
Gujarat Bridge Quality Row: गुजरात के नर्मदा जिले में करजण नदी पर बना एक महत्वपूर्ण पुल अब सवालों के घेरे में है। राजपीपळा-रामगढ़ (नवागाम) रोड पर बने इस मेजर ब्रिज की गुणवत्ता जांच में गंभीर खामियां सामने आने के बाद मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कड़ा रुख अपनाया है। सरकार ने ठेकेदार के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
सड़क एवं भवन विभाग ने पुल की जांच के दौरान एक फाउंडेशन के धंसने की समस्या पकड़ी। इसके बाद क्वालिटी कंट्रोल विभाग को पूरे पुल का परीक्षण और निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। जांच आगे बढ़ी तो पुल के दूसरे हिस्सों में भी क्षतियां सामने आईं। स्थिति इतनी गंभीर बताई गई कि पुल को यातायात के लिए सुरक्षित नहीं पाया गया और उस पर आवाजाही बंद करना जरूरी हो गया।
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इस पुल का निर्माण कार्य मेसर्स रॉयल इन्फ्रा इंजीनियरिंग प्रा. लि., सूरत को दिया गया था। परियोजना की निविदा राशि 10.71 करोड़ रुपये थी। काम 15 सितंबर 2018 को शुरू हुआ, जबकि विभागीय जानकारी के अनुसार निर्माण कार्य 14 अगस्त 2020 को पूरा हुआ। गुणवत्ता में गंभीर खामियां मिलने के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर सड़क एवं भवन विभाग ने राजपीपळा पुलिस थाने में ठेकेदार और उसके प्रतिनिधियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर ली है।
मामला सिर्फ ठेकेदार तक सीमित नहीं है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने निर्माण में खराब गुणवत्ता और लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इनके खिलाफ गुजरात राज्य सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1971 के तहत कार्रवाई शुरू की जाएगी। सरकार का संदेश साफ है कि सार्वजनिक निर्माण में गुणवत्ता और सुरक्षा से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हालांकि, FIR और विभागीय कार्रवाई के बाद मामले में जिम्मेदारी अंतिम रूप से तय होना जांच और कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
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