Delhi Master Plan 2047: 24-Hour Zones से TOD तक, 2047 तक बदलेगी राजधानी की तस्वीर

Published : Aug 20, 2026, 06:39 PM IST
Delhi Master Plan 2047 launched

सार

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने 'दिल्ली मास्टर प्लान 2047' का ऐलान किया है। इस प्लान के तहत दिल्ली की बढ़ती आबादी के लिए 30 से 40 लाख नए घर बनाने का लक्ष्य है, जिनमें किफायती घरों पर खास जोर होगा। साथ ही, शहर में '24-घंटे वाले जोन' भी बनाए जाएंगे।

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के साथ मिलकर 'दिल्ली मास्टर प्लान 2047' को पेश किया। यह प्लान 'विकसित भारत' के विजन के तहत दिल्ली के शहरी विकास का एक लंबा रोडमैप है। मनोहर लाल खट्टर ने बताया कि 'दिल्ली मास्टर प्लान 2047' के तहत राजधानी की बढ़ती आबादी के लिए 30 से 40 लाख नए घर बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इसमें सबसे ज्यादा ध्यान सस्ते यानी किफायती घर बनाने पर होगा।

दिल्ली की आबादी 2047 तक 3.20 करोड़ पहुंचने का अनुमान

प्रेस कॉन्फ्रेंस में खट्टर ने बताया कि दिल्ली की आबादी दशकों से तेजी से बढ़ी है। जो आबादी 1991 में 94 लाख थी, वो 2001 में 1.38 करोड़ और 2021 में 2.12 करोड़ हो गई। अभी दिल्ली की आबादी करीब 2.40 करोड़ है और अनुमान है कि 2047 तक यह 3.20 करोड़ तक पहुंच जाएगी। खट्टर ने कहा,

शहर का कुल एरिया तो 1,483 वर्ग किलोमीटर ही है, जो बढ़ नहीं सकता। ऐसे में बढ़ती आबादी से जगह और इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी दबाव पड़ता है। इसी वजह से एक योजना के तहत शहरी विकास की जरूरत है।

Nuclear Families को देखते हुए 30 से 40 लाख नए घर बनाने की तैयारी

आने वाले समय में 80 लाख की आबादी बढ़ने और एकल परिवारों (Nuclear families) के बढ़ते चलन को देखते हुए, इस नए प्लान में 30 से 40 लाख नए घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें किफायती घरों पर खास फोकस रहेगा। खट्टर ने बताया कि यह प्लान इसलिए बनाया गया है ताकि दिल्ली का भविष्य में होने वाला विस्तार एक योजना के तहत हो और लोगों की बदलती जरूरतों को पूरा किया जा सके।

Delhi Public Transport: Metro, Bus Network और RRTS को मिलेगी प्राथमिकता

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि लोगों को आने-जाने में आसानी हो, इसके लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर को प्राथमिकता दी जाएगी। इसमें मेट्रो रेल, बस नेटवर्क और RRTS शामिल हैं। इन बड़े ट्रांजिट रूट्स के किनारे घनी आबादी वाले विकास के लिए एक खास ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) पॉलिसी भी होगी।

Delhi 24-Hour Zones: दिन-रात काम करने वाले इलाकों का प्रस्ताव

चौबीसों घंटे खुले रहने वाले इलाकों के प्रस्ताव पर जोर देते हुए खट्टर ने कहा,

शहर में '24-घंटे वाले जोन' बनाने का भी प्रस्ताव है, जहां दिन-रात काम चलता रहेगा। इन जगहों के लिए 24 घंटे ट्रांसपोर्ट सर्विस, खासकर मेट्रो कनेक्टिविटी, सुनिश्चित करने के लिए भी नियम बनाए जा रहे हैं।

Low-Density Development Areas में 18 मीटर सड़क और 45 मीटर ROW का प्रावधान

कम घनत्व वाले विकास क्षेत्रों (low-density development areas) पर खट्टर ने कहा,

कम घनत्व वाले इलाकों के लिए भी योजनाएं बनाई गई हैं। इनमें 18 मीटर चौड़ी अंदरूनी सड़कें और 45 मीटर राइट ऑफ वे (ROW) वाली मास्टर ट्रंक सड़कें बनाने का प्रावधान है। जाम को सही तरीके से मैनेज करने के लिए, 15 से 18 मीटर की अंदरूनी सड़कों के दोनों तरफ प्लॉट के साथ खुली जगह छोड़ना जरूरी होगा।

TDR और FAR Rules: 2.5 एकड़ के बेंचमार्क पर मिलेगा लाभ

जमीन के विकास से जुड़े नियमों के बारे में समझाते हुए खट्टर ने कहा,

इन जोन में काटे गए प्लॉट के मालिकों को 2.5 एकड़ के स्टैंडर्ड बेंचमार्क के आधार पर टीडीआर (ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स) और एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो) दिया जाएगा। इसका मतलब यह है कि अगर किसी का प्लॉट 2.5 एकड़ से छोटा भी है, तो भी मालिक को 2.5 एकड़ के प्लॉट से जुड़ा पूरा एफएआर का फायदा मिलेगा। इसका नतीजा यह होगा कि इन कम घनत्व वाले विकास क्षेत्रों में 2.5 एकड़ से छोटे प्लॉट पर फार्महाउस नहीं बनाए जा सकेंगे।

Delhi Urban Planning History: 1957 में हुई DDA की स्थापना

दिल्ली की शहरी प्लानिंग के इतिहास के बारे में बताते हुए खट्टर ने कहा कि 1957 में दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) की स्थापना हुई थी, जिसके बाद 1962 में शहर का पहला डेवलपमेंट प्लान बना। उन्होंने कहा,

दिल्ली के विस्तार को पड़ोसी इलाकों से बेहतर ढंग से जोड़ने और क्षेत्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के लिए 1985 में एनसीआर प्लानिंग बोर्ड बनाया गया था। इसके बाद 1991 में दूसरा डेवलपमेंट प्लान (2001 प्लान) और 2007 में तीसरा (दिल्ली डेवलपमेंट प्लान 2021) आया। आज, 2026 में, दिल्ली विकास योजना 2047 को आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया गया है, जो विकसित भारत के मौजूदा विजन के साथ मिलकर राजधानी के 2047 तक के विकास के लिए एक स्ट्रक्चर्ड रोडमैप तैयार करेगा।

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