
नई दिल्ली. देश के कई राज्यों में कंजंक्टिवाइटिस के मामले बढ़ रहे हैं। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के कई स्कूलों ने बच्चों की स्कूल टाइमिंग कम कर दी है। पिछले कुछ हफ्तों में दिल्ली और आसपास के इलाकों में कंजंक्टिवाइटिस के कई मामले सामने आ रहे हैं। बारिश के सीजन में आंखों की यह बीमारी तेजी से फैलती है। इसे लेकर एक्सपर्ट ने अलर्ट जारी किया है। दिल्ली में प्राइवेट आई केयर हॉस्पिटल ने NCR में कंजंक्टिवाइटिस के 1,032 मामले, जबकि पूरे भारत में 1,521 मामले दर्ज किए हैं।
क्या है Conjunctivitis बीमारी, क्या हैं इसके लक्षण, क्यूं दिल्ली एम्स में बढ़ गए इसके मरीज?
दिल्ली एम्स में आरपी सेंटर फॉर ऑप्थेलमिक साइंसेज के प्रमुख डॉ. जेएस टिटियाल के हवाले से NDTV ने लिखा कि राष्ट्रीय राजधानी में रोज 100 मामले डॉक्टरों के पास पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक आमतौर पर कंजंक्टिवाइटिस में मौसमी वृद्धि होती है, जो फ्लू के मौसम के साथ मेल खाता है। कंजंक्टिवाइटिस मामले ज्यादातर वायरस के कारण होते हैं।
कंजंक्टिवाइटिस कैसे और कब फैलता है?
कंजंक्टिवाइटिस के मामले मानसून के मौसम के दौरान सामने आते हैं। इसमें आंखें लाल हो जाना, खुजली, लाली, पानी आना और कभी-कभी डिस्चार्ज यानी आंसू निकलने लगते हैं। यह संक्रमित रोग है।
शॉर्प साइट आई हॉस्पिटल के डायरेक्टर और को-फाउंडर डॉ. समीर सूद के हवाले से कहा गया कि इस बार कंजंक्टिवाइटिस के मामले पिछले मानसून की तुलना में बढ़े हैं। पिछले साल NCR में 664 मामले, जबकि देशभर में 1202 का रिकॉर्ड सामने आया था।
आई फ्लू यानी कंजंक्टिवाइटिस से बचने के क्या हैं उपाय?
1. डॉ. जेएस टिटियाल के अनुसार, जब भी कहीं बाहर से घर पहुंचे, तो आंखों और हाथों को अच्छे से धोएं। साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें।
2. अपने परिवार में किसी ऐसे व्यक्ति के साथ बंद संपर्क से बचने की कोशिश करें, जिसे आई फ्लू है।
3. अगर कंजंक्टिवाइटिस है या लक्षण हैं, तो काले चश्मे का उपयोग करें, तैराकी से बचें, दूसरों के साथ निकट संपर्क से बचें, अपनी आंखों को न छुएं, अन्य छात्रों में फैलने से बचने के लिए बच्चे कुछ दिनों के लिए स्कूल जाने से बच सकते हैं।
4. भीड़भाड़ वाली जगहों से बचें और रेलिंग या हैंडल जैसी सामान्य वस्तुओं को छूने से बचें। केवल एंटीबायोटिक आई ड्रॉप का उपयोग करें।
5. तौलिये या आंखों के मेकअप जैसी व्यक्तिगत वस्तुओं को शेयर करने से बचें, इससे संक्रमण फैल सकता है।
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