
दिल्ली. दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी और रिमांड पर बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जिसमें ईडी की तरफ से एएसजी एसवी राजू ने पैरवी की। वहीं केजरीवाल की तरफ से सीनियर एडवोकेट मनु सिंघवी द्वारा पैरवी की जा रही है। बुधवार को इस मामले में एएसजी राजू ने सख्त लहजे में यहां तक कह दिया कि हम अंधेरे में तीर नहीं चला रहे हैं। हमारे पास वॉट्सअप चैट, हवाला आपरेटर्स के बयान के साथ ही आयकर विभाग का डाटा भी है। यानी उनका साफ कहना था कि हमारे पास केजरीवाल के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं।
दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के मामले में बुधवार को हुई सुनवाई में सीएम के वकील सिंघवी ने प्रमुखता से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार करके पार्टी को खत्म करने की कोशिश की गई है।
केजरीवाल के पक्ष में बोले सिंघवी
दिल्ली हाईकोर्ट में जज स्वर्णकांता शर्मा की अदालत में अरविंद केजरीवाल की तरफ से पैरवी करते हुए मनु सिंघवी ने कहा कि लेवल प्लेइंग को देखते हुए ये बहुत इम्पोर्टेंट केस है। जिसमें स्वतंत्र और निष्पक्ष लोकसभा चुनाव शामिल है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव लोकतंत्र का हिस्सा है। लेकिन केजरीवाल की गिरफ्तारी से यह तय हो गया है कि वे लोकतांत्रिक गतिविधियों में शामिल नहीं हो पाएंगे। उनका कहना था कि केजरीवाल को पहला समन अक्टूबर 2023 को भेजा गया था। जबकि गिरफ्तारी 21 मार्च को हुई है। जिससे दुर्भावना की बदबू आती है। उनकी गिरफ्तारी की टाइमिंग इशारा करती है कि ये गिरफ्तार असंवैधानिक है।
भड़क उठे एएसजी राजू
ईडी के वकील एएसजी राजू ने कहा कि हम अंधेरे में तीर नहीं चला रहे हैं। हमारे पास वॉट्सअप चैट, हवाला आपरेटर के बयान और आयकर विभाग की डिटेल भी है। उन्होंने कहा कि अगर कोई चुनाव से 2 दिन पहले मर्डर कर देता है। तो क्या उसे गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। क्या उस समय ये कह सकते हैं कि मुझे गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है क्योंकि इससे मूलभूत ढांचे को नुकसान होगा। वे बोले अपराधी और आरोपी द्वारा यह नहीं कहा जा सकता है कि चुनाव है इसलिए गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है। इससे तो अपराधियों को खुलेआम घूमने का लाइसेंस मिल जाएगा।
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