा के शिक्षा स्तर पर यदि ध्यान दिया जाए तो बच्चों का भविष्य बेहतरीन हो सकता है।

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