
दिल्ली. अगर आपको कोई मोबाइल ऐप के जरिये बड़ी आसानी से लोन उपलब्ध कराने की बात कर रहा है, तो अलर्ट हो जाइए। दिल्ली पुलिस ने 6 लोगों की गिरफ्तारी के साथ ऑनलाइन ठगी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गैंग 'कैश एडवांस' ऐप के जरिए लोन के बहाने देश भर में 1,900 से अधिक लोगों को ठगा चुका था।
कैश एडवांस ऐप ठगी : ऑनलाइन लोन से अलर्ट, साइबर क्राइम
दिल्ली पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने 5 जून को बताया कि यह गैंग एक ऐप के माध्यम से अवैध रूप से लोगों के मोबाइल डेटा तक पहुंच प्राप्त करके इंस्टेंट लोन प्रदान करने के बहाने बड़े पैमाने पर जनता को ब्लैकमेल कर रहा था। अधिकारी ने कहा कि रिकॉर्ड में 350 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन और गिरोह के संदिग्ध क्रिप्टो एक्सचेंज सामने आए हैं।
दिल्ली साइबर गैंग-ऑनलाइन लोन के जरिये ठगी
पुलिस ने कहा कि गिरोह के सदस्यों की पहचान गुजरात के सूरत निवासी मुस्तजब गुलाम मोहम्मद नवीवाला-32 और अनीसभाई अशरफभाई विंची-51, पश्चिम बंगाल के नदिया निवासी गोकुल बिस्वास (53), महिपालपुर निवासी नितिन-24, अशोक-36 और बलवंत-39 ये सभी दिल्ली के सुल्तानपुरी निवासी के रूप में हुई है।
अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने सात मोबाइल फोन, एक लैपटॉप भी बरामद किया है, जबकि विभिन्न बैंक खातों में जमा 60 लाख रुपए फ्रीज किए गए हैं।
दिल्ली में ऐप लोन के जरिये चीटिंग, ऑनलाइन फ्रॉड अलर्ट
पुलिस के अनुसार, मॉडल टाउन निवासी जय गोयल ने शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ लोग लोन ऐप कैश एडवांस के माध्यम से अवैध रूप से मोबाइल डेटा तक पहुंच बनाकर तत्काल कर्ज प्रदान करने के बहाने बड़े पैमाने पर जबरन वसूली और ब्लैकमेल कर रहे थे।
पुलिस उपायुक्त, इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (IFSO), प्रशांत गौतम ने कहा, "आगे, NCRP पोर्टल की खोज पर, दिल्ली क्षेत्र से कुल 102 शिकायतें और पूरे भारत से 1,977 शिकायतें एक ही ऐप के खिलाफ दर्ज की गईं।"
डीसीपी के अनुसार, गैंग की धरपकड़ करने के लिए सब-इंस्पेक्टर सोनम जोशी के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया था। इस टीम में एसआई करमवीर और हरजीत, एएसआई नीरज पांडे और सुरेंद्र राठी शामिल थे।
ऑनलाइन लोन ऐप के जरिये देशभर में ठगी
पुलिस की जांच में सामने आया कि ये फ्रॉड कंपनियां दिल्ली, सूरत, केरल और कोलकाता के पते पर रजिस्टर्ड थीं। अभी इनके डायरेक्टर्स का पता नहीं चल सका है।
डीसीपी ने आगे कहा कि मामले को सुलझाने और दोषियों को पकड़ने के लिए सब-इंस्पेक्टर सोनम जोशी के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया था, जिसमें एसआई करमवीर और हरजीत, एएसआई नीरज पांडे और सुरेंद्र राठी शामिल थे।
अधिकारी ने कहा, "एक अन्य आरोपी नितिन एक टीम लीडर के रूप में एक चीनी लोन ऐप कंपनी में काम कर चुका था। यानी वो लोन ऐप के काम और रिकवरी प्रॉसेस से अच्छी तरह वाकिफ है।
यह भी पढ़ें
Other Indian State News (अन्य राज्य समाचार) - Read Latest State Hindi News (अन्य राज्य की खबरें), Regional News, Local News headlines in Hindi from all over the India.