
बेंगलुरु। बेंगलुरु जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड (BWSSB) ने नल एरेटर की अनिवार्य स्थापना के संबंध में शहर भर के रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) को नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है। 21 मार्च को BWSSB ने घोषणा की कि 31 मार्च तक उपयोगकर्ताओं द्वारा एरेटर लगाने में देरी करने से जलापूर्ति में 50% की कमी होगी और 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने बेंगलुरु जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड (BWSSB) द्वारा 27 मार्च को पूर्वी बेंगलुरु में एक RWA को टैप एरेटर की अनिवार्य स्थापना के संबंध में जारी एक नोटिस देखा। नोटिस में लिखा गया है कि पानी की मांग अथवा संकट को कम करने के लिए नल के रिसाव के माध्यम से पानी की बर्बादी को रोकना आवश्यक है। इस समस्या के समाधान के लिए नलों में एरेटर लगाना जरूरी है। इसके मदद से पानी के बर्बादी को 25-40% तक कम कर सकते हैं। हमें आशा है कि पानी की कमी की गंभीरता को अच्छी तरह से समझा गया है।
BWSSB के नोटिस में कड़े शब्दों में चेतावनी
नोटिस में कहा गया है कि अगर किसी ने नल में एरेटर नहीं लगाया तो BWSSB अधिनियम 1964, धारा 109 के तहत 5000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, आपके परिसर में पानी की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी या 50 फीसदी की कमी की जाएगी। ये सारी कार्रवाई बिना किसी सूचना के दिए बिना की जाएगी। BWSSB उपभोक्ताओं को मांग के अनुसार नियमित रूप से कावेरी पीने का पानी उपलब्ध करा रहा है। कावेरी नदी बेसिन बेंगलुरु शहर के लिए पीने के पानी का एकमात्र स्रोत है। कई BWSSB उपभोक्ता अपनी नियमित जरूरतों को पूरा करने के लिए बोरवेल के पानी पर निर्भर हैं।
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